स्थायी लोक अदालत पटना पीठ का महत्वपूर्ण निर्णय, योगेंद्र राय को 30 हजार की क्षतिपूर्ति
पटना। जन-उपयोगी सेवाओं से संबंधित विवादों के त्वरित एवं प्रभावी निपटारे हेतु गठित स्थायी लोक अदालत, पटना पीठ ने एक महत्वपूर्ण आदेश पारित करते हुए विद्युत बोर्ड को निर्देश दिया है कि वह वादी श्री योगेंद्र राय को ₹30,000 (तीस हजार रुपये) की क्षतिपूर्ति राशि अदा करे। प्राप्त जानकारी के अनुसार, श्री योगेंद्र राय ने विद्युत विभाग के विरुद्ध विद्युत स्पर्श (करंट) से उनकी गाय की मृत्यु होने के संबंध में स्थायी लोक अदालत में वाद दायर किया था। मामले की सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों एवं तथ्यों के आधार पर पीठ ने यह पाया कि विद्युत विभाग की लापरवाही एवं सेवा में कमी के कारण उक्त घटना हुई, जिससे वादी को आर्थिक एवं मानसिक क्षति का सामना करना पड़ा। पीठ ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि जन-उपयोगी सेवाओं से जुड़ी संस्थाओं का दायित्व है कि वे उपभोक्ताओं को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराएं। किसी भी प्रकार की लापरवाही उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन है, जिसके लिए क्षतिपूर्ति प्रदान किया जाना आवश्यक है। उक्त आदेश के अनुपालन में आवेदक श्री योगेंद्र राय ने अपने अधिवक्ता श्री प्रमोद प्रसाद के साथ स्थायी लोक अदालत, पटना में उपस्थित होकर पीठ के माननीय अध्यक्ष श्री सतेंद्र पाण्डेय, गैर-न्यायिक सदस्य श्रीमती रेशमा प्रसाद एवं श्री संजय कुमार शुक्ला से ₹30,000 की क्षतिपूर्ति राशि का चेक प्राप्त किया। यह निर्णय उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। साथ ही यह संदेश भी देता है कि बिजली, पानी, बीमा, परिवहन सहित अन्य जन-उपयोगी सेवाओं से संबंधित विवादों के समाधान हेतु स्थायी लोक अदालत एक त्वरित, सुलभ एवं प्रभावी मंच है, जहां बिना किसी न्यायालय शुल्क के सरल प्रक्रिया के माध्यम से न्याय प्राप्त किया जा सकता है।


