मेयर गुट की बैठक के बाद बच गई सीता साहू की कुर्सी,औपचारिक ऐलान होना बाकी
पटना। पटना नगर निगम के मेयर सीता साहू के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव में पहले तो विपक्षी खेमा के द्वारा वाकआउट कर दिया गया तथा 3 दिन के बाद पुनः वोटिंग की बात कही गई।लेकिन उसके बाद मेयर घुट के द्वारा बैठक किया गया।जिसमें प्राप्त जानकारी के अनुसार मेयर गुट सीता साहू की कुर्सी बचाने में सफल रहा।मिली जानकारी के अनुसार नियर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले 41 पार्षदों में मात्र 5 ठीक टिक पाएं। विरोधी खेमे के केवल 5 पार्षद ही बैठक में मौजूद रहें। हालांकि अब तक यह साफ नहीं हो सका है कि सीता साहू के पक्ष में कितने वोट पड़े हैं। श्री कृष्ण मेमोरियल हॉल में वोटिंग के दौरान कोरोना संक्रमण के मद्देनजर मीडिया को जाने की इजाजत नहीं थी। हालांकि इसका औपचारिक ऐलान होना अभी बाकी है।बताया जाता है कि विपक्षी गुट के द्वारा नगर निगम की बैठक का किया बहिष्कार किया गया।जिसके बाद मेयर गुट की ओर से वार्ड पार्षद मुन्ना जायसवाल के अध्यक्षता में पुनः बैठक शुरू कराई गई। इस बैठक के बाद मेयर गुट के द्वारा ऐलान किया गया कि मेयर सीता साहू की कुर्सी बच गई।विपक्षी खेमे के पार्षद मात्र पांच ही पहुंच पाए।इसके पूर्व मेयर सीता साहू के खिलाफ विपक्षी पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव लाया था।सीता साहू के विरोधी खेमे ने अपने साथ 55 पार्षदों के होने का दावा किया था। 41 पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था जबकि मेयर ने दावा किया था की उसके पास 45 पार्षद हैं।

उल्लेखनीय है की पटना नगर निगम में कुल 75 वार्ड हैं, इनमें से कई वार्ड पार्षद मेयर सीता साहू से नाराज चल रहे थें। ऐसे में नाराज वार्ड पार्षदों ने मेयर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव मोशन को पास किया था।इसके बाद 31 जुलाई को पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग कराने का फैसला लिया गया था।पटना जिला प्रशासन की ओर से वोटिंग के लिए सभी तैयारियां की गई गई थी।वोटिंग की प्रक्रिया दोपहर 12.30 बजे से आरंभ हुई।महापौर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर होने वाले मतदान प्रक्रिया में भी मतदानकर्मी कोरोना से बचाव के लिए पीपीई किट से लैस रहकर हर दिशा-निर्देश का पालन करते नजर आए।

