पीएम-किसान की 23वीं किस्त आज जारी, बिहार के 73 लाख किसानों के खातों में पहुंचेगी सहायता राशि

  • देशभर के 9.44 करोड़ किसानों को मिलेगा लाभ, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से भेजे जाएंगे 18,880 करोड़ रुपये
  • खरीफ सीजन से पहले किसानों को आर्थिक संबल, बीज और खाद खरीदने में मिलेगी मदद

पटना। बिहार सहित देशभर के करोड़ों किसानों के लिए शनिवार का दिन बड़ी राहत और खुशखबरी लेकर आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त जारी करेंगे। इस अवसर पर देश के 9.44 करोड़ से अधिक पात्र किसानों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण प्रणाली के माध्यम से 18,880 करोड़ रुपये की सहायता राशि भेजी जाएगी। योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी किसान के खाते में दो हजार रुपये जमा किए जाएंगे। केंद्र सरकार के अनुसार यह प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के इतिहास की सबसे बड़ी किस्तों में से एक है। इससे देश के किसानों को खेती-किसानी के लिए आवश्यक आर्थिक सहयोग मिलेगा और कृषि कार्यों को गति मिलेगी।
बिहार के किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ बिहार के किसानों को भी बड़े पैमाने पर मिल रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार राज्य में लगभग 73 लाख से अधिक किसान इस योजना के लाभार्थी हैं। 23वीं किस्त जारी होने के साथ ही बिहार के लाखों किसानों के बैंक खातों में भी सहायता राशि पहुंच जाएगी। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह राशि खरीफ फसल की बुआई के समय किसानों के लिए विशेष रूप से उपयोगी साबित होगी। किसान इस धनराशि का उपयोग बीज, उर्वरक, कीटनाशक और अन्य कृषि कार्यों में कर सकेंगे। इससे खेती की लागत का कुछ हिस्सा पूरा करने में सहायता मिलेगी।
किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में पहल
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल है। इस योजना का उद्देश्य किसानों को प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता प्रदान कर उनकी आय में वृद्धि करना और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाना है योजना के तहत पात्र किसानों को प्रति वर्ष छह हजार रुपये की सहायता राशि दी जाती है। यह राशि तीन समान किस्तों में सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाती है। प्रत्येक किस्त में दो हजार रुपये दिए जाते हैं। इस व्यवस्था से किसानों को समय-समय पर आर्थिक सहायता मिलती रहती है, जिससे वे खेती से जुड़े आवश्यक खर्चों का प्रबंधन बेहतर ढंग से कर पाते हैं।
प्रत्यक्ष लाभ अंतरण से बढ़ी पारदर्शिता
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता प्रत्यक्ष लाभ अंतरण प्रणाली है। इसके माध्यम से सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाती है। इससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो जाती है और सरकारी सहायता पारदर्शी तरीके से किसानों तक पहुंचती है। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रत्यक्ष भुगतान प्रणाली के कारण योजना का लाभ वास्तविक किसानों तक पहुंच रहा है। इससे भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की संभावनाएं भी कम हुई हैं।
खरीफ फसलों की तैयारी में मिलेगी सहायता
बिहार में इस समय खरीफ फसलों की तैयारी का दौर चल रहा है। कई क्षेत्रों में धान की नर्सरी तैयार की जा रही है, जबकि अन्य कृषि गतिविधियां भी शुरू हो चुकी हैं। ऐसे समय में मिलने वाली आर्थिक सहायता किसानों के लिए उपयोगी साबित होगी। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि खेती के शुरुआती चरण में किसानों को नकदी की आवश्यकता अधिक होती है। बीज, खाद, सिंचाई और मजदूरी जैसे खर्चों के लिए धन की जरूरत पड़ती है। ऐसे में योजना की यह किस्त किसानों को समय पर सहायता उपलब्ध कराएगी।
सरकार ने पूरी करने को कहा आवश्यक औपचारिकताएं
केंद्र सरकार ने किसानों से अपील की है कि वे योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए सभी आवश्यक औपचारिकताएं समय पर पूरी कर लें। विशेष रूप से इलेक्ट्रॉनिक केवाईसी, आधार संख्या को बैंक खाते से जोड़ना तथा भूमि अभिलेखों का सत्यापन कराना जरूरी बताया गया है। अधिकारियों के अनुसार जिन किसानों ने इन प्रक्रियाओं को पूरा नहीं किया है, उन्हें भुगतान प्राप्त करने में कठिनाई हो सकती है। इसलिए किसानों को समय रहते अपने दस्तावेजों का सत्यापन सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है।
तकनीकी त्रुटियों से बचने पर जोर
योजना से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि कई बार तकनीकी कारणों से भुगतान अटक जाता है। आधार संख्या, बैंक खाते और भूमि अभिलेखों में किसी प्रकार की त्रुटि होने पर सहायता राशि समय पर नहीं पहुंच पाती इसी कारण किसानों को अपने बैंक खाते की स्थिति, आधार सत्यापन और अन्य दस्तावेजों की जानकारी नियमित रूप से जांचते रहने की सलाह दी गई है। जिन किसानों की सभी जानकारियां सही और अद्यतन हैं, उन्हें किस्त प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना केवल किसानों को ही लाभ नहीं पहुंचाती, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देती है। किसानों के हाथों में नकदी आने से स्थानीय बाजारों में खरीदारी बढ़ती है और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलती है। 23वीं किस्त के वितरण के साथ ही बिहार सहित देशभर के करोड़ों किसानों को राहत मिलेगी। खरीफ मौसम की शुरुआत में मिलने वाली यह सहायता खेती-किसानी के कार्यों को सुचारु रूप से आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

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