बिहार में भीषण गर्मी का कहर, पांच जिलों में लू का रेड अलर्ट, रोहतास में 44 डिग्री तापमान

  • 23 जिलों में लू जैसे हालात, पटना में लगातार चौथे दिन 40 डिग्री के पार तापमान
  • उत्तर बिहार में बारिश से राहत, मौसम वैज्ञानिकों ने बदलते सिस्टम को बताया वजह

पटना। बिहार में इन दिनों भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। राज्य के करीब 23 जिलों में लू जैसे हालात बने हुए हैं, जबकि मौसम विभाग ने पांच जिलों में हीट वेव को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जाने की संभावना जताई गई है, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ सकती है। सबसे अधिक तापमान रोहतास जिले के डेहरी में दर्ज किया गया, जहां पारा 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। यह आंकड़ा अप्रैल महीने के पिछले पांच वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ने वाला साबित हुआ है। इससे पहले 2024 में बक्सर में 44.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया था। वर्ष 2025 में डेहरी में 42.4 डिग्री, 2023 में औरंगाबाद में 42.6 डिग्री और 2022 में बक्सर में 43.8 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया था। राजधानी पटना में भी गर्मी लगातार बढ़ रही है। यहां चौथे दिन भी अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे में पटना में तेज धूप बनी रहेगी और तापमान 41 डिग्री तक पहुंच सकता है। पछुआ हवाओं के कारण दिन में लू जैसी स्थिति बनने की संभावना जताई गई है, जिससे आम लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। दक्षिण बिहार के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क बना हुआ है, जिससे गर्मी का असर और अधिक महसूस किया जा रहा है। नालंदा में चिलचिलाती धूप के कारण सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। यहां अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। हालांकि हल्की हवा चलने से थोड़ी राहत महसूस की जा रही है। वहीं दूसरी ओर उत्तर बिहार के कुछ जिलों में मौसम ने करवट ली है। किशनगंज में तेज हवाओं और कड़कती बिजली के साथ मूसलाधार बारिश हुई, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। मौसम विभाग ने किशनगंज के साथ-साथ पूर्णिया और कटिहार में भी हल्की बारिश और तेज हवा चलने की संभावना जताई है। सुपौल में फिलहाल मौसम सामान्य है, लेकिन 26 से 29 अप्रैल के बीच बारिश, आंधी और वज्रपात को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। इससे संकेत मिलता है कि राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का प्रभाव भिन्न-भिन्न रूप में दिखाई दे रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वर्तमान में कई मौसमी प्रणालियां सक्रिय हैं, जिनका असर बिहार के मौसम पर पड़ रहा है। बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल क्षेत्र के ऊपर निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इसके अलावा ऊपरी वायुमंडल में तेज पछुआ हवाएं भी चल रही हैं, जिससे उत्तर बिहार में बादल बन रहे हैं और दक्षिण बिहार में गर्मी बढ़ रही है। विशेषज्ञों ने बताया कि जब अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचता है या 40 डिग्री से ऊपर लगातार बना रहता है, तो उसे हीट वेव की स्थिति माना जाता है। इस दौरान लू चलने, शरीर में पानी की कमी और हीट स्ट्रोक का खतरा काफी बढ़ जाता है। वहीं हॉट डे की स्थिति तब होती है, जब तापमान सामान्य से अधिक हो, लेकिन लू जरूरी नहीं होती। मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। खासकर दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने, अधिक पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी गई है। किसानों को भी वज्रपात और तेज हवाओं को देखते हुए सतर्क रहने को कहा गया है। बिहार में मौसम दो अलग-अलग रूप में नजर आ रहा है। एक ओर दक्षिणी हिस्सों में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप है, वहीं उत्तर बिहार के कुछ जिलों में बारिश से राहत मिल रही है। आने वाले दिनों में मौसम में आंशिक बदलाव की संभावना जताई जा रही है, लेकिन फिलहाल गर्मी से राहत मिलने के आसार कम ही दिख रहे हैं।

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