मुख्यमंत्री से मिले 2024 बैच के प्रशिक्षु आईएएस अधिकारी, प्रशिक्षण के बाद होगी नियुक्ति

  • नीति क्रियान्वयन में प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण, संवेदनशीलता और ईमानदारी पर जोर
  • देश-राज्य के विकास में योगदान देने का आह्वान, अनुभव साझा कर मिली मार्गदर्शन

पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से 2024 बैच के बिहार कैडर के 12 प्रशिक्षु भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारियों ने मुलाकात की। इस दौरान अधिकारियों ने अपने प्रशिक्षण काल के दौरान जिलों में किए गए कार्यों और अनुभवों को साझा किया। मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए प्रशासनिक दायित्वों के प्रति समर्पण और संवेदनशीलता से कार्य करने का संदेश दिया। मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित इस मुलाकात में प्रशिक्षु अधिकारियों ने जमीनी स्तर पर किए गए कार्यों, प्रशासनिक चुनौतियों और समाधान के अनुभवों को विस्तार से बताया। इन अधिकारियों में विरूपाक्ष विक्रम सिंह, प्रिया रानी, कृष्णा जोशी, प्रेम कुमार, सैयद आदिल मोहसिन, अजय यादव, सूरज कुमार, विग्नेश टी ए, जतिन कुमार, के परीक्षित, महेश कुमार और कशिश बख्शी शामिल थे। कुल 12 अधिकारियों में तीन महिलाएं और नौ पुरुष अधिकारी शामिल हैं। इन प्रशिक्षु अधिकारियों की पृष्ठभूमि विविध राज्यों से जुड़ी हुई है। इनमें चार अधिकारी बिहार से, तीन राजस्थान से, दो दिल्ली से तथा एक-एक अधिकारी हरियाणा, तमिलनाडु और झारखंड से हैं। इस विविधता को प्रशासनिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले अधिकारी अपने अनुभव और समझ के आधार पर बेहतर प्रशासनिक दृष्टिकोण विकसित कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने बातचीत के दौरान कहा कि सरकार नीतियां बनाती है, लेकिन उन नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू करने की जिम्मेदारी प्रशासनिक अधिकारियों पर होती है। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी शासन व्यवस्था की रीढ़ होते हैं और उनकी भूमिका राज्य के विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में अधिकारियों को पूरी ईमानदारी, अनुशासन और संवेदनशीलता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशिक्षण काल अधिकारियों के लिए सीखने का महत्वपूर्ण समय होता है, जहां उन्हें जमीनी हकीकत से रूबरू होने का अवसर मिलता है। इस दौरान प्राप्त अनुभव उनके भविष्य के प्रशासनिक कार्यों में सहायक होते हैं। मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षु अधिकारियों को सलाह दी कि वे जनता की समस्याओं को समझें और उनके समाधान के लिए तत्पर रहें। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक कार्य केवल आदेश देने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें मानवीय दृष्टिकोण भी आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे समाज के कमजोर वर्गों के प्रति विशेष संवेदनशीलता रखें और विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास करें। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ बी राजेंद्र, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, सचिव कुमार रवि, विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह और सचिव डॉ चंद्रशेखर सिंह भी उपस्थित थे। इन अधिकारियों ने भी प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों को प्रशासनिक कार्यप्रणाली से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। मुलाकात का उद्देश्य प्रशिक्षु अधिकारियों को राज्य के शीर्ष नेतृत्व से मार्गदर्शन प्राप्त कराना और उन्हें प्रशासनिक जिम्मेदारियों के प्रति प्रेरित करना था। अधिकारियों ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात को प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि उन्हें इससे अपने भविष्य के कार्यों के लिए दिशा मिली है। मुख्यमंत्री ने अंत में सभी प्रशिक्षु अधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे अपने कार्यकाल में राज्य और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दें। उन्होंने विश्वास जताया कि ये अधिकारी अपनी मेहनत और प्रतिबद्धता से प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत बनाएंगे। bयह मुलाकात न केवल प्रशासनिक प्रशिक्षण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रही, बल्कि इससे अधिकारियों को शासन के उच्च स्तर की सोच और प्राथमिकताओं को समझने का अवसर भी मिला।

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