लालू-राबड़ी राज में 63,250 लोगों की हुई हत्याएं, हर कार्यकर्ता नीतीश कुमार के संदेश को घर-घर पहुंचाएं : ललन
पटना। जदयू सांसद राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह की अध्यक्षता में तारापुर, मुंगेर, लखीसराय एवं बरबीघा विधानसभा के जदयू कार्यकर्ताओं का वर्चुअल सम्मेलन आयोजित हुआ। सम्मेलन में बिहार सरकार के योजना मंत्री महेश्वर हजारी, खाद्य एवं उपभोक्ता विभाग मंत्री मदन सहनी, पूर्व सांसद श्रीमती कहकशां परवीन प्रमुख रूप से शामिल हुए।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए ललन सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार में कानून का राज स्थापित किया है। लालू-राबड़ी राज में 63,250 लोगों की हत्याएं हुई। जिसमें 5,245 हत्या फिरौती के लिए तथा पूरे बिहार में 118 नरसंहार हुआ। वहीं नीतीश राज में 1 लाख 14 हजार लोगों को फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से सजा दिलाई गई। आज कोई भी अपराधी अपराध कर बच नहीं सकता है।
श्री सिंह ने नीतीश मॉडल की चर्चा करते हुए कहा कि देश ही नहीं दुनिया में आज बिहार की चर्चा हो रही है। जिसमें हर घर बिजली का होना प्रमुख है। साथ ही अब मुख्यमंत्री ने हर खेत को बिजली उपलब्ध कराने का संकल्प लिया है। किसानों को कम लागत में बेहतर उपज हो, इसे ध्यान में रखते हुए 75 पैसे प्रति यूनिट कृषि के लिए राज्य सरकार ने दर निर्धारित करने की घोषणा की है। वहीं सात निश्चय योजना के तहत हर घर नल का जल के लिए प्रत्येक घर में प्रतिस्पर्धा मची है। जो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विजनरी सोच का नतीजा है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने साइकिल योजना को चला कर बिहार के बच्चों को शिक्षा ग्रहण करने के लिए प्रोत्साहित करने का काम किया है। साइकिल योजना से छात्र-छात्राओं में स्कूल की उपस्थिति में बहुत कम अंतर रह गया है। लोक सेवा अधिकार अधिनियम कानून की चर्चा करते हुए श्री सिंह ने कहा कि आज जाति प्रमाण-पत्र, आय प्रमाण-पत्र तथा पासपोर्ट वेरीफिकेशन 15 दिनों के अंदर आॅनलाइन के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है। लोक सेवा अधिकार अधिनियम कानून का बहुत बड़ा उद्देश्य है।
सांसद ललन सिंह ने कार्यकर्ताओं को आह्वान करते हुए कहा कि गांव-गांव घूमकर 15 साल में जो विकास के काम किए गए हैं, हर कार्यकर्ता नीतीश कुमार बनकर उस संदेश को घर-घर पहुंचाएं।
मुख्यमंत्री परिवहन योजना की चर्चा करते हुए मंत्री महेश्वर हजारी ने कहा कि हर गांव, हर पंचायत, हर प्रखंड एवं हर जिला में सड़कों का जाल बिछ गया है। आवागमन को सुगम बनाने के लिए हर पंचायत में पांच ई-रिक्शा देने का कार्यक्रम चलाया। जिसमें तीन ई-रिक्शा अनुसूचित जाति के लिए, दो ई-रिक्शा अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए लोन पर देने का सरकार ने कार्यक्रम चलाया। अत्यंत पिछड़ा वर्ग को मुख्यधारा में लाने के लिए पंचायतों में 20 प्रतिशत का आरक्षण लागू किया गया। आज पंचायतों में आरक्षण होने से इस समाज का सामाजिक राजनैतिक प्रतिनिधित्व बड़ा है।
मंत्री मदन सहनी ने कहा कि अत्यंत पिछड़ा वर्ग एवं महादलित वर्ग छात्रों के लिए यूपीएससी एवं बीपीएससी की पीटी परीक्षा उत्तीर्ण करने पर 50,000 तथा 1,00,000 रुपए की सहायता की व्यवस्था आगे की पढ़ाई के लिए राज्य सरकार ने किया है। आज बिहार का विकास दर 11.3 प्रतिशत पर खड़ा है। लालू-राबड़ी की 15 वर्षों के सरकार में 25 हजार करोड़ का बजट था, जो आज 2 लाख करोड़ से ऊपर का है।
पूर्व सांसद कहकशां परवीन ने कहा कि मदरसा के शिक्षकों को नियमित वेतनमान नीतीश कुमार ने दिया। अल्पसंख्यक समाज के बच्चों को तालिमी मरकज के माध्यम से शिक्षा से जोड़ने का काम किया है। भागलपुर दंगा के आरोपियों को सजा दिला कर पीड़ितों को न्याय दिलाने का काम किया। इनके लिए राहत एवं पुनर्वास कार्यक्रम चलाकर स्थापित किया।


