पीयू में मई से शुरू होगी नामांकन प्रक्रिया, इस बार प्रवेश परीक्षा से होगा चयन

  • कोरोना काल के बाद बदला नियम, स्नातक में अब अंक आधारित नहीं बल्कि प्रवेश परीक्षा से मिलेगा दाखिला
  • जून में संभावित प्रवेश परीक्षा, जुलाई से नए सत्र की शुरुआत की तैयारी

पटना। पटना विश्वविद्यालय में आगामी शैक्षणिक सत्र के लिए नामांकन प्रक्रिया मई माह से शुरू की जाएगी। विश्वविद्यालय के शैक्षणिक कैलेंडर को लेकर आयोजित बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। हालांकि अभी तक विस्तृत कार्यक्रम जारी नहीं किया गया है, लेकिन अधिकारियों के अनुसार एक-दो दिनों के भीतर पूरा कार्यक्रम सार्वजनिक कर दिया जाएगा। इस संबंध में आगे की रूपरेखा तय करने के लिए मंगलवार को एक और बैठक प्रस्तावित है। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार इस बार नामांकन प्रक्रिया में एक बड़ा बदलाव किया गया है। कोरोना काल के दौरान स्नातक स्तर पर नामांकन छात्रों के इंटरमीडिएट अंकों के आधार पर किया जा रहा था, लेकिन अब पुनः पुरानी व्यवस्था लागू करते हुए प्रवेश परीक्षा के माध्यम से दाखिला लिया जाएगा। इससे चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और प्रतिस्पर्धात्मक बनाने का प्रयास किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली प्रवेश परीक्षा जून माह में संभावित है। विश्वविद्यालय प्रशासन का लक्ष्य है कि जुलाई से नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत कर दी जाए। इसको ध्यान में रखते हुए नामांकन प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की तैयारी की जा रही है। दूसरी ओर, स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में नामांकन पूर्व की तरह ही अंकों के आधार पर किया जाएगा। यानी स्नातक में प्राप्त अंकों के आधार पर छात्रों का चयन होगा। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि स्नातकोत्तर स्तर पर यह प्रणाली अधिक व्यावहारिक और प्रभावी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सामान्यतः हर वर्ष अप्रैल माह में नामांकन प्रक्रिया शुरू हो जाती थी, लेकिन इस बार विभिन्न बोर्डों के परिणाम में देरी के कारण प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा इंटरमीडिएट का परिणाम पहले ही जारी किया जा चुका है, जबकि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड और भारतीय स्कूल प्रमाणपत्र परीक्षा परिषद के परिणाम अभी आने बाकी हैं। इन सभी बोर्डों के परिणाम आने के बाद ही आवेदन प्रक्रिया शुरू की जाएगी, ताकि सभी छात्रों को समान अवसर मिल सके। विश्वविद्यालय के अधिकारियों का कहना है कि अप्रैल माह के अंत तक सभी बोर्डों के परिणाम आने की संभावना है। इसके बाद मई में हर हाल में आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। स्नातक स्तर पर लगभग चार हजार सीटें उपलब्ध हैं, जिन पर नामांकन किया जाएगा। इधर, विश्वविद्यालय के शैक्षणिक कार्यक्रम को समय पर पटरी पर लाने के लिए भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। कई परीक्षाएं देर से आयोजित हुई हैं और उनके परिणाम भी अपेक्षाकृत देर से घोषित हुए हैं, जिससे शैक्षणिक सत्र प्रभावित हुआ है। अब विश्वविद्यालय प्रशासन यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि आगामी सत्र समय पर शुरू हो और शैक्षणिक गतिविधियां नियमित रूप से संचालित हो सकें। अप्रैल और मई माह में नियमित कक्षाएं चलेंगी, जबकि जून में गर्मी की छुट्टी रहेगी। विश्वविद्यालय का प्रयास है कि जुलाई से पहले सभी अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं आयोजित कर ली जाएं, ताकि स्नातकोत्तर में नामांकन प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी न हो। पटना विश्वविद्यालय इस बार नामांकन प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की दिशा में कदम उठा रहा है। प्रवेश परीक्षा की पुनः शुरुआत से जहां प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, वहीं योग्य छात्रों को बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद भी जताई जा रही है।

You may have missed