नीतीश कुमार को मिलेगी विशेष वीवीआईपी सुविधा, पटना और दिल्ली हवाई अड्डे पर सीधे रनवे तक जाएगी गाड़ी
- पूर्व मुख्यमंत्री के लिए विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल की तैयारी, नागर विमानन विभाग की बैठक में बनी सहमति
- जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लागू होगी नई व्यवस्था
पटना। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार को जल्द ही पटना और दिल्ली के हवाई अड्डों पर विशेष अति विशिष्ट व्यक्ति सुविधा मिलने जा रही है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत उनकी गाड़ी सीधे हवाई पट्टी तक जा सकेगी, जिससे उनकी आवाजाही पहले से अधिक सुरक्षित और सुगम हो जाएगी। सूत्रों के अनुसार इस संबंध में नागर विमानन विभाग स्तर पर तैयारी लगभग पूरी कर ली गई है और जल्द ही आधिकारिक आदेश जारी होने की संभावना है। जानकारी के मुताबिक 19 मई को नागर विमानन विभाग की एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें इस प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में विभागीय अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों के बीच सहमति बनने के बाद प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। माना जा रहा है कि औपचारिक अधिसूचना जारी होते ही यह नई सुविधा तत्काल प्रभाव से लागू कर दी जाएगी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद नीतीश कुमार की गाड़ी सीधे विमान तक पहुंच सकेगी। इसके अलावा हवाई अड्डे पर सुरक्षा जांच और आवाजाही के लिए भी विशेष प्रोटोकॉल अपनाया जाएगा। अब तक इस प्रकार की सुविधा केवल वर्तमान मुख्यमंत्री या अत्यंत उच्च श्रेणी के विशिष्ट व्यक्तियों को ही उपलब्ध रहती थी, लेकिन अब बिहार के लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार को भी यह विशेष सुविधा देने की तैयारी की जा रही है। सरकारी सूत्रों के अनुसार इस फैसले के पीछे उनकी सुरक्षा श्रेणी, लंबे प्रशासनिक अनुभव और लगातार होने वाले अति विशिष्ट व्यक्ति आवागमन को प्रमुख आधार माना गया है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि विशेष व्यवस्था से उनकी सुरक्षा और मजबूत होगी तथा आम यात्रियों की आवाजाही भी कम प्रभावित होगी। बताया जा रहा है कि पटना स्थित जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इस व्यवस्था को लेकर विशेष योजना तैयार की जा रही है। हवाई अड्डे पर बढ़ती भीड़ और सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए अति विशिष्ट व्यक्ति आवागमन के लिए अलग प्रबंधन तैयार किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इससे सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी और भीड़भाड़ के दौरान अनावश्यक अव्यवस्था से भी बचा जा सकेगा। इसके साथ ही दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी इस सुविधा को लागू करने के लिए जरूरी अनुमति और सुरक्षा प्रक्रियाओं पर काम शुरू कर दिया गया है। केंद्र और राज्य स्तर की एजेंसियों के बीच समन्वय बनाकर इस पूरी व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा रहा है। हवाई अड्डा प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां मिलकर यह सुनिश्चित कर रही हैं कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद किसी प्रकार की सुरक्षा संबंधी समस्या उत्पन्न न हो। राजनीतिक हलकों में भी इस प्रस्ताव को लेकर चर्चा तेज हो गई है। राज्य सरकार के स्तर पर यह तर्क दिया जा रहा है कि बिहार में लंबे समय तक मुख्यमंत्री पद संभालने वाले नेता के रूप में नीतीश कुमार को यह सुविधा उनके अनुभव, योगदान और सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए दी जा रही है। प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि देश के कई राज्यों में पूर्व मुख्यमंत्रियों और उच्च सुरक्षा श्रेणी के नेताओं को इसी प्रकार की विशेष सुविधाएं पहले से दी जाती रही हैं। हालांकि विपक्षी दलों के कुछ नेताओं ने इस प्रस्ताव को लेकर सवाल भी उठाने शुरू कर दिए हैं। उनका कहना है कि आम लोगों को जहां हवाई अड्डों पर लंबी सुरक्षा जांच और औपचारिकताओं से गुजरना पड़ता है, वहीं नेताओं को विशेष सुविधा देना वीआईपी संस्कृति को बढ़ावा देने जैसा है। हालांकि सरकार समर्थकों का कहना है कि यह फैसला पूरी तरह सुरक्षा कारणों और प्रोटोकॉल व्यवस्था को ध्यान में रखकर लिया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार आने वाले दिनों में इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं। इसके बाद पटना और दिल्ली दोनों हवाई अड्डों पर विशेष सुरक्षा प्रबंधन और आवाजाही व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। माना जा रहा है कि यह व्यवस्था बिहार की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में एक महत्वपूर्ण निर्णय के रूप में देखी जाएगी।


