ब्रिटिश नागरिकता मिलने के बाद मोहम्मद आमिर के लिए खुला आईपीएल का रास्ता

  • पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज ने जताई इंडियन प्रीमियर लीग में खेलने की इच्छा
  • ब्रिटिश पासपोर्ट मिलने के बाद विदेशी खिलाड़ी के रूप में पंजीकरण की संभावना बढ़ी

नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से चल रहे राजनीतिक तनाव का असर खेल जगत पर भी देखने को मिलता रहा है। इसी कारण पाकिस्तान के खिलाड़ियों को इंडियन प्रीमियर लीग में खेलने की अनुमति नहीं दी जाती है। हालांकि अब पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर के लिए इंडियन प्रीमियर लीग में खेलने का रास्ता साफ होता दिखाई दे रहा है। आमिर को ब्रिटिश नागरिकता मिलने के बाद अब वह विदेशी खिलाड़ी के रूप में दुनिया की विभिन्न फ्रेंचाइजी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के पात्र हो गए हैं। इस खबर के सामने आने के बाद क्रिकेट जगत में चर्चाएं तेज हो गई हैं। 34 वर्षीय मोहम्मद आमिर पाकिस्तान क्रिकेट टीम के प्रमुख तेज गेंदबाजों में गिने जाते रहे हैं। उन्होंने अपने करियर में पाकिस्तान के लिए 36 टेस्ट, 61 एकदिवसीय और 62 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं। नई गेंद से स्विंग कराने और दबाव की परिस्थितियों में प्रभावशाली गेंदबाजी करने के कारण उन्हें दुनिया के खतरनाक गेंदबाजों में शामिल किया जाता रहा है। अब ब्रिटिश नागरिकता मिलने के बाद उनके लिए इंडियन प्रीमियर लीग में खेलने की संभावना भी मजबूत हो गई है। जानकारी के अनुसार मोहम्मद आमिर काफी समय से ब्रिटेन का पासपोर्ट हासिल करने की प्रक्रिया में थे। उनकी पत्नी नरजिस खान ब्रिटिश नागरिक हैं और उसी आधार पर आमिर ने ब्रिटिश नागरिकता के लिए आवेदन किया था। हाल ही में यह प्रक्रिया पूरी होने की खबर सामने आई, जिसके बाद क्रिकेट जगत में चर्चा शुरू हो गई कि अब वह इंडियन प्रीमियर लीग में भाग लेने के योग्य हो सकते हैं। इस पूरे घटनाक्रम को तब और बल मिला जब मोहम्मद आमिर ने सामाजिक माध्यम मंच इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट साझा किया। उस पोस्ट में उनकी राष्ट्रीयता की स्थिति में बदलाव का उल्लेख किया गया था। इसके बाद क्रिकेट प्रशंसकों के बीच यह चर्चा तेज हो गई कि अब आमिर भविष्य में इंडियन प्रीमियर लीग की नीलामी प्रक्रिया में हिस्सा ले सकते हैं। मोहम्मद आमिर पहले भी सार्वजनिक रूप से इंडियन प्रीमियर लीग में खेलने की इच्छा जता चुके हैं। पाकिस्तान के एक चर्चित वार्तालाप कार्यक्रम “हारना मना है” में उन्होंने कहा था कि यदि उन्हें ब्रिटिश पासपोर्ट मिल जाता है तो वह इंडियन प्रीमियर लीग में खेलने के पात्र हो जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा था कि यदि उन्हें मौका मिला तो वह निश्चित रूप से इस प्रतियोगिता में खेलना चाहेंगे। आमिर ने उस कार्यक्रम में कहा था कि अगले वर्ष तक उनके लिए इंडियन प्रीमियर लीग में खेलने का अवसर बन सकता है। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें मौका मिलता है तो वह इस प्रतियोगिता का हिस्सा बनना पसंद करेंगे। उनके इस बयान के बाद से ही क्रिकेट जगत में अटकलों का दौर शुरू हो गया था। मोहम्मद आमिर का अंतरराष्ट्रीय करियर कई उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। उन्होंने दो बार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया। वर्ष 2024 के टी-20 विश्व कप में खेलने के लिए उन्होंने अपना संन्यास वापस लिया था। हालांकि पाकिस्तान टीम उस प्रतियोगिता में समूह चरण से आगे नहीं बढ़ सकी। इसके बाद आमिर ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी थी। हालांकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूरी बनाने के बावजूद आमिर दुनिया भर की फ्रेंचाइजी प्रतियोगिताओं में सक्रिय रहे हैं। उनकी तेज गति, स्विंग और अनुभव को देखते हुए विभिन्न टी-20 लीगों में उनकी मांग बनी रहती है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वह आधिकारिक रूप से ब्रिटिश खिलाड़ी के रूप में इंडियन प्रीमियर लीग की नीलामी सूची में शामिल होते हैं, तो कई टीमें उन्हें अपने साथ जोड़ने में रुचि दिखा सकती हैं। इंडियन प्रीमियर लीग की टीमें अक्सर ऐसे गेंदबाजों की तलाश में रहती हैं जो नई गेंद से स्विंग करा सकें और दबाव की स्थिति में विकेट लेने की क्षमता रखते हों। मोहम्मद आमिर इन सभी गुणों के कारण किसी भी टीम के लिए उपयोगी खिलाड़ी साबित हो सकते हैं। अब क्रिकेट प्रेमियों की नजर इस बात पर टिकी है कि आने वाले समय में क्या वास्तव में मोहम्मद आमिर इंडियन प्रीमियर लीग में खेलते दिखाई देंगे या नहीं।

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