पटना विश्वविद्यालय के इकबाल छात्रावास में मिले जिंदा बम, पुलिस की छापेमारी से मचा हड़कंप

  • गुप्त सूचना पर पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने चलाया सघन तलाशी अभियान, खंडहरनुमा भवन से बरामद हुए सूतली बम
  • छात्र गुटों के तनाव के बीच बड़ी साजिश की आशंका, निगरानी कैमरों और छात्रों से पूछताछ में जुटी पुलिस

पटना। राजधानी पटना में स्थित पटना विश्वविद्यालय परिसर में उस समय अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया, जब इकबाल छात्रावास में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जिंदा बम बरामद किए। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस और बम निरोधक दस्ते की संयुक्त टीम ने छात्रावास परिसर में सघन तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान छात्रावास के पीछे स्थित एक जर्जर और खंडहरनुमा भवन से दो जिंदा सूतली बम बरामद किए गए। घटना के बाद पूरे विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। जानकारी के अनुसार पुलिस को हाल के दिनों में छात्र गुटों के बीच बढ़ते तनाव और संभावित हिंसक झड़पों की सूचना मिल रही थी। सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट मिला था कि विश्वविद्यालय परिसर में बमबाजी जैसी गंभीर घटना को अंजाम दिया जा सकता है। इसी सूचना के आधार पर पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया और इकबाल छात्रावास में विशेष तलाशी अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। मंगलवार को पुलिस बल और बम निरोधक दस्ता भारी संख्या में छात्रावास परिसर पहुंचे। इसके बाद छात्रावास के कमरों, खाली पड़े हिस्सों और आसपास के क्षेत्रों की बारीकी से जांच शुरू की गई। तलाशी अभियान के दौरान छात्रावास के पीछे स्थित एक पुराने भवन में प्लास्टिक में लिपटे दो संदिग्ध पैकेट मिले। मौके पर मौजूद बम निरोधक दस्ते ने जांच के बाद पुष्टि की कि दोनों पैकेटों में जिंदा सूतली बम मौजूद हैं। बम मिलने की सूचना फैलते ही छात्रावास परिसर में अफरा-तफरी मच गई। बड़ी संख्या में पुलिस बल, बम निरोधक दस्ता और सुरक्षा कर्मियों की गतिविधियों को देखकर छात्र घबरा गए। कुछ समय के लिए पूरे इलाके में भय और दहशत का माहौल बना रहा। पुलिस ने एहतियात के तौर पर छात्रावास के आसपास लोगों की आवाजाही सीमित कर दी और सुरक्षा घेरा बना दिया। बम निरोधक दस्ते ने अत्यंत सावधानी के साथ दोनों बमों को अपने कब्जे में लिया और उन्हें सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय करने की प्रक्रिया शुरू की। अधिकारियों का कहना है कि यदि समय रहते इन बमों को बरामद नहीं किया जाता तो किसी बड़ी घटना से इंकार नहीं किया जा सकता था। प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि विस्फोटकों को किसी सुनियोजित वारदात को अंजाम देने के उद्देश्य से वहां छिपाकर रखा गया था। सूत्रों के अनुसार पुलिस अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर इन बमों को वहां किसने रखा और इसके पीछे कौन लोग शामिल हो सकते हैं। पुलिस आसपास लगे निगरानी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाल रही है। इसके साथ ही छात्रावास में रहने वाले छात्रों और कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां इस पहलू पर भी ध्यान दे रही हैं कि कहीं विश्वविद्यालय परिसर में किसी बड़ी हिंसक साजिश की तैयारी तो नहीं की जा रही थी। हाल के दिनों में छात्र संगठनों और गुटों के बीच तनाव की खबरें लगातार सामने आती रही हैं। ऐसे में जिंदा बम की बरामदगी ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और बढ़ा दी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया गया है। पूरे विश्वविद्यालय परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। विश्वविद्यालय प्रशासन भी लगातार पुलिस के संपर्क में है और छात्रों से शांति तथा संयम बनाए रखने की अपील की गई है। बरामद विस्फोटकों को अब वैज्ञानिक जांच के लिए भेजने की तैयारी की जा रही है। जांच के माध्यम से यह पता लगाने का प्रयास होगा कि इन बमों को कब तैयार किया गया और उनका उद्देश्य क्या था। राजधानी के एक प्रमुख शैक्षणिक संस्थान में जिंदा बम मिलने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है और दोषियों की पहचान के लिए लगातार कार्रवाई जारी है।

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