खुसरूपुर में जर्जर सड़क के विरोध में ऑटो चालकों का प्रदर्शन, घंटों जाम से ठप रही आवाजाही
- 12 वर्षों से बदहाल सड़क को लेकर फूटा लोगों का गुस्सा
- जलजमाव और गड्ढों से बढ़ रहे हादसे, सड़क निर्माण की मांग तेज
पटना। जिले के खुसरूपुर में जर्जर सड़क और प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ ऑटो चालकों और स्थानीय लोगों का गुस्सा आखिरकार सड़क पर उतर आया। स्टेट हाईवे से रेलवे गुमटी तक जाने वाली मुख्य सड़क की खराब स्थिति से परेशान चालकों ने बीच सड़क पर ऑटो खड़ी कर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान सड़क पूरी तरह जाम हो गई और कई घंटों तक इलाके में यातायात व्यवस्था चरमरा गई। प्रदर्शन के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। स्कूल जाने वाले बच्चों, मरीजों, नौकरीपेशा लोगों और यात्रियों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ा। सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रदर्शन कर रहे ऑटो चालक अजय कुमार और गोलू ने बताया कि यह सड़क पिछले लगभग 12 वर्षों से बदहाल स्थिति में है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं, जिनमें बारिश और नालियों का पानी जमा रहता है। जलजमाव के कारण सड़क की वास्तविक स्थिति दिखाई नहीं देती, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। चालकों का कहना है कि खराब सड़क के कारण ऑटो और ई-रिक्शा अक्सर पलट जाते हैं। इससे न केवल वाहनों को नुकसान पहुंचता है, बल्कि यात्रियों की जान भी खतरे में रहती है। कई बार लोग चोटिल हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की समस्या को लेकर कई बार शिकायत की जा चुकी है। ग्रामीण कार्य विभाग के अंतर्गत आने वाली इस सड़क की मरम्मत की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अब तक स्थिति जस की तस बनी हुई है। स्थानीय निवासी राहुल कुमार ने बताया कि सांसद और क्षेत्रीय विधायक को कई बार सड़क की बदहाल स्थिति से अवगत कराया गया, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद जनता की समस्याओं को नजरअंदाज कर दिया जाता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सड़क पर जलजमाव और कीचड़ के कारण लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। बरसात के मौसम में स्थिति और अधिक खराब हो जाती है। कई बार एंबुलेंस और अन्य जरूरी वाहन भी जाम में फंस जाते हैं, जिससे मरीजों को परेशानी उठानी पड़ती है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सड़क की खराब स्थिति का सीधा असर स्थानीय व्यापार और दैनिक जीवन पर पड़ रहा है। ऑटो चालकों की आमदनी प्रभावित हो रही है क्योंकि यात्री खराब सड़क के कारण यात्रा करने से बचते हैं। वहीं वाहन बार-बार खराब होने से मरम्मत पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है। आंदोलन कर रहे लोगों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि जब तक सड़क निर्माण को लेकर कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलता या काम शुरू नहीं किया जाता, तब तक उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे अब सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर काम देखना चाहते हैं। घंटों जाम रहने के बाद स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने लोगों को समझाने का प्रयास किया और जल्द समस्या के समाधान का भरोसा दिया। इसके बाद धीरे-धीरे जाम हटाया गया और यातायात बहाल हो सका। विशेषज्ञों का मानना है कि खराब सड़कें न केवल दुर्घटनाओं का कारण बनती हैं, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी प्रभावित करती हैं। सड़क संपर्क बेहतर होने से व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और यातायात व्यवस्था मजबूत होती है। इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण और कस्बाई इलाकों की आधारभूत संरचना की कमजोर स्थिति को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोग अब सड़क निर्माण को लेकर गंभीर और स्थायी पहल की मांग कर रहे हैं। फिलहाल प्रशासन की ओर से सड़क की मरम्मत को लेकर कोई आधिकारिक समय सीमा घोषित नहीं की गई है। हालांकि प्रदर्शन के बाद इलाके में सड़क निर्माण की मांग और तेज हो गई है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि अब प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जल्द समाधान की दिशा में कदम उठाएगा।


