बिहार की राजनीति में हलचल तेज, दिल्ली दौरे से पहले कैबिनेट बैठक टली

  • राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे मुख्यमंत्री, वापसी के बाद बड़े फैसलों के संकेत
  • सरकार गठन और नेतृत्व परिवर्तन को लेकर अटकलें तेज, अंतिम निर्णय विधायक दल पर निर्भर

पटना। बिहार की राजनीति में इन दिनों गतिविधियां तेज हो गई हैं और सत्ता के गलियारों में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रस्तावित दिल्ली दौरे और कैबिनेट बैठक के अचानक टल जाने से राजनीतिक हलचल और बढ़ गई है। पहले यह माना जा रहा था कि मुख्यमंत्री दिल्ली रवाना होने से पहले कैबिनेट बैठक करेंगे, लेकिन ताजा जानकारी के अनुसार यह बैठक स्थगित कर दी गई है। अब मुख्यमंत्री गुरुवार को दिल्ली के लिए रवाना होंगे, जहां वे 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण करेंगे और 11 अप्रैल को पटना लौट आएंगे। इस घटनाक्रम के बीच राज्य में नई सरकार के गठन को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार यदि 13 या 14 अप्रैल को अपने पद से इस्तीफा देते हैं, तो 20 फरवरी को आयोजित कैबिनेट बैठक उनके कार्यकाल की अंतिम बैठक मानी जाएगी। हालांकि इस पर आधिकारिक रूप से अभी कोई पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सियासी गलियारों में इसे लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री के करीबी मंत्री श्रवण कुमार ने कैबिनेट बैठक को लेकर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि बैठक तभी बुलाई जाती है जब उसकी आवश्यकता होती है और किसी विशेष एजेंडा के तहत ही इसका आयोजन किया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल ऐसी कोई आवश्यकता नहीं है, इसलिए बैठक नहीं हो रही है। मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे और संभावित इस्तीफे के सवाल पर उन्होंने कहा कि सरकार आगे भी नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में ही चलेगी। श्रवण कुमार ने यह भी भरोसा दिलाया कि मुख्यमंत्री द्वारा किए गए सभी वादों को पूरा किया जाएगा। इनमें नौकरी और रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ-साथ महिलाओं को दो लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता देने जैसी योजनाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सरकार अपने विकास एजेंडा पर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इसमें किसी प्रकार की रुकावट नहीं आने दी जाएगी। मुख्यमंत्री पद के संभावित उत्तराधिकारी को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। विशेष रूप से नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार का नाम सामने आने के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए श्रवण कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री कौन होगा, इसका अंतिम निर्णय राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के विधायक दल की बैठक में लिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि निशांत कुमार को मुख्यमंत्री बनाए जाने की संभावना को नकारा नहीं जा सकता, लेकिन इस पर अंतिम फैसला सामूहिक रूप से ही होगा। उन्होंने आगे कहा कि विधायक दल की बैठक का एजेंडा अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन इसमें महत्वपूर्ण राजनीतिक निर्णय लिए जा सकते हैं। मुख्यमंत्री के संभावित इस्तीफे की खबरों पर लोगों की भावनात्मक प्रतिक्रिया के सवाल पर उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने पिछले 20 वर्षों में बिहार को एक नई दिशा दी है, इसलिए लोगों का उनसे भावनात्मक जुड़ाव स्वाभाविक है। वहीं राज्य में जहरीली शराब की घटनाओं को लेकर भी सरकार सतर्क नजर आ रही है। इस मुद्दे पर श्रवण कुमार ने कहा कि दोषियों की गिरफ्तारी लगातार जारी है और इस मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। बिहार की राजनीति इस समय एक निर्णायक मोड़ पर खड़ी है। मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे, संभावित इस्तीफे और नई सरकार के गठन को लेकर आने वाले दिनों में स्थिति और स्पष्ट हो सकती है। सभी की नजर अब विधायक दल की बैठक और उसके फैसलों पर टिकी हुई है, जो राज्य की राजनीति की दिशा तय करेगी।

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