बिहार में बना ‘ग्रैंड डेमोक्रेटिक सेक्युलर फ्रंट’, कुशवाहा होंगे सीएम पद के उम्मीदवार
पटना। बिहार विधानसभा चुनाव के लिए बिहार एक नया गठबंधन ‘ग्रैंड डेमोक्रेटिक सेक्युलर फ्रंट’ बना है और फ्रंट ने रालोसपा अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा को मुख्यमंत्री उम्मीदवार घोषित किया है। इस फ्रंट में असदुद्दीन ओवैसी की आॅल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) और मायावती की बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के साथ ही समाजवादी दल डेमोक्रेटिक, जनतांत्रिक पार्टी सोशलिस्ट और उपेन्द्र कुशवाहा की रालोसपा शामिल है। गुरुवार को पटना के होटल मोर्या में हुई इन सभी दलों की एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसका ऐलान किया गया। बता दें पिछले दिनों महागठबंधन से अलग होकर उपेंद्र कुशवाहा ने नया गठबंधन बनाया। देवेंद्र यादव की पार्टी के साथ असदुद्दीन ओवैसी ने पहले ही गठबंधन का ऐलान कर दिया था। इसके बाद उपेंद्र कुशवाहा भी इसमें शामिल हो गए। जबकि महागठबंधन से अलग होने के बाद हम-वीआईपी एनडीए में शामिल हो गई। जदयू अपने कोटे से 7 सीट हम को दी है तो भाजपा ने अपने कोटे से 11 सीट वीआईपी को दी है।
संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि इस फ्रंट के संयोजक देवेंद्र यादव होंगे और सभी दल एक साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे। कुशवाहा ने कहा कि बिहार में महागठबंधन और एनडीए दोनों फेल हैं। नीतीश कुमार के 15 साल के शासन में राज्य और पीछे ही गया है। कुशवाहा ने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार की शिक्षा व्यवस्था को चौपट कर दिया गया है। पलायन के लिए युवा अभी भी मजबूर हैं। वहीं कुशवाहा को इस फ्रंट के मुख्यमंत्री उम्मीदवार के रूप में अपना समर्थन देने के बाद ओवैसी ने कहा कि राजद-एनडीए के पिछले 30 सालों की सरकार से बिहार को कोई लाभ नहीं हुआ है। ओवैसी ने कहा कि नीतीश कुमार और बीजेपी के 15 साल और राजद-कांग्रेस के 15 साल के शासन के बाद भी बिहार के गरीबों की स्थिति जस की तस है। राज्य सामाजिक, आर्थिक और शिक्षा के क्षेत्र में अभी भी पीछे है। हमने बिहार के भविष्य के लिए इस गठबंधन को बनाया है और हमारी कोशिश होगी कि हम सफल हों।


