बिहार में 15 तक होगा नई सरकार का गठन, कल दिल्ली जाएंगे नीतीश, 10 अप्रैल को लेंगे राज्यसभा की शपथ

  • दिल्ली दौरे के बाद 14 अप्रैल को पद छोड़ सकते हैं मुख्यमंत्री, 15 अप्रैल को नई सरकार की संभावना
  • नए मुख्यमंत्री को लेकर चर्चाएं तेज, गठबंधन दलों की बैठकों में होगा अंतिम फैसला

पटना। बिहार की राजनीति में इन दिनों तेजी से बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संभावित इस्तीफे और नई सरकार के गठन को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। मंत्री विजय चौधरी ने जानकारी दी है कि नीतीश कुमार 9 अप्रैल को दिल्ली जाएंगे, जहां वह 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। इसके बाद 12 अप्रैल को उनके पटना लौटने की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, 13 अप्रैल को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की अंतिम बैठक हो सकती है, जिसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने की संभावना है। इसके अगले दिन यानी 14 अप्रैल को नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। इसके बाद 15 अप्रैल को राज्य में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री पद को लेकर दिल्ली में एक अहम बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें नए मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। हालांकि अभी तक किसी नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में कई नामों की चर्चा जोरों पर है। इस बीच मंत्री विजय चौधरी ने संकेत दिया है कि मीडिया में जो नाम चल रहा है, उसी दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है। वर्तमान में बिहार के अगले मुख्यमंत्री के रूप में सम्राट चौधरी का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है। हालांकि अंतिम फैसला गठबंधन दलों की सहमति से ही लिया जाएगा। इधर, 10 अप्रैल को भारतीय जनता पार्टी की एक महत्वपूर्ण बैठक दिल्ली में आयोजित होने की संभावना है। इस बैठक में प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर के कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। बैठक की अध्यक्षता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन करेंगे, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के भी शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। बैठक में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा, केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय, सांसद संजय जायसवाल सहित कई अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। इस बैठक में बिहार के नए मुख्यमंत्री के नाम पर आम सहमति बनाने की कोशिश की जाएगी। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार राज्यसभा की शपथ लेने के बाद पटना लौटकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के विधानमंडल दल की बैठक बुला सकते हैं। इस बैठक में वह विधायकों को अपने इस्तीफे की जानकारी देंगे और इसके बाद राज्यपाल को औपचारिक रूप से अपना त्यागपत्र सौंपेंगे। नई सरकार के गठन के लिए पहले गठबंधन के सभी दलों की अलग-अलग बैठकें होंगी, जिसमें उनके विधायक दल के नेता का चयन किया जाएगा। इसके बाद एक संयुक्त बैठक में गठबंधन के नेता की घोषणा की जाएगी, जो सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे इस पूरे घटनाक्रम के बीच भावनात्मक दृश्य भी सामने आए हैं। नीतीश कुमार के विधान परिषद सदस्य पद से इस्तीफे के बाद मंत्री अशोक चौधरी भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार जैसा नेता देश में दूसरा नहीं हो सकता। उन्होंने उनके कार्यशैली, विरोधियों के प्रति सम्मान और मानवीय व्यवहार की सराहना की। गौरतलब है कि नीतीश कुमार ने हाल ही में विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दिया था, जिससे राजनीतिक बदलाव की संभावनाएं और तेज हो गई हैं। करीब दो दशकों तक सदन में सक्रिय रहने के बाद उनका यह कदम बिहार की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत का संकेत माना जा रहा है। बिहार में आने वाले कुछ दिन राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण होने वाले हैं। सत्ता परिवर्तन की संभावनाओं के बीच सभी की नजरें आगामी बैठकों और निर्णयों पर टिकी हुई हैं, जो राज्य की राजनीति की दिशा तय करेंगे।

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