बिहार में दोहरी मार: पांच जिलों में भीषण लू का रेड अलर्ट, 23 जिलों में बारिश के आसार

  • पछुआ हवाओं से दक्षिण-पश्चिम बिहार तप रहा, पूर्वी हवाओं से उत्तर बिहार में बदल रहा मौसम
  • मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर में घर से बाहर नहीं निकलने की दी सलाह, अगले कुछ दिनों तक जारी रहेगा मिला-जुला मौसम

पटना। बिहार के कई जिले इस समय भीषण गर्मी और उमस की चपेट में हैं। मौसम विभाग ने गुरुवार को राज्य के पांच जिलों भोजपुर, बक्सर, कैमूर, रोहतास और औरंगाबाद में लू को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार इन इलाकों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक तक पहुंच सकता है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं दूसरी ओर उत्तर और पूर्वी बिहार के कई जिलों में बारिश और तेज हवा चलने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार गोपालगंज, सीवान, सारण, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, मधुबनी समेत 23 जिलों में हल्की बारिश और आंधी के आसार बने हुए हैं। राजधानी पटना में भी आसमान में बादल छाए रहने और कुछ क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना है। हालांकि उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद कम है। गुरुवार को पटना का अधिकतम तापमान लगभग 38 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। बीते 24 घंटों के दौरान कैमूर राज्य का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 43.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा डेहरी में 43.1 और औरंगाबाद में 41.5 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। वहीं किशनगंज और सुपौल में हल्की बारिश हुई। खगड़िया समेत कुछ जिलों में बादल छाए रहे, लेकिन गर्मी का असर कम नहीं हुआ। सुबह से ही कई जिलों में तेज धूप निकलने लगी और सुबह 10 बजे तक तापमान 40 डिग्री के करीब पहुंच गया। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बिहार में इस समय दो अलग-अलग मौसमी प्रणालियां सक्रिय हैं। पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी बिहार में गर्म और शुष्क पछुआ हवाएं लगातार चल रही हैं। यही कारण है कि इन इलाकों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है और लू जैसी स्थिति बन गई है। दूसरी ओर बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी वाली पूर्वी हवाएं उत्तर और पूर्वी बिहार में बादल और बारिश का कारण बन रही हैं। इसी वजह से राज्य में एक साथ भीषण गर्मी और बारिश जैसा मिला-जुला मौसम देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि रेड अलर्ट वाले जिलों में मौसम बेहद गंभीर स्थिति में पहुंच सकता है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण हीट स्ट्रोक, चक्कर, उल्टी, तेज बुखार और बेहोशी जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। डॉक्टरों ने विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और बाहर काम करने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। लोगों से कहा गया है कि वे दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक घर से बाहर निकलने से बचें। साथ ही लगातार पानी पीते रहें और धूप से बचाव के उपाय अपनाएं। मौसम विभाग का कहना है कि अगले एक सप्ताह तक बिहार में मौसम का यही मिला-जुला स्वरूप बना रह सकता है। दक्षिण-पश्चिम जिलों में गर्मी और लू का असर जारी रहेगा, जबकि उत्तर और पूर्वी बिहार में बीच-बीच में बादल, तेज हवा और हल्की बारिश हो सकती है। विभाग ने यह भी संभावना जताई है कि दो से तीन दिन बाद तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की जा सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी बिहार, पूर्वी बांग्लादेश और गंगीय पश्चिम बंगाल के ऊपर अलग-अलग ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं। इन मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से वातावरण में नमी बढ़ रही है, जिससे आने वाले दिनों में गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। उधर दक्षिण-पश्चिम मानसून भी धीरे-धीरे सक्रिय हो रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक मानसून फिलहाल दक्षिण-पूर्व अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के कुछ हिस्सों में सक्रिय है। अनुकूल परिस्थितियों के कारण इसके आगे बढ़ने की संभावना बनी हुई है। विभाग ने 26 मई के आसपास केरल में मानसून के पहुंचने का अनुमान जताया है, हालांकि इसमें चार दिन आगे या पीछे होने की संभावना भी बनी हुई है।

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