सम्राट कैबिनेट की तीसरी बैठक में 19 एजेंडों पर मुहर: सरकारी कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ा; पांच जिलों में होंगे ग्रामीण पुलिस अधीक्षक

  • नौ लाख कर्मचारियों और पेंशनरों को राहत, जनवरी 2026 से मिलेगा बढ़े हुए महंगाई भत्ते का लाभ
  • नई सरकार ने आधुनिक शहरों, महिला सुरक्षा और हवाई संपर्क बढ़ाने को लेकर भी लिए कई अहम निर्णय

पटना। बिहार की नई सरकार ने अपनी तीसरी मंत्रिमंडलीय बैठक में कई बड़े और जनहित से जुड़े फैसलों पर मुहर लगाई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 19 एजेंडों को मंजूरी दी गई। इनमें सबसे अहम फैसला राज्य के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के महंगाई भत्ते में वृद्धि का रहा। सरकार ने महंगाई भत्ता 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत करने का निर्णय लिया है। इसका लाभ राज्य के करीब नौ लाख कर्मचारियों, अधिकारियों और सेवानिवृत्त कर्मियों को मिलेगा। सरकार के अनुसार बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता एक जनवरी 2026 से प्रभावी माना जाएगा। वित्त विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह फैसला केंद्र सरकार की तर्ज पर लिया गया है ताकि बढ़ती महंगाई के बीच कर्मचारियों और पेंशनरों को आर्थिक राहत मिल सके।
महंगाई भत्ते में वृद्धि से वेतन में होगा इजाफा
कैबिनेट के इस फैसले के बाद सरकारी कर्मचारियों के वेतन में सीधा असर दिखाई देगा। सबसे निचले वेतनमान पर कार्यरत, 19 हजार रुपये मूल वेतन पाने वाले कर्मचारियों को हर महीने लगभग 390 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। वहीं वरिष्ठ भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारियों, जिनका मूल वेतन करीब 2 लाख 25 हजार रुपये है, उन्हें लगभग 4500 रुपये प्रतिमाह का अतिरिक्त लाभ मिलेगा। सरकार ने पेंशनरों को भी राहत देने का निर्णय लिया है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद पेंशन पाने वाले लोगों की मासिक राशि में 250 रुपये से लेकर 2200 रुपये तक की बढ़ोतरी होगी। सरकार का कहना है कि बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की लागत को देखते हुए यह फैसला आवश्यक था।
ग्रामीण क्षेत्रों में कानून व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी
कैबिनेट बैठक में कानून व्यवस्था को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। राज्य के पांच बड़े जिलों में ग्रामीण पुलिस अधीक्षक के नए पद सृजित करने की मंजूरी दी गई है। पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर, वैशाली, मधुबनी और सीवान में अब अलग से ग्रामीण पुलिस अधीक्षक तैनात किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इन जिलों में ग्रामीण इलाकों की आबादी और अपराध की घटनाओं को देखते हुए अलग प्रशासनिक व्यवस्था जरूरी थी। नए पद सृजित होने से पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा और अपराध नियंत्रण में भी सहायता मिलेगी।
आधुनिक उपग्रह नगर बसाने की योजना पर तेजी
नई सरकार की शुरुआती कैबिनेट बैठकों में शहरी विकास को लेकर भी बड़े फैसले लिए गए हैं। पहली मंत्रिमंडलीय बैठक में बिहार के विभिन्न शहरों के आसपास 11 आधुनिक उपग्रह नगर विकसित करने की घोषणा की गई थी। इन नगरों का निर्माण पटना, सोनपुर, गया, दरभंगा, सहरसा, पूर्णिया, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, भागलपुर और छपरा के आसपास किया जाएगा। सरकार ने इन क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री पर अस्थायी रोक लगाने का फैसला भी किया है ताकि नियोजित तरीके से विकास कार्य किए जा सकें। नगर विकास विभाग इन नए शहरों का विस्तृत प्रारूप तैयार कर रहा है। इसमें सड़क, आवास, अस्पताल, विद्यालय, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं की व्यापक योजना शामिल होगी। सरकार ने इन नए शहरों के नाम बिहार की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान से जोड़ने का निर्णय लिया है। पटना के निकट बनने वाले नगर का नाम पाटलिपुत्र रखा जाएगा, जबकि सोनपुर क्षेत्र में हरिहरनाथपुर नाम से उपग्रह नगर विकसित किया जाएगा।
80 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को घर पर मिलेगी सुविधा
सरकार ने बुजुर्गों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जमीन रजिस्ट्री की प्रक्रिया को सरल बनाने का भी फैसला लिया है। अब 80 वर्ष से अधिक आयु वाले लोगों को जमीन रजिस्ट्री के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। सरकारी कर्मचारी स्वयं उनके घर जाकर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करेंगे। सरकार का कहना है कि इस निर्णय का उद्देश्य बुजुर्ग नागरिकों को अनावश्यक परेशानी और लंबी प्रक्रिया से राहत देना है। इसे प्रशासनिक सेवा को अधिक मानवीय और जनहितकारी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सड़क हादसों को विशेष स्थानीय आपदा का दर्जा
कैबिनेट ने सड़क दुर्घटनाओं को लेकर भी बड़ा फैसला लिया है। अब सामूहिक सड़क दुर्घटनाओं को विशेष स्थानीय आपदा की श्रेणी में रखा जाएगा। इसके तहत दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों और घायलों को राज्य आपदा मोचन निधि से आर्थिक सहायता दी जाएगी। सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि 15 सितंबर 2021 से 31 मार्च 2022 के बीच हुई दुर्घटनाओं के पीड़ितों को भी इस योजना का लाभ मिलेगा। इससे उन परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है जो लंबे समय से सहायता का इंतजार कर रहे थे।
महिला सुरक्षा के लिए ‘पुलिस दीदी’ योजना
महिला सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से सरकार ने ‘पुलिस दीदी’ योजना को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत महिला पुलिसकर्मियों को सड़कों पर सक्रिय गश्त के लिए स्कूटी और मोटरसाइकिल उपलब्ध कराई जाएंगी। सरकार ने 1500 स्कूटी और 3200 मोटरसाइकिल खरीदने का निर्णय लिया है। इन वाहनों के जरिए महिला पुलिसकर्मी स्कूल, कॉलेज और सार्वजनिक स्थलों के आसपास नियमित निगरानी करेंगी। सरकार का कहना है कि इससे छात्राओं और महिलाओं में सुरक्षा की भावना मजबूत होगी।
हवाई संपर्क बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम
राज्य में हवाई सेवाओं का विस्तार करने के लिए भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। सोनपुर और अजगैबीनाथ धाम में नए हरित क्षेत्रीय हवाई अड्डों के निर्माण को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा दरभंगा हवाई अड्डे के स्थायी नागरिक विमानन परिसर के लिए जमीन उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से बिहार में पर्यटन, व्यापार और आवागमन को नई गति मिलेगी। साथ ही राज्य के दूरदराज क्षेत्रों की हवाई संपर्क व्यवस्था भी बेहतर होगी।
नई सरकार के फैसलों से विकास की उम्मीद
सम्राट चौधरी सरकार की लगातार हो रही कैबिनेट बैठकों में विकास, प्रशासनिक सुधार और जनसुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। महंगाई भत्ते में वृद्धि से जहां कर्मचारियों और पेंशनरों को राहत मिलेगी, वहीं पुलिस व्यवस्था, महिला सुरक्षा, आधुनिक शहरों और हवाई संपर्क से जुडेे फैसलों को राज्य के दीर्घकालिक विकास की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। बिहार सरकार का दावा है कि आने वाले समय में इन योजनाओं का लाभ सीधे आम लोगों तक पहुंचेगा और राज्य में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार तेजी से होगा।