कांग्रेस प्रत्याशी के जिन्ना की तस्वीर वाले विवाद को लेकर बिहार के राजनीति में उबाल,भाजपा जदयू ने लगाया निशाना तो कांग्रेस ने किया पलटवार
पटना बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में कांग्रेस से दरभंगा के जाले सीट के उम्मीदवार को लेकर राजनीति में बवाल मच गया है। कांग्रेस ने दरभंगा की जाले सीट से डा.मशकूर उस्मानी को टिकट दिया है।उस्मानी की उम्मीदवारी को लेकर जदयू तथा भाजपा के द्वारा कांग्रेस को निशाना बनाया जा रहा है।दरअसल मशकूर उस्मानी,2018 में अलीगढ़ विश्वविद्यालय में जिन्ना की तस्वीर को लेकर विवादों के चपेट में आए थे डॉक्टर मशहूर उस्मानी उस समय अलीगढ़ विश्वविद्यालय छात्र संघ के अध्यक्ष थे। डा.मशकूर को कांग्रेस का टिकट दिए जाने पर भाजपा और जदयू ने सवाल उठाया है।

डा.मशकूर मूल रूप से दरभंगा जिले के रहने वाले हैं। वह 2017 में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से छात्रसंघ चुनाव जीते थे। इसके बाद वह चर्चा तब आए जब 2018 में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्रसंघ के हॉल में मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर पाई गई। भाजपा सांसद ने कुलपति को चिट्ठी लिखकर इस पर आपत्ति जताई थी। हिन्दू युवा वाहिनी ने ने तस्वीर हटाने की मांग को प्रदर्शन किया था। एएमयू में इसको लेकर जमकर हंगामा हुआ था। लाठीचार्ज भी करना पड़ा था। तब छात्रसंघ अध्यक्ष रहे उस्मानी ने बाद में कहा था कि वह जिन्ना की विचारधारा के खिलाफ हैं लेकिन जिन्ना देश का एक एतिहासिक तथ्य हैं।
अबे प्रदेश की चुनावी राजनीति में दरभंगा के जाले सीट से कांग्रेस उम्मीदवार मशकूर उस्मानी को लेकर भाजपा तथा जदयू महागठबंधन को घेरने में जुट गई है। भाजपा प्रवक्ता प्रेमरंजन पटेल ने कहा कि उस्मानी को टिकट देकर कांग्रेस ने अपना चरित्र दिखला दिया है।उन्होंने इसे कांग्रेस के विध्वंसकारी राजनीति का एजेंडा बताया।वहीं जदयू प्रवक्ता अरविंद निषाद ने भी मशकूर उस्मानी को टिकट दिए जाने के मामले में बयान देते हुए कहा कि यह कांग्रेस का पुराना इतिहास रहा है कि ऐसे लोगों को समर्थन करती रही है।उधर कांग्रेस की ओर से प्रवक्ता हरखू झा ने कांग्रेस उम्मीदवार का पक्ष लेते हुए कहा कि भाजपा तथा जदयू को पहले अपने गिरेबां में झांकना चाहिए।उन्होंने कहा कि जो पार्टी गांधी के हत्यारे का महिमामंडन करती है।उसे इस तरह के सवाल खड़े करने का कोई हक नहीं है।

