September 12, 2026

पहलगाम हमले की पहली बरसी पर प्रधानमंत्री का संदेश, आतंक के खिलाफ भारत का संकल्प दोहराया

  • 26 पर्यटकों की हत्या को याद कर देश भावुक, ‘निर्दोषों की मौत भुलाई नहीं जा सकती’
  • घाटी में कड़ी सुरक्षा, सेना और गृह मंत्रालय ने आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख दोहराया

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले की पहली बरसी पर पूरा देश शोक और संकल्प के भाव में डूबा हुआ है। 22 अप्रैल 2025 को हुए इस हमले ने 26 निर्दोष पर्यटकों की जान ले ली थी, जिससे पूरे देश में गहरा आक्रोश और पीड़ा फैल गई थी। बरसी के मौके पर नरेंद्र मोदी ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि निर्दोष लोगों की मौत को कभी भुलाया नहीं जा सकता और आतंकवाद के खिलाफ भारत का संघर्ष लगातार जारी रहेगा। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में स्पष्ट किया कि आतंकियों के नापाक मंसूबे कभी सफल नहीं होंगे और भारत किसी भी प्रकार के आतंकवाद के आगे झुकेगा नहीं। उन्होंने कहा कि यह दुख और संकल्प का समय है, जब पूरा राष्ट्र एकजुट होकर आतंकवाद के खिलाफ खड़ा है। प्रधानमंत्री के इस बयान को देश की दृढ़ इच्छाशक्ति और सुरक्षा नीति का प्रतिबिंब माना जा रहा है। गौरतलब है कि पहलगाम के बैसरन क्षेत्र में हुए इस हमले ने देश को झकझोर कर रख दिया था। खूबसूरत वादियों में घूमने आए पर्यटक अचानक आतंकियों की गोलीबारी का शिकार हो गए। उस दिन बैसरन घाटी, जिसे ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ के नाम से जाना जाता है, चीखों और बारूद के धुएं से भर गई थी। हमलावरों ने अंधाधुंध फायरिंग करते हुए 26 लोगों की जान ले ली थी, जिनमें कई परिवारों के सदस्य शामिल थे। बरसी के अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि यह घटना आज भी हर भारतीय के दिल में दर्द के रूप में मौजूद है। उन्होंने आतंकवाद को मानवता का सबसे बड़ा दुश्मन बताते हुए कहा कि इसके खिलाफ सभी को एकजुट होकर लड़ना होगा। उन्होंने यह भी दोहराया कि भारत आतंकवाद और उसे समर्थन देने वालों के खिलाफ अपनी शून्य सहनशीलता नीति पर कायम रहेगा। इस बीच भारतीय सेना ने भी अपने आधिकारिक माध्यमों से सख्त संदेश जारी किया है। सेना ने कहा कि भारत के खिलाफ किसी भी कार्रवाई का जवाब निश्चित और निर्णायक होगा तथा न्याय हर हाल में सुनिश्चित किया जाएगा। सेना ने अपने बयान में ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए बताया कि मई 2025 में आतंकियों के खिलाफ चलाए गए इस अभियान में व्यापक स्तर पर कार्रवाई की गई थी। ऑपरेशन सिंदूर के तहत लगभग 300 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाया गया, जो 93 दिनों तक लगातार जारी रहा। इस दौरान तीन आतंकियों को मार गिराया गया और आतंकवादी नेटवर्क को कमजोर करने के प्रयास किए गए। सेना ने स्पष्ट किया कि यह अभियान अभी भी जारी है और आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई लगातार चलती रहेगी। पहलगाम हमले के बाद देशभर में व्यापक आक्रोश देखने को मिला था। कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन हुए और लोगों ने आतंकवाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए थे, जिसके बाद सरकार ने घाटी में सुरक्षा को और मजबूत किया। बरसी के मौके पर जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है। खुफिया एजेंसियों ने अलर्ट जारी किया है और पर्यटक स्थलों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। इसके अलावा आसपास के जंगलों में तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके। हमले के कुछ ही दिनों बाद भारत ने आतंकियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में स्थित आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। यह कार्रवाई 6 और 7 मई 2025 को की गई थी, जिसे पहलगाम हमले का जवाब माना गया। आज, जब इस दर्दनाक घटना को एक वर्ष पूरा हो चुका है, देश उन सभी लोगों को श्रद्धांजलि दे रहा है जिन्होंने अपनी जान गंवाई। साथ ही यह संकल्प भी दोहराया जा रहा है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी और निर्दोषों के बलिदान को कभी भुलाया नहीं जाएगा।

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