सुपौल में गुटखा उधार नहीं देने पर फायरिंग, मामूली विवाद से फैली दहशत
- तीन किशोरों ने दुकानदार महिला को दी धमकी, आधे घंटे बाद लौटकर की गोलीबारी
- ग्रामीणों में भय का माहौल, पुलिस जांच में जुटी; दो आरोपियों की पहचान
सुपौल। बिहार के सुपौल जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां मामूली उधारी के विवाद ने गंभीर रूप ले लिया और मामला फायरिंग तक पहुंच गया। इस घटना के बाद पिपरा थाना क्षेत्र के निर्मली पंचायत स्थित मेहता टोला वार्ड संख्या सात में दहशत का माहौल बन गया है। स्थानीय लोग भयभीत हैं और इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना गुरुवार शाम लगभग साढ़े सात बजे की है। पीड़ित महिला प्रमिला देवी, जो एक सामान्य किराना दुकान चलाती हैं, के अनुसार उस समय एक मोटरसाइकिल पर सवार तीन किशोर उनकी दुकान पर पहुंचे। उन्होंने ‘राज निवास’ नामक गुटखा उधार मांगा। जब महिला ने उधार देने से साफ इनकार कर दिया और उन्हें दूसरी दुकान से सामान लेने की सलाह दी, तो तीनों युवक गुस्से में आ गए। महिला का आरोप है कि जाते-जाते युवकों ने उन्हें खुलेआम धमकी दी कि उनके ऊपर गोली चलाई जाएगी। इस धमकी के बाद ही इलाके में तनाव का माहौल बन गया था। हालांकि, किसी को यह अंदेशा नहीं था कि यह मामूली विवाद इतनी जल्दी गंभीर रूप ले लेगा। बताया जा रहा है कि करीब आधे घंटे बाद वही तीनों युवक फिर से लौटे और दुकान के पास एक राउंड फायरिंग कर दी। उस समय महिला दुकान बंद कर अपने घर के आंगन में जा चुकी थीं, जिससे वे इस घटना से बाल-बाल बच गईं। यदि वह दुकान पर मौजूद रहतीं, तो एक बड़ा हादसा हो सकता था। घटना यहीं समाप्त नहीं हुई। रात के समय आरोपियों ने महिला के घर के सामने सड़क पर दोबारा गोलीबारी की, जिससे पूरे इलाके में भय का माहौल और गहरा गया। गोलियों की आवाज सुनते ही आसपास के लोग अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए और इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इसके बाद भी आरोपियों का दुस्साहस कम नहीं हुआ। रात लगभग साढ़े दस बजे दो युवक फिर उसी रास्ते से मोटरसाइकिल पर गुजरते हुए दिखाई दिए। ग्रामीणों ने उन्हें पहचान लिया और पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन वे तेजी से भागने में सफल रहे। पीड़िता के बेटे सोनू कुमार ने इस घटना को लेकर थाने में लिखित आवेदन दिया है और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि तीनों आरोपियों में से दो की पहचान कर ली गई है, जबकि तीसरा अब भी अज्ञात है। यह भी बताया जा रहा है कि सभी आरोपी नाबालिग हैं, जिससे यह मामला और अधिक गंभीर हो जाता है। इस संबंध में पिपरा थाना अध्यक्ष राजेश कुमार झा ने बताया कि मामला आपसी विवाद का प्रतीत होता है और आवेदन के आधार पर जांच की जा रही है। हालांकि, उन्होंने अभी तक फायरिंग की पुष्टि नहीं की है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। इस घटना ने एक बार फिर समाज में बढ़ते अपराध और युवाओं के बदलते व्यवहार पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक मामूली उधारी के विवाद का इस तरह हिंसक रूप लेना चिंताजनक है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में कानून व्यवस्था को और सख्त करने की आवश्यकता है, ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। फिलहाल गांव में खामोश डर का माहौल बना हुआ है। लोग सहमे हुए हैं और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और जल्द ही आरोपियों को पकड़ने का दावा कर रही है।


