भीषण गर्मी से तप रहा बिहार, 14 जिलों में लू का अलर्ट जारी
- 45 डिग्री तक पहुंच सकता है तापमान, मौसम विभाग ने दोपहर में घर से बाहर न निकलने की दी सलाह
- गर्मी से रेल यातायात प्रभावित, कई ट्रेनें घंटों लेट; सीमांचल में बारिश और वज्रपात से जनजीवन प्रभावित
पटना। बिहार में भीषण गर्मी का दौर लगातार जारी है। राज्य के अधिकांश जिलों में तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों का जीवन मुश्किल कर दिया है। मौसम विभाग ने शनिवार को राज्य के 14 जिलों में लू को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम बिहार के जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। रोहतास, कैमूर, बक्सर, भोजपुर, औरंगाबाद, अरवल और आसपास के इलाकों में गर्मी का असर सबसे अधिक देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक बेहद जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी है। विभाग का कहना है कि तेज धूप और गर्म पछुआ हवाओं के कारण लू लगने का खतरा बढ़ गया है। लोगों को अधिक पानी पीने, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने और धूप से बचाव करने की सलाह दी गई है। भीषण गर्मी का असर अब रेल यातायात पर भी देखने को मिल रहा है। सर्दियों में कोहरे के कारण ट्रेनों के लेट होने की घटनाएं आम रहती थीं, लेकिन अब गर्मी में भी यही स्थिति बन गई है। वंदे भारत एक्सप्रेस, उपासना एक्सप्रेस, विभूति एक्सप्रेस और फरक्का एक्सप्रेस सहित करीब 20 प्रमुख ट्रेनें 30 मिनट से लेकर 4 घंटे तक देरी से चल रही हैं। इस कारण यात्रियों को स्टेशनों और ट्रेनों में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चिलचिलाती धूप और लू के बीच प्लेटफॉर्म पर घंटों इंतजार करना यात्रियों के लिए बेहद कठिन साबित हो रहा है। देश के कई हिस्सों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। अत्यधिक गर्मी का असर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर भी पड़ रहा है। मोबाइल फोन, लैपटॉप और पावर बैंक तेजी से गर्म हो रहे हैं, जिससे बैटरी खराब होने, उपकरण की कार्यक्षमता कम होने और अचानक बंद होने जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। हालांकि बिहार के सीमांचल और उत्तर-पूर्वी जिलों में मौसम अपेक्षाकृत सामान्य बना हुआ है। सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, सुपौल, अररिया, किशनगंज और कटिहार में बादल छाए रहने, हल्की बारिश और मेघ गर्जन की संभावना जताई गई है। इन जिलों में तापमान 34 से 37 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बिहार में इस समय दो अलग-अलग मौसमी प्रणालियां सक्रिय हैं। पश्चिम और दक्षिण बिहार में शुष्क और गर्म पछुआ हवाएं चल रही हैं, जिससे तापमान लगातार बढ़ रहा है। दूसरी ओर बंगाल की खाड़ी से नमी युक्त पूर्वी हवाएं सीमांचल और उत्तर-पूर्व बिहार में प्रवेश कर रही हैं। यही कारण है कि राज्य के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग मौसम देखने को मिल रहा है। शुक्रवार को अररिया, सुपौल, जहानाबाद, नवादा और नालंदा में बारिश दर्ज की गई। वहीं सुपौल, अररिया और जहानाबाद में आकाशीय बिजली गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई। पटना, बक्सर, सासाराम और शेखपुरा सहित कई जिलों में तापमान 40 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया और दिनभर लू चलती रही। पिछले 24 घंटे के दौरान बिहार में करीब 60 मिलीमीटर तक बारिश रिकॉर्ड की गई। सबसे अधिक वर्षा मधुबनी जिले में हुई। झंझारपुर में 95.2 मिलीमीटर, लखनौर में 71 मिलीमीटर, बसोपट्टी में 54 मिलीमीटर और अररिया के फारबिसगंज में 41.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस सीजन में बिहार में अब तक 128.4 मिलीमीटर वर्षा हो चुकी है, जो सामान्य से 111 प्रतिशत अधिक है। राजधानी पटना में शनिवार को तेज धूप और उमस भरी गर्मी बनी रहेगी। अधिकतम तापमान 39 से 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार 24 मई तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहेगा, जबकि उत्तर-पूर्व बिहार में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। विभाग ने यह भी संभावना जताई है कि 25 मई से राज्य में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। 26 मई को अधिकांश जिलों में मेघ गर्जन, वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है। 27 और 28 मई तक उत्तर बिहार के कई जिलों में तापमान गिरकर 32 से 34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि दक्षिण-पश्चिम बिहार में गर्मी का असर बना रहेगा। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। विभाग ने सलाह दी है कि लोग पर्याप्त मात्रा में पानी और ओआरएस का सेवन करें, अनावश्यक रूप से धूप में बाहर न निकलें और आंधी तथा वज्रपात के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें।


