छोटे गैस सिलेंडरों का कोटा बढ़ा, प्रवासी मजदूरों और छात्रों को मिलेगी बड़ी राहत
- एफटीएल सिलेंडरों की आपूर्ति दोगुनी करने का निर्णय, कालाबाजारी पर लगेगी रोक
- इंडक्शन चूल्हों की स्टार रेटिंग लागू करने की तारीख बढ़ी, उपभोक्ताओं को अतिरिक्त समय
नई दिल्ली। देश में रसोई गैस की उपलब्धता को बेहतर बनाने और जरूरतमंदों तक इसकी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। छोटे आकार के गैस सिलेंडरों, जिन्हें एफटीएल सिलेंडर कहा जाता है, की आपूर्ति को दोगुना करने का फैसला लिया गया है। ये पांच किलोग्राम क्षमता वाले सिलेंडर विशेष रूप से प्रवासी मजदूरों, छात्रों और अस्थायी रूप से शहरों में रहने वाले लोगों के लिए बनाए गए हैं। सरकार के इस फैसले के तहत अब राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पहले की तुलना में दोगुनी संख्या में छोटे सिलेंडर भेजे जाएंगे। इसका उद्देश्य उन लोगों को राहत पहुंचाना है, जिन्हें स्थायी पते के अभाव में नियमित रसोई गैस कनेक्शन प्राप्त करने में कठिनाई होती है। इस व्यवस्था के तहत कोई भी व्यक्ति केवल एक पहचान पत्र दिखाकर यह छोटा सिलेंडर आसानी से प्राप्त कर सकता है। दरअसल, बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जो रोजगार या पढ़ाई के लिए अपने गृह राज्य से दूर शहरों में रहते हैं। इन लोगों के पास स्थायी पता नहीं होने के कारण उन्हें पारंपरिक गैस कनेक्शन लेने में परेशानी होती है। ऐसे में एफटीएल सिलेंडर उनके लिए एक सुविधाजनक विकल्प के रूप में सामने आया है। सरकार का मानना है कि इस फैसले से लाखों लोगों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा। हाल के दिनों में एलपीजी की कमी की खबरों के बीच सिलेंडरों की कालाबाजारी भी बढ़ने लगी थी। कई स्थानों पर उपभोक्ताओं को निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत चुकानी पड़ रही थी। इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने पहले ही गैस बुकिंग पर समय सीमा निर्धारित कर दी थी, ताकि एक ही कनेक्शन पर तय अवधि से पहले दोबारा बुकिंग न हो सके। अब छोटे सिलेंडरों का कोटा बढ़ाने का निर्णय इसी दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह नया कोटा पहले से निर्धारित 20 प्रतिशत अतिरिक्त कोटे के ऊपर होगा। यानी अब कुल मिलाकर गैस आपूर्ति में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। राज्य सरकारों और तेल विपणन कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सुनिश्चित करें कि पर्याप्त मात्रा में सिलेंडर वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचे और किसी प्रकार की अनियमितता न हो। विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से न केवल गैस की उपलब्धता बेहतर होगी, बल्कि कालाबाजारी पर भी प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा। साथ ही, इससे बाजार में संतुलन बना रहेगा और उपभोक्ताओं को उचित कीमत पर गैस मिल सकेगी। इसी के साथ सरकार ने एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए विद्युत मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले इंडक्शन चूल्हों के लिए ऊर्जा दक्षता से जुड़ी स्टार रेटिंग प्रणाली को लागू करने की समय सीमा बढ़ा दी है। पहले यह व्यवस्था 1 जुलाई 2026 से लागू होनी थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 1 जनवरी 2027 कर दिया गया है। ऊर्जा दक्षता ब्यूरो से परामर्श के बाद लिया गया यह निर्णय उद्योग जगत और उपभोक्ताओं दोनों के लिए राहत भरा माना जा रहा है। इससे निर्माताओं को अपने उत्पादों को नए मानकों के अनुरूप ढालने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा, वहीं उपभोक्ताओं को भी नई प्रणाली को समझने और अपनाने का अवसर मिलेगा। सरकार का यह कदम स्पष्ट रूप से यह दर्शाता है कि वह ऊर्जा क्षेत्र में सुधार और उपभोक्ता हितों की सुरक्षा के लिए लगातार प्रयास कर रही है। छोटे गैस सिलेंडरों की बढ़ी आपूर्ति और ऊर्जा दक्षता से जुड़े नियमों में लचीलापन दोनों ही निर्णय आम लोगों के लिए राहत और सुविधा प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।


