VC से जुड़ा पूरा केंद्रीय मंत्रिमंडल : लॉकडाउन के बाद खुलेंगे सरकारी कार्यालय?
CENTRAL DESK : कोरोना वायरस संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी ने देशभर में 21 दिन का लॉकडाउन किया था। लॉकडाउन का सोमवार को 13वां दिन है। इस दौरान आम जनजीवन तो पूरी तरह ठप हुआ ही, कारोबार की स्पीड भी लगभग ठप सी हो गई है। लॉकडाउन खत्म होगा या नहीं, ये फैसला इस सप्ताह ले लिया जाना चाहिए। ऐसा भी हो सकता है कि सरकार उन इलाकों में अपने कार्यालय खोल दे, जहां कोरोना के मामले नहीं हैं।
सोमवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में पीएम मोदी ने इशारा किया कि लॉकडाउन के बाद चरणबद्ध तरीके से सरकारी कार्यालय खोले जा सकते हैं। हालांकि ऐसा उन्हीं जगहों पर किए जाने का प्लान होगा, जहां कोरोना वायरस के ज्यादा मरीज नहीं मिले हैं। प्रधानमंत्री ने सोमवार को कैबिनेट मीटिंग में मंत्रियों से इस संबंध में एक प्लान तैयार करने को कहा है।
किसानों से जुड़ेंगे केंद्रीय मंत्री
लॉकडाउन की सबसे बुरी मार किसानों पर पड़ी है। किसानों की मदद के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मंत्रियों को एक खास सलाह दी। सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पीएम मोदी ने सभी मंत्रियों से कहा कि वे एप आधारित कैब/टैक्सी की तरह ट्रक एग्रीगेटर्स जैसे इनोवेटिव तरीके का इस्तेमाल कर किसानों को मंडियों से जोड़ें।
‘कोरोना के खिलाफ लंबी जंग’
इससे पहले, पीएम सोमवार को ही बीजेपी कार्यकर्ताओं से पार्टी के 40वें स्थापना दिवस पर बात करते समय साफ कह चुके थे कि कोरोना के खिलाफ जंग लंबी चलने वाली है। उन्होंने कहा, ‘देश को लंबी लड़ाई के लिए तैयार होना होगा। इसमें न थकना है, न हारना है। लंबी लड़ाई के बावजूद हमें जीतना है, विजयी होकर निकलना है। संकल्प एक है कोरोना के खिलाफ विजय, लड़ाई में जीत।’
मंत्रियों को मिले निर्देश
प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में प्रेरित, संकल्पित और सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने संबंधित मंत्रियों से कहा कि वे गरीब कल्याण योजना पर ध्यान दें कि उसके फायदे बिना किसी रुकावट के लाभार्थियों तक पहुंचें। उन्होंने कहा कि जो जिले हॉटस्पॉट्स हैं, वहां मौके के हालात से वाकिफ रहें और समस्याएं दूर करें। पीडीएस सेंटर्स पर भीड़ ना हो, मॉनिटरिंग ठीक से करें और शिकायतों पर फौरन एक्शन लें। ब्लैक मार्केटिंग और जरूरी चीजों के दाम बढ़ने से रोकिए।
माइक्रो लेवल पर हो प्लानिंग
पीएम मोदी ने कहा कि जरूरी दवाओं का उत्पादन ठीक समय पर हो और प्रोटेक्शन इक्विपमेंट्स भी जल्दी बनें। उन्होंने कहा कि जरूरी वस्तुओं की सप्लाई लाइंस चालू रहने और उपलब्धता के लिए माइक्रो लेवल पर प्लानिंग की जरूरत है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन खत्म होने के बाद पैदा होने वाले हालात के लिए रणनीति बनाना जरूरी है। उन्होंने सभी मंत्रियों से उन 10 बड़े फैसलों और 10 प्राथमिकता वाले इलाकों की लिस्ट तैयार करने को कहा है जो वे लॉकडाउन के बाद करना चाहते हैं। पीएम ने यह भी कहा कि चुनौतियों के बीच, भारत को दूसरे देशों पर अपनी निर्भरता कम करने की जरूरत है। उन्होंने सभी विभागों से मेक इन इंडिया को प्रमोट करने से जुड़े उपाय करने को कहा।
मास्क के साथ होगा ट्रेन का सफर
इधर, पीटीआई के मुताबिक एक अधिकारी ने बताया कि रेलवे फिलहाल आमदनी के बारे में नहीं बल्कि यात्रियों की सुरक्षा के बारे में सोच रहा है। यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि कोरोना और न फैले। लॉकडाउन के बाद सभी यात्रियों से अपील की जाएगी कि वे बिना मास्क सफर न करें, उनके स्वास्थ्य को बड़ा खतरा हो सकता है। एक अधिकारी ने बताया कि रेलवे का विचार है कि आरोग्य सेतु ऐप का सहारा लेकर यात्रियों के स्वास्थ्य को चेक किया जाए। अगर कोई यात्री स्वस्थ नहीं पाया गया तो उसे ट्रेन में नहीं चढ़ने दिया जाएगा।
थर्मल स्कीनिंग के बाद मिलेगी एंट्री!
एयरपोर्ट की तरह हर यात्री की थर्मल स्क्रीनिंग की जा सकती है। इसके अलावा, यात्रियों के स्वास्थ्य की जांच करने के लिए कई अन्य विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है। लॉकडाउन खत्म होने के बाद रेलवे की प्राथमिकता में ऐसे रूट्स के लिए जगह नहीं होगी, जिसमें कोरोना के हाटस्पॉट आते हों। ऐसे में जरूरी है कि आप अपनी प्लैनिंग इसी हिसाब से करें। अगर आपकी मंजिल ऐसी है, जिसके रास्ते में हॉटस्पॉट आता हो या मंजिल ही हॉटस्पॉट हो तो आपको रेलवे ‘सॉरी’ ही कहेगा। लॉकडाउन खुलने का यह मतलब नहीं कि अचानक सब सोशल डिस्टैंसिंग की जरूरत को भूल जाएं। रेलवे की कोशिश रहेगी कि स्टेशनों और प्लेटफॉर्म्स पर कम से कम लोग हों।


