पटना का चर्चित हत्याकांड का सबूत चूहे ने किया ‘चट’, पुलिस की कार्रवाई अब ‘मझदार’ में फंसी
फुलवारी शरीफ। बिहार के चूहे के कारनामे भी समय-समय पर सामने आते रहते हैं। शराब पीकर मदहोश रहने वाले चूहे ने अब सबूत ही चट कर दिया है। दो साल पहले उप महापौर के पति दीनानाथ को एके-47 से बीच सड़क पर भून दिया गया था। उक्त चर्चित हत्याकांड मामले में पुलिस की कार्रवाई अब मझदार में फंस गई है। मौका-ए-वारदात से उठाई गई खून से सनी मिट्टी को चूहे ने अपना निवाला बना लिया है। वहीं मलखाना प्रभारी के निधन के कारण एके-47 के मिले खोखे की भी जांच नहीं हो सकी है। जिससे वारदात का पूरा मामला ठंडे बस्ते में चला गया है। हालांकि कांड के अनुसंधानकर्ता रंजीत कुमार का कहना है कि इस मामले में सभी नामजदों के खिलाफ आरोप पत्र दायर कर दिया गया है। मगर मलखाना में रखी मिट्टी चूहे खा गए और मलखाना प्रभारी के निधन के कारण बरामद एके-47 के खोखे की जांच संभव नहीं हो सकी है।
क्या था मामला
12 मई 2018 को राजधानी पटना के अनीसाबाद में बीच सड़क पर रात के समय पटना नगर निगम की उप महापौर के पति दीनानाथ यादव को अपराधियों ने एके-47 से भून दिया था। इस वारदात में दीनानाथ की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि तीन अन्य सहयोगी गंभीर रूप से घायल हो गये थे। राजधानी में बीच सड़क पर हुई एके-47 से हत्या के बाद पटना पुलिस सकते में आ गई थी। उस समय के तत्कालीन डीजीपी ने पुलिस वालों को टास्क दिया था कि जो एके-47 बरामद करेगा, उससे पुरस्कार दिया जाएगा। पुलिस की पूरी टीम एके-47 की बरामदगी के लिए ताकत झोंक दी थी। मगर नतीजा कुछ भी नहीं निकला। पुलिस ने मौके वारदात से खून लगी मिट्टी और एके-47 की गोली को जब्त कर जांच के लिए गर्दनीबाग थाना के मलखाना में रखा। मलखाना में रखे इस मिट्टी को चूहा ने अपना निवाला बना लिया। इतना ही नहीं, मलखाना प्रभारी के निधन के कारण उसमें रखे एके-47 के खोखे की जांच भी तीन साल के बाद भी नहीं हो सकी।


