नीतीश कैबिनेट की आज अंतिम बैठक, इस्तीफे के साथ खत्म होगा कार्यकाल
- 11 बजे मुख्यमंत्री आवास पर बैठक, कई अहम प्रस्तावों पर लग सकती है मुहर
- मंत्रियों द्वारा धन्यवाद ज्ञापन की तैयारी, चार माह में सीमित बैठकें बनीं चर्चा का विषय
पटना। बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव आज तय माना जा रहा है, जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में कैबिनेट की अंतिम बैठक आयोजित की जाएगी। यह बैठक सोमवार सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री आवास पर होगी, जिसके बाद नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने की संभावना है। इस बैठक को मौजूदा सरकार के कार्यकाल का अंतिम औपचारिक चरण माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, इस अंतिम बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई जा सकती है। साथ ही, कैबिनेट के सभी सदस्य मुख्यमंत्री को उनके लंबे कार्यकाल के लिए धन्यवाद भी देंगे। बताया जा रहा है कि पिछले लगभग दो दशकों से बिहार की राजनीति में अहम भूमिका निभाने के लिए मंत्रीगण उन्हें औपचारिक रूप से आभार व्यक्त करेंगे। उल्लेखनीय है कि नवंबर में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार बनने के बाद नीतीश कुमार ने दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। हालांकि, इस कार्यकाल के दौरान कैबिनेट की बैठकों की संख्या सीमित रही है। पिछले चार महीनों में दस से भी कम बैठकें आयोजित की गई हैं, जो राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। कैबिनेट की पिछली बैठक 20 फरवरी 2026 को हुई थी, जिसमें सोनपुर में हवाई अड्डा निर्माण से संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी। इसके बाद लगभग दो महीनों तक कोई बैठक नहीं हुई, जिस पर विपक्ष ने भी सवाल उठाए। नेता प्रतिपक्ष ने इस मुद्दे को लेकर सरकार की कार्यशैली पर टिप्पणी की थी। मौजूदा कैबिनेट में कुल 26 मंत्री शामिल हैं, जिनमें उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा, दिलीप जायसवाल, श्रवण कुमार, विजय चौधरी, लेसी सिंह और जमा खान सहित अन्य मंत्री शामिल हैं। सभी मंत्री आज होने वाली अंतिम बैठक में उपस्थित रहेंगे और सरकार के कार्यकाल का समापन करेंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बैठक न केवल प्रशासनिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि प्रतीकात्मक रूप से भी एक युग के अंत का संकेत देती है। इस दौरान लिए जाने वाले निर्णय आगामी सरकार के लिए भी दिशा तय कर सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, बैठक में राज्य के विकास, प्रशासनिक सुधार और लंबित परियोजनाओं से जुड़े कुछ अहम प्रस्तावों पर चर्चा हो सकती है। हालांकि, अंतिम निर्णय बैठक के बाद ही स्पष्ट होगा। नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद राज्य में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसके तहत विधायक दल की बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें नए नेता का चयन किया जाएगा। इसके बाद नई सरकार के शपथ ग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इस बीच राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि नई सरकार में कैबिनेट का स्वरूप और प्राथमिकताएं बदल सकती हैं। ऐसे में आज की बैठक को एक संक्रमण काल की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर भी इस बदलाव को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराया जाए। फिलहाल, पूरे राज्य की नजरें आज होने वाली इस अंतिम कैबिनेट बैठक पर टिकी हुई हैं। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट हो जाएगा कि मौजूदा सरकार अपने कार्यकाल के अंत में कौन-कौन से महत्वपूर्ण निर्णय लेती है। यह बैठक बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित होने जा रही है, जहां एक ओर मौजूदा सरकार अपने कार्यकाल का समापन करेगी, वहीं दूसरी ओर नई राजनीतिक दिशा की शुरुआत होगी।


