समृद्धि यात्रा में बक्सर पहुंचे मुख्यमंत्री, विकास और कानून व्यवस्था पर सरकार की उपलब्धियां गिनाईं

  • सीएम नीतीश बोले- 2005 के बाद बिहार में आया कानून का राज, खत्म हुआ हिंदू मुसलमान का झगड़ा
  • 721 योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास, 4.5 अरब रुपये से अधिक की परियोजनाओं की सौगात
  • सभा में महिलाओं को जाते देख मुख्यमंत्री ने किया सवाल, विपक्ष पर भी साधा निशाना

पटना/ बक्सर। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ‘समृद्धि यात्रा’ के पांचवें चरण के तहत बक्सर पहुंचे, जहां उन्होंने एक बड़ी जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य में विकास और कानून व्यवस्था को लेकर अपनी सरकार की उपलब्धियों को विस्तार से रखा। इस दौरान उन्होंने वर्ष 2005 के बाद बिहार में आए बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में अब कानून का राज स्थापित हो चुका है और लोग पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि 24 नवंबर 2005 को जब राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार बनी, तब से बिहार में विकास की गति तेज हुई है। उन्होंने दावा किया कि पहले राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति अत्यंत खराब थी और लोग शाम होते ही घरों में सिमट जाते थे, लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं और लोग बिना भय के अपने काम कर रहे हैं।  सभा के दौरान मुख्यमंत्री ने 4.5 अरब रुपये से अधिक लागत की 721 योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार लगातार सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में सुधार कर रही है। सरकार का लक्ष्य हर वर्ग तक विकास पहुंचाना है और इसी उद्देश्य से समृद्धि यात्रा के माध्यम से वे जनता के बीच जाकर योजनाओं की जानकारी दे रहे हैं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया गया। उन्हें 50 किलोग्राम फूलों की माला पहनाकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर पहली बार विधायक बने पूर्व भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी आनंद मिश्रा ने भी उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय लोग इस कार्यक्रम में मौजूद रहे।  सभा के दौरान एक दिलचस्प घटना भी सामने आई, जब कुछ महिलाएं कार्यक्रम बीच में छोड़कर जाने लगीं। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री ने मंच से ही उन्हें संबोधित करते हुए पूछा कि वे क्यों जा रही हैं और कार्यक्रम में बने रहने की अपील की। उनका यह बयान चर्चा का विषय बन गया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में सांप्रदायिक सौहार्द को भी सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि पहले राज्य में अक्सर साम्प्रदायिक तनाव की घटनाएं होती थीं, लेकिन अब कब्रिस्तानों और मंदिरों की घेराबंदी जैसे कदमों से विवादों में कमी आई है और प्रदेश में शांति का माहौल कायम हुआ है। बिजली क्षेत्र में सुधार का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पहले बिहार में बिजली की स्थिति बेहद खराब थी, लेकिन अब गांव-गांव तक बिजली पहुंच चुकी है। उन्होंने बताया कि सरकार अब घरों की छतों पर सौर ऊर्जा पैनल लगाने की योजना पर भी काम कर रही है, जिससे लोगों को राहत मिलेगी। युवाओं को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक 50 लाख युवाओं को नौकरी और रोजगार उपलब्ध कराया गया है और आने वाले पांच वर्षों में एक करोड़ रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इस लक्ष्य को भविष्य में और बढ़ाया जा सकता है।  कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बक्सर के धार्मिक महत्व का उल्लेख किया। उन्होंने केंद्रीय जेल परिसर में स्थित भगवान वामन मंदिर का जिक्र करते हुए कहा कि प्रयास किया जाएगा कि मंदिर को ऐसी व्यवस्था में लाया जाए, जिससे श्रद्धालु आसानी से दर्शन कर सकें। उनके इस बयान का सभा में मौजूद लोगों ने समर्थन किया।  मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी सराहना करते हुए कहा कि केंद्र सरकार बिहार के विकास में सहयोग कर रही है और आगे भी यह सहयोग जारी रहेगा। समृद्धि यात्रा के तहत मुख्यमंत्री विभिन्न जिलों का दौरा कर रहे हैं। इस यात्रा का उद्देश्य राज्य में चल रही योजनाओं की समीक्षा करना और जनता से सीधे संवाद स्थापित करना है। बक्सर में आयोजित यह कार्यक्रम सरकार की विकास और सुशासन की प्राथमिकता को रेखांकित करता है।

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