मंदिरी नाले पर बनी नई सड़क का हुआ उद्घाटन, पटना को जाम से मिलेगी बड़ी राहत

  • मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने किया लोकार्पण
  • गंगा पथ से सीधा जुड़ाव, तीन लाख से अधिक लोगों को मिलेगा लाभ

पटना। राजधानी पटना की लगातार बढ़ती यातायात समस्या को कम करने की दिशा में सोमवार को एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने मंदिरी नाले पर निर्मित नई सड़क का लोकार्पण किया। इस सड़क के शुरू होने से राजधानी के लाखों लोगों को जाम की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। नई सड़क के माध्यम से अब लोग आयकर गोलंबर से सीधे जेपी गंगा पथ तक आसानी से पहुंच सकेंगे, जिससे शहर के कई प्रमुख इलाकों में आवागमन पहले की तुलना में अधिक सुगम हो जाएगा।
लोकार्पण समारोह में दिखा रोचक दृश्य
उद्घाटन समारोह के दौरान एक दिलचस्प क्षण भी देखने को मिला। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जैसे ही दूर नियंत्रित यंत्र के माध्यम से शिलापट्ट का अनावरण करने का प्रयास किया, पर्दा बीच में ही अटक गया। कुछ क्षणों के लिए मंच पर हलचल मच गई। इसके बाद वहां मौजूद अधिकारियों ने तुरंत आगे बढ़कर हाथ से पर्दा हटाया। जैसे ही शिलापट्ट पूरी तरह दिखाई दिया, समारोह में मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर उद्घाटन का स्वागत किया। इस छोटे से घटनाक्रम ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
राजधानी की यातायात व्यवस्था को मिलेगा नया विकल्प
मंदिरी नाले पर बनी यह सड़क पटना शहर के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सड़क निर्माण के बाद अब आयकर गोलंबर से गंगा पथ तक सीधा संपर्क स्थापित हो गया है। इससे पीएमसीएच, एनएमसीएच, गायघाट, कंगनघाट, गुरुद्वारा और दीदारगंज जैसे इलाकों में आने-जाने वाले लोगों को काफी सुविधा मिलेगी। अब तक लोगों को बेली रोड से डाकबंगला चौराहा और गांधी मैदान होकर गुजरना पड़ता था, जहां दिनभर भारी जाम की स्थिति बनी रहती थी। नई सड़क शुरू होने के बाद लोगों को वैकल्पिक मार्ग मिलेगा और डाकबंगला चौराहे पर वाहनों का दबाव कम होने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे राजधानी की यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।
पूर्व मुख्यमंत्री की योजना, नितिन नवीन का सपना
इस परियोजना का शिलान्यास पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया था। वहीं इसे भाजपा नेता और पूर्व बांकीपुर विधायक नितिन नवीन की महत्वाकांक्षी योजना भी माना जाता है। विधायक रहते हुए उन्होंने इस परियोजना को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। नई सड़क का नाम उनके पिता के नाम पर “नवीन किशोर सिन्हा पथ” रखा गया है। उद्घाटन के दौरान नितिन नवीन ने कहा कि यह सड़क केवल एक मार्ग नहीं, बल्कि पटना के भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाई गई आधारभूत संरचना का हिस्सा है।
तीन लाख से अधिक लोगों को होगा सीधा लाभ
अधिकारियों के अनुसार इस सड़क का सीधा लाभ तीन लाख से अधिक लोगों को मिलेगा। कभी जिस मंदिरी नाले की दुर्गंध और गंदगी से लोग परेशान रहते थे, आज उसी स्थान पर आधुनिक सड़क बन गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले इस इलाके से गुजरना भी मुश्किल होता था, लेकिन अब यहां चौड़ी और साफ सड़क तैयार हो चुकी है। यह परियोजना पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा पूरी की गई है। योजना के तहत पहले नाले का पुनर्निर्माण किया गया और फिर उसे ढककर उसके ऊपर सड़क बनाई गई। यह सड़क नेहरू पथ यानी बेली रोड के तारामंडल क्षेत्र से शुरू होकर जयप्रकाश गंगा पथ तक जाती है। इसकी कुल लंबाई 1289 मीटर बताई गई है। इसके साथ ही साढ़े तीन मीटर चौड़ी सेवा सड़क का भी निर्माण किया गया है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस है सड़क
परियोजना में आधुनिक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। सड़क के दोनों किनारों पर उपयोगिता नलिका बनाई गई है, जिसमें बिजली के तारों को भूमिगत किया गया है। इससे ऊपर लटकते तारों की समस्या खत्म होगी और दुर्घटनाओं की आशंका भी कम होगी। इसके अलावा जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए विशेष ढांचे तैयार किए गए हैं। सफाई कार्य को आसान बनाने के लिए दो ढलान मार्ग और तीन गाद निकासी कक्ष बनाए गए हैं। वहीं पानी के प्रवाह को नियंत्रित करने के लिए चार जल नियंत्रण द्वार लगाए गए हैं। सड़क को आकर्षक बनाने के लिए आधुनिक प्रकाश व्यवस्था भी की गई है। मार्ग पर सजावटी रोशनी, हरियाली और सुंदर प्रकाश स्तंभ लगाए गए हैं, जिससे रात के समय यह क्षेत्र और अधिक आकर्षक दिखाई देगा।
भविष्य में और बेहतर होगी संपर्क व्यवस्था
मंदिरी नाले की यह सड़क अशोक राजपथ के काली मंदिर क्षेत्र के पास निकलती है। इसके अलावा एएन सिन्हा गोलंबर के निकट गंगा पथ और मंदिरी नाले की सड़क को जोड़ने वाला नया संपर्क मार्ग भी बनाया गया है। अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में एक और सड़क का निर्माण किया जाएगा, जो गंगा पथ और अशोक राजपथ को बांसघाट के रास्ते जोड़ेगी। इससे लोगों को और अधिक वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होंगे तथा राजधानी में यातायात का दबाव विभाजित किया जा सकेगा।
लंबे इंतजार के बाद पूरी हुई परियोजना
स्थानीय लोगों के अनुसार इस परियोजना का इंतजार लंबे समय से किया जा रहा था। वर्ष 2018 में इस सड़क को बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई थी, लेकिन कोरोना महामारी और अन्य प्रशासनिक कारणों से कार्य प्रभावित हुआ। कई बार निर्माण कार्य धीमा पड़ गया था, जिससे लोगों में निराशा भी थी। अब सड़क के पूरी तरह तैयार होकर शुरू होने से स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल है। लोगों का कहना है कि यह परियोजना राजधानी की बदलती तस्वीर का प्रतीक है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की आधारभूत संरचना परियोजनाएं केवल यातायात को आसान नहीं बनातीं, बल्कि शहर के विकास की गति को भी तेज करती हैं। मंदिरी नाले पर बनी यह नई सड़क पटना को आधुनिक और सुव्यवस्थित शहर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।