मंत्रियों के समूह की 21वीं बैठक में बोले अश्विनी चौबे : भारत में कोरोना के विरुद्ध लड़ाई में बिहार ने आगे बढ़कर किया नेतृत्व
“पीएम मोदी के नेतृत्व में कोरोना के विरुद्ध लड़ाई में जीतेगा भारत”

पटना। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री ने मंगलवार को वीडियो लिंक के माध्यम से अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स पटना की 21वीं ग्रुप आफ मिनिस्टर्स (मंत्रियों के समूह) की बैठक वीडियो सम्मेलन के माध्यम से की। बैठक कोविड-19 से संबंधित थी। बैठक में विदेश मंत्रालय, जहाजरानी मंत्रालय, नीति आयोग, नगर विमानन मंत्रालय, वस्त्र मंत्रालय जैसे अन्य मंत्रालयों के साथ एनसीडीसी ने भी भाग लिया। बैठक में पटना एम्स के निदेशक पीके सिंह और अधीक्षक सीएम सिंह सहित अन्य उच्चाधिकारी भी उपस्थित थे। बैठक में कोविड-19 की वर्तमान स्थिति और इसे नियंत्रित करने के लिए उठाए गए कदमों और भारत में इसके टीके के विकास और नियोजन की स्थिति तथा प्रशासनिक नियंत्रण पर विस्तृत चर्चा हुई। इसमें अन्य देशों के लिए टीका उपलब्ध कराने में भारत की भूमिका और भागीदारी के बारे में भी चर्चा की गई।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने बैठक के दौरान कहा कि देश में कोविड-19 की समस्या को समय पर जान लेने के बाद त्वरित ध्यान देने, इसके अनुसार सरकारी प्रतिक्रिया, जांच के लिए लैबोरेट्री क्षमता को तीव्र गति से बढ़ाने, सरकार एवं प्रशासन के उच्च स्तर पर तेजी से निर्णय लेने तथा लॉकडाउन के दौरान सरकार के निर्णय एवं आम लोगों की सकारात्मक भागीदारी के कारण भारत में कोरोना की भयावह स्थिति होने से बच गया। भारत जैसे अत्यधिक जनसंख्या घनत्व वाले देश में स्थिति बहुत खतरनाक हो सकती थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरे भारत ने कोरोना के खिलाफ जो जंग लड़ा है, वह काबिले तारीफ है।

श्री चौबे ने कोरोना के जंग में नीतीश सरकार द्वारा किए गए कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारत में कोरोना के विरुद्ध लड़ाई में बिहार ने आगे बढ़कर नेतृत्व किया, जहां देशभर में रिकवरी रेट 86.36 प्रतिशत है, वही बिहार में यह लगभग 94 (93.89) प्रतिशत है। देश के 10 सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमित जिलों में बिहार का एक भी जिला नहीं है। बिहार में आइसोलेशन बेड कुल 36,671 है। इसके अतिरिक्त आईसीयू बेड 650, आॅक्सीजन सुविधा वाले बेड 6814 और वेंटिलेटर की संख्या 836 है। केंद्र और बिहार सरकार आवश्यकता होने पर इसे और बढ़ा सकती है। देश भर में अब लगभग 10 लाख (सोमवार की संख्या 9,94,851) टेस्ट प्रतिदिन हो रहे हैं। सरकार नियंत्रित 1106 और निजी क्षेत्र की 816 टेस्टिंग लैब सहित कुल 1922 लैब इस काम मे लगे हुए हैं।
श्री चौबे ने आगे कहा कि लोगों को अभी कोरोना से और भी सावधान रहने की जरूरत है ठंड के मौसम और त्यौहार के समय में कोरोना बढ़ने की आशंका है। इस समय इन्फ्लूएंजा और भी बढ़ती है। सरकार इसके लिए अपनी एजेंसियों के माध्यम से ध्यान देकर इसको नियंत्रित करने में सभी स्तरों पर लगी हुई है।

