हवा में बिगड़ी यात्री की तबीयत, इंडिगो विमान की जबलपुर में इमरजेंसी लैंडिंग
- अहमदाबाद से रांची जा रही उड़ान को डुमना हवाई अड्डे पर उतारा गया, इलाज के दौरान युवक की मौत
- फेफड़ों की बीमारी से पीड़ित था यात्री, करीब 50 मिनट तक जबलपुर में रुका विमान
जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित डुमना हवाई अड्डे पर शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अहमदाबाद से रांची जा रहे इंडिगो के एक यात्री विमान की आपात लैंडिंग करानी पड़ी। उड़ान के दौरान एक यात्री की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद पायलट ने तत्काल हवाई यातायात नियंत्रण कक्ष से संपर्क कर विमान को सुरक्षित रूप से जबलपुर में उतारा। विमान के उतरते ही हवाई अड्डा प्रशासन और विमान कंपनी के कर्मचारियों ने तेजी दिखाते हुए एंबुलेंस की व्यवस्था की और बीमार यात्री को अस्पताल पहुंचाया। हालांकि डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद युवक की जान नहीं बचाई जा सकी। जानकारी के अनुसार इंडिगो की एयरबस-320 उड़ान शुक्रवार सुबह अहमदाबाद से रांची के लिए रवाना हुई थी। विमान में पश्चिम बंगाल निवासी 29 वर्षीय सुदीप कुमार गौनिश अपनी बहन के साथ यात्रा कर रहे थे। बताया जा रहा है कि सुदीप लंबे समय से फेफड़ों की बीमारी से पीड़ित थे और अहमदाबाद में इलाज कराने के बाद वापस रांची लौट रहे थे। यात्रा के दौरान जब विमान मध्य प्रदेश के जबलपुर क्षेत्र के ऊपर पहुंचा, तभी अचानक उनकी तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुदीप को अचानक सांस लेने में तकलीफ होने लगी। उनकी हालत तेजी से खराब होती देख सहयात्रियों ने तुरंत विमान कर्मियों को इसकी सूचना दी। विमान में मौजूद चालक दल ने प्राथमिक सहायता देने की कोशिश की, लेकिन स्थिति गंभीर होती जा रही थी। इसके बाद पायलट ने तुरंत जबलपुर के डुमना हवाई अड्डे के हवाई यातायात नियंत्रण कक्ष से संपर्क कर आपात लैंडिंग की अनुमति मांगी। डुमना हवाई अड्डे के प्रभारी निदेशक नीरज गुडवानी ने बताया कि विमान सुबह 11 बजकर 15 मिनट पर अहमदाबाद से रवाना हुआ था और उसे दोपहर 1 बजकर 25 मिनट पर रांची पहुंचना था। लेकिन उड़ान के दौरान यात्री की हालत बिगड़ने के कारण विमान को दोपहर करीब 1 बजकर 1 मिनट पर जबलपुर में उतारना पड़ा। विमान के सुरक्षित उतरते ही हवाई अड्डे पर मौजूद मेडिकल टीम और एंबुलेंस को तुरंत सक्रिय किया गया। बीमार यात्री को आनन-फानन में जबलपुर के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन देर रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। अस्पताल सूत्रों के अनुसार युवक की स्थिति पहले से ही गंभीर थी और उड़ान के दौरान स्वास्थ्य अचानक बिगड़ जाने से हालत और नाजुक हो गई थी। घटना के बाद हवाई अड्डे पर कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल बन गया। विमान में मौजूद अन्य यात्रियों में भी घबराहट देखी गई। हालांकि विमान कंपनी और हवाई अड्डा प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित रखा। बीमार यात्री को अस्पताल भेजने के बाद विमान करीब 50 मिनट तक डुमना हवाई अड्डे पर खड़ा रहा। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद विमान ने बाकी यात्रियों को लेकर रांची के लिए फिर से उड़ान भरी। इस घटना ने एक बार फिर विमान यात्रा के दौरान स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों को लेकर चर्चा तेज कर दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि गंभीर बीमारियों से पीड़ित यात्रियों को लंबी हवाई यात्रा से पहले डॉक्टरों से सलाह जरूर लेनी चाहिए। साथ ही विमान कंपनियों को भी ऐसी आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए पर्याप्त चिकित्सा व्यवस्था और प्रशिक्षित कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करनी चाहिए। घटना के बाद मृतक युवक के परिजन सड़क मार्ग से रांची के लिए रवाना हो गए। वहीं स्थानीय प्रशासन ने भी मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दे दी है। इस दुखद घटना से विमान में मौजूद यात्री भी भावुक नजर आए। कई यात्रियों ने कहा कि पायलट और विमान कर्मियों ने समय रहते तेजी दिखाकर यात्री की जान बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन दुर्भाग्यवश युवक को बचाया नहीं जा सका।


