कोरोना के मद्देनजर जल-जीवन-हरियाली योजना पुनः विचार करें नीतीश,प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डा मदन मोहन झा ने कहा
पटना।बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ मदन मोहन झा ने कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरों से उपजी वर्तमान भयावह हालातों में बिहार सरकार से जल-जीवन-हरियाली योजना अभी कुछ समय के लिए स्थगित करने की मांग की है।फेसबुक पर एक पोस्ट शेयर कर बिहार प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष ने सरकार का इस ओर ध्यान आकृष्ट करने का प्रयास किया है।जल-जीवन-हरियाली योजना बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ड्रीम प्रोजेक्ट मानी जाती है।लगभग साढे 24 हजार करोड़ के जल-जीवन-हरियाली योजना वर्तमान में सरकार के लिए कोरोना महामारी के पूर्व सबसे महत्वपूर्ण योजना मानी जा रही थी। दरअसल वर्तमान हालातों में केंद्र तथा विभिन्न राज्य सरकारें राष्ट्रव्यापी लॉक डाउन के चलते होने वाले बड़े नुकसान का सामना करने की तैयारी में लगी हुई है।ऐसे में बिहार प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष मदन मोहन झा ने सरकार से सवाल किया है कि क्य वर्तमान में प्रतिकूल परिस्थितियों को देखते हुए जल- जीवन-हरियाली योजना को अभी स्थगित नही कर देना चाहिए।जल-जीवन- हरियाली योजना के तहत आगामी तीन वर्षों में सरकार पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण,जल संचयन आदि कार्यों में साढे 24 हजार करोड़ के व्यय का प्रावधान किया था।मगर गत मार्च मैं कोरोना महामारी के भारत में प्रवेश के उपरांत हालात बदल गए हैं।कोरोना के संक्रमण के खतरों के मद्देनजर लगाए गए राष्ट्रव्यापी लॉक डाउन से देश की अर्थव्यवस्था पर गहरा प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।ऐसे में केंद्र सरकार तथा राज्य सरकार अन्य मदों के खर्चों से कटौती कर कोरोना के खिलाफ संघर्ष को मजबूती देने के प्रयास में लगे हुए हैं।प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मदन मोहन झा का मानना है कि विषम परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए नीतीश सरकार को भी तत्काल जल जीवन हरियाली योजना के फंड को भी कोरोना के खिलाफ योजना में ट्रांसफर करने की जरूरत है।


