ईंट के लेन-देन ने लिया खूनी रूप, दो भाइयों के परिवारों में जमकर मारपीट और पथराव

  • पटना के बेलछी थाना क्षेत्र के दरियापुर गांव में आधी रात भड़का विवाद, करीब दर्जनभर लोग घायल
  • लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला, गंभीर घायलों को एनएमसीएच पटना किया गया रेफर

पटना। जिले के बेलछी थाना क्षेत्र स्थित दरियापुर गांव में ईंट के लेन-देन को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। शुक्रवार देर रात करीब 12 बजे दो भाइयों के परिवारों के बीच शुरू हुई कहासुनी ने इतना उग्र रूप ले लिया कि दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए। इस दौरान जमकर मारपीट, लाठी-डंडों से हमला और पथराव हुआ, जिसमें करीब 12 लोग घायल हो गए। घटना के बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों के अनुसार विवाद की शुरुआत ईंट के हिसाब-किताब को लेकर हुई थी। दोनों पक्षों के बीच पहले से लेन-देन को लेकर बातचीत चल रही थी, लेकिन रात होते-होते मामला बिगड़ गया। विवाद बढ़ने के बाद दोनों ओर से लोग जुट गए और देखते ही देखते गांव रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। कई लोगों ने एक-दूसरे पर लाठी-डंडों से हमला किया, जबकि कुछ लोगों ने पथराव भी किया। अचानक हुए इस संघर्ष से गांव के लोग दहशत में आ गए। घटना की सूचना मिलते ही बेलछी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित करने की कोशिश की। पुलिस ने पहले दोनों पक्षों को समझाकर शांत कराने का प्रयास किया। हालांकि, पुलिस के लौटने के कुछ देर बाद फिर से दोनों पक्ष भिड़ गए और हिंसक झड़प शुरू हो गई। इसके बाद गांव में स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। घटना में घायल हुए सभी लोगों को तत्काल सकसोहरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया। डॉक्टरों ने कुछ लोगों की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें बाढ़ अनुमंडल अस्पताल रेफर कर दिया। वहां से भी कई घायलों को बेहतर इलाज के लिए नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल, पटना भेजा गया है। अस्पताल में घायलों का इलाज जारी है। घायल पक्ष के बच्चु यादव ने आरोप लगाया कि उन्होंने गांव के ही राजबल्लभ यादव को करीब 900 ईंट दिए थे। उनका कहना है कि जब उन्होंने ईंट वापस करने या हिसाब-किताब की बात उठाई, तब विवाद शुरू हुआ। बच्चु यादव के अनुसार दूसरे पक्ष के लोगों ने अचानक हमला कर दिया और लाठी-डंडों से मारपीट शुरू कर दी। इस हमले में उनके परिवार के कई सदस्य घायल हो गए। वहीं दूसरे पक्ष के राजबल्लभ यादव ने इन आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि ईंट का हिसाब पहले ही तय हो चुका था और पैसे का लेन-देन भी पूरा कर दिया गया था। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत चल रही थी और इस मामले की जानकारी पुलिस को भी दी गई थी। उनके अनुसार विवाद को शांत करने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन बाद में मामला अचानक बिगड़ गया। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों परिवारों के बीच पहले भी कई बार विवाद हो चुका है। हालांकि इस बार मामला काफी गंभीर हो गया, क्योंकि दोनों ओर से बड़ी संख्या में लोग शामिल हो गए थे। घटना के दौरान महिलाओं और बच्चों में भी दहशत का माहौल रहा। कई लोग अपने घरों में दुबक गए, जबकि कुछ ग्रामीणों ने बीच-बचाव करने की कोशिश भी की। पुलिस पदाधिकारी श्याम नंदन ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। दोनों पक्षों की ओर से थाने में आवेदन दिया गया है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि गांव में फिलहाल पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि दोबारा कोई तनाव की स्थिति उत्पन्न न हो। इस घटना के बाद दरियापुर गांव में तनाव बना हुआ है। पुलिस प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते विवाद को गंभीरता से सुलझा लिया जाता, तो इतनी बड़ी हिंसक घटना नहीं होती। फिलहाल घायलों के इलाज और पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।

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