नवादा में आकाशीय बिजली गिरने से महिला की मौत, खेत से घर लौटते समय हुआ दर्दनाक हादसा
- बारिश और खराब मौसम के बीच गिरी बिजली, अस्पताल में चिकित्सकों ने किया मृत घोषित
- चार बच्चों के सिर से उठा मां का साया, गांव में शोक और परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
नवादा। बिहार के नवादा जिले में आकाशीय बिजली गिरने से एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना कादिरगंज थाना क्षेत्र के जगतपुर गांव में हुई, जहां खेत में काम कर रही एक महिला खराब मौसम के दौरान घर लौटते समय वज्रपात की चपेट में आ गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है, जबकि मृतका के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतका की पहचान जगतपुर गांव निवासी महेश चौहान की लगभग 35 वर्षीय पत्नी विमला देवी के रूप में की गई है। बताया जा रहा है कि वह रोज़ की तरह खेत में काम करने गई थीं। इसी दौरान मौसम अचानक बदल गया और तेज बारिश के साथ बिजली चमकने लगी। मौसम की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए उन्होंने घर लौटने का निर्णय लिया, लेकिन रास्ते में ही एक दर्दनाक हादसे ने उनकी जिंदगी छीन ली।
अचानक बदला मौसम, घर लौट रही थीं महिला
ग्रामीणों के अनुसार सुबह से मौसम सामान्य था और किसान अपने-अपने खेतों में कृषि कार्यों में जुटे हुए थे। दोपहर के बाद अचानक आसमान में काले बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। इसी दौरान लगातार बिजली भी चमक रही थी।स्थिति को देखते हुए खेतों में काम कर रहे लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे। विमला देवी भी अपने खेत से घर लौट रही थीं। बताया जाता है कि वह गांव के समीप पहुंचने ही वाली थीं कि अचानक आकाशीय बिजली उनकी ओर गिरी और वे उसकी चपेट में आ गईं।
मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़ीं
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बिजली गिरने के साथ ही तेज धमाके की आवाज सुनाई दी। आसपास मौजूद लोगों ने देखा कि विमला देवी खेत के समीप बेहोश होकर गिर पड़ी हैं। घटना के बाद वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया।ग्रामीण तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े और महिला को संभालने का प्रयास किया। उनकी हालत गंभीर देखकर लोगों ने बिना देर किए उन्हें अस्पताल पहुंचाने का निर्णय लिया।
अस्पताल में चिकित्सकों ने किया मृत घोषित
स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से विमला देवी को नवादा सदर अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने के बाद चिकित्सकों ने उनका परीक्षण किया। जांच के दौरान डॉक्टर विक्रम कुमार ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। महिला की मौत की पुष्टि होते ही परिजनों के बीच कोहराम मच गया। अस्पताल परिसर में मौजूद परिजन और ग्रामीण गहरे सदमे में दिखाई दिए। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल था।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
विमला देवी अपने पीछे पति, दो बेटे और दो बेटियों को छोड़ गई हैं। परिवार की आर्थिक और सामाजिक जिम्मेदारियों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी। अचानक हुई इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे संकट में डाल दिया है। ग्रामीणों के अनुसार विमला देवी मेहनती और मिलनसार स्वभाव की महिला थीं। वह परिवार की देखभाल के साथ कृषि कार्यों में भी सक्रिय रूप से सहयोग करती थीं। उनकी असमय मृत्यु से गांव में शोक का वातावरण व्याप्त है। पति महेश चौहान निजी कार्य कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। पत्नी की मृत्यु के बाद अब बच्चों के पालन-पोषण और परिवार की जिम्मेदारियों को लेकर चिंता बढ़ गई है।
पुलिस ने पूरी की कानूनी प्रक्रिया
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस भी अस्पताल पहुंची। अधिकारियों ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को अपने कब्जे में लिया। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया और फिर अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मृत्यु का कारण आकाशीय बिजली गिरना पाया गया है। आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
बरसात के मौसम में बढ़ रही घटनाएं
बरसात के मौसम में बिहार के विभिन्न जिलों से वज्रपात की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून और प्री-मानसूनी गतिविधियों के दौरान आकाशीय बिजली गिरने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे समय में खेतों, खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े रहने से खतरा और अधिक बढ़ जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार खराब मौसम के दौरान लोगों को सुरक्षित भवनों में शरण लेनी चाहिए और बिजली चमकने के समय खुले स्थानों से दूर रहना चाहिए। समय रहते सावधानी बरतकर इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सकता है।
ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की आवश्यकता
स्थानीय लोगों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में वज्रपात से बचाव को लेकर और अधिक जागरूकता फैलाने की जरूरत है। किसानों और खेतिहर मजदूरों को मौसम संबंधी चेतावनियों की जानकारी समय पर मिलनी चाहिए, ताकि वे सुरक्षित स्थानों पर पहुंच सकें। फिलहाल जगतपुर गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीण और परिजन विमला देवी की असामयिक मृत्यु से स्तब्ध हैं। यह घटना एक बार फिर प्राकृतिक आपदाओं के प्रति सतर्क रहने और मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की आवश्यकता को रेखांकित करती है।


