अश्विन का नया सफर: अमेरिका की टी-20 लीग में खेलेंगे, सैन फ्रांसिस्को टीम से किया करार

  • अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और आईपीएल से संन्यास के बाद वैश्विक लीग की ओर रुख
  • अमेरिका में क्रिकेट के बढ़ते प्रभाव से प्रभावित, ओलंपिक से पहले बढ़ रही लोकप्रियता

नई दिल्ली। भारत के पूर्व ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन अब अपने करियर के नए चरण में प्रवेश करते हुए अमेरिका की टी-20 क्रिकेट लीग में खेलते नजर आएंगे। उन्होंने आगामी मेजर लीग क्रिकेट सीजन के लिए सैन फ्रांसिस्को यूनिकॉर्न्स टीम के साथ करार किया है। इसके साथ ही वह इस लीग में खेलने वाले पहले पूर्व भारतीय अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बन गए हैं, जो इस टूर्नामेंट के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। अश्विन ने वर्ष 2024 के अंत में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। इसके बाद उन्होंने 2025 के इंडियन प्रीमियर लीग में चेन्नई टीम की ओर से हिस्सा लिया, लेकिन यह सत्र उनके लिए खास नहीं रहा। बाद में उन्होंने इस लीग से भी संन्यास लेने की घोषणा कर दी। अब वे वैश्विक स्तर की विभिन्न फ्रेंचाइजी प्रतियोगिताओं में खेलने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। अपने लंबे और सफल क्रिकेट करियर में अश्विन ने भारत के बाहर किसी भी टी-20 लीग में भाग नहीं लिया था। यह पहला अवसर होगा जब वह इंडियन प्रीमियर लीग के अलावा किसी अन्य अंतरराष्ट्रीय फ्रेंचाइजी प्रतियोगिता में खेलते दिखाई देंगे। इससे पहले उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की बिग बैश लीग में सिडनी थंडर टीम के साथ समझौता किया था, लेकिन घुटने की शल्य चिकित्सा के कारण वह उस समय मैदान पर नहीं उतर सके थे। अमेरिका में क्रिकेट खेलने को लेकर अश्विन ने उत्साह व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि हाल ही में उन्होंने डलास में एक प्रदर्शनी मैच खेला था, जहां एशियाई मूल के लोगों के बीच क्रिकेट के प्रति गजब का उत्साह देखने को मिला। उन्होंने कहा कि वहां क्रिकेट के लिए काफी संभावनाएं हैं और खासकर बच्चों में इस खेल के प्रति बढ़ती रुचि उन्हें आकर्षित करती है। उन्होंने इस अनुभव को करीब से समझने के लिए इस लीग का हिस्सा बनने का निर्णय लिया है। अमेरिका में क्रिकेट का विस्तार तेजी से हो रहा है। वर्ष 2028 में लॉस एंजिल्स में होने वाले ओलंपिक खेलों में क्रिकेट की 128 वर्षों के बाद वापसी होने जा रही है। इसको ध्यान में रखते हुए अमेरिका क्रिकेट के एक बड़े केंद्र के रूप में खुद को स्थापित करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। मेजर लीग क्रिकेट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जॉनी ग्रेव ने कहा कि अश्विन जैसे अनुभवी खिलाड़ी का लीग से जुड़ना इस बात का प्रमाण है कि पिछले कुछ वर्षों में इस प्रतियोगिता ने काफी प्रगति की है। उन्होंने कहा कि अब अमेरिका में लोग क्रिकेट के बारे में अधिक जागरूक हो रहे हैं और इस खेल की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। इस लीग में इंडियन प्रीमियर लीग का भी गहरा प्रभाव देखने को मिलता है। छह टीमों वाली इस प्रतियोगिता में तीन टीमों के मालिक वही समूह हैं, जिनके पास आईपीएल की टीमें भी हैं। इनमें मुंबई समूह की टीम, चेन्नई समूह की टीम और कोलकाता समूह की टीम शामिल हैं। इसके अलावा हाल ही में राजस्थान समूह से जुड़े निवेशकों ने भी अमेरिकी क्रिकेट में निवेश किया है। मेजर लीग क्रिकेट का चौथा सत्र वर्ष 2026 में 18 जून से शुरू होगा। यह प्रतियोगिता टेक्सास, लॉस एंजिल्स और ओकलैंड में आयोजित की जाएगी, जबकि इसका फाइनल मुकाबला 18 जुलाई को ओकलैंड कोलिजियम में खेला जाएगा। अश्विन की टीम सैन फ्रांसिस्को यूनिकॉर्न्स अब तक खिताब जीतने में सफल नहीं हो पाई है। वर्ष 2024 में टीम फाइनल तक पहुंची थी, लेकिन अंतिम मुकाबले में उसे हार का सामना करना पड़ा था। ऐसे में इस बार टीम अश्विन जैसे अनुभवी खिलाड़ी के साथ खिताब जीतने की कोशिश करेगी। अश्विन का यह कदम न केवल उनके करियर के लिए एक नई शुरुआत है, बल्कि यह अमेरिकी क्रिकेट के बढ़ते प्रभाव और वैश्विक स्तर पर उसके विस्तार का भी संकेत देता है।

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