छठ महापर्व के दौरान तालाब में डूबने से किशोर की मौत, दनियावां में पसरा मातम
- दूसरे अर्घ्य के समय स्नान करते हुए गहरे पानी में गया युवक, परिजनों को देर से हुआ संदेह
- घंटों तलाश के बाद मिला शव, पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा
पटना। जिले के दनियावां थाना क्षेत्र स्थित सूर्य मंदिर तालाब में छठ महापर्व के समापन के दौरान एक दुखद हादसा सामने आया है। बुधवार सुबह उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के समय एक किशोर की डूबने से मौत हो गई, जिससे पूरे इलाके में शोक और सन्नाटा फैल गया। मृतक की पहचान शाहजहांपुर थाना क्षेत्र के छोटी केवई गांव निवासी अखिलेश यादव के 18 वर्षीय पुत्र आकाश कुमार के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, आकाश अपने एक रिश्तेदार के घर छठ पूजा में शामिल होने दनियावां आया हुआ था। बुधवार सुबह वह अपने परिजनों के साथ सूर्य मंदिर तालाब घाट पर अर्घ्य देने के लिए पहुंचा। पूजा-अर्चना के दौरान वह तालाब में स्नान करने लगा। इसी दौरान वह अनजाने में गहरे पानी में चला गया और डूब गया। आसपास मौजूद लोगों को इस घटना की भनक तक नहीं लगी, क्योंकि उस समय घाट पर भारी भीड़ और पूजा की व्यस्तता थी। अर्घ्य देने के बाद सभी लोग अपने-अपने घर लौट गए। जब काफी समय बीत जाने के बाद भी आकाश घर नहीं पहुंचा, तो परिजनों को चिंता होने लगी। इसके बाद उन्होंने घाट पर वापस जाकर उसकी तलाश शुरू की। परिजनों और स्थानीय लोगों ने तालाब में खोजबीन की, जिसके बाद काफी प्रयासों के बाद आकाश का शव पानी के भीतर से बरामद किया गया। शव मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और पूरे माहौल में शोक की लहर दौड़ गई। घटना की सूचना मिलते ही दनियावां थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी की और उसे पोस्टमार्टम के लिए पटना भेज दिया। थाना अध्यक्ष अनिल प्रसाद ने बताया कि घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम को तुरंत मौके पर भेजा गया। घटनास्थल का निरीक्षण किया गया और पंचनामा तैयार कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस घटना के बाद मृतक के गांव छोटी केवई और दनियावां स्थित उसके रिश्तेदारों के घर में शोक का माहौल है। जिस घर में सुबह तक छठ महापर्व के गीत और पूजा की गूंज थी, वहां अब केवल परिजनों के रोने-बिलखने की आवाजें सुनाई दे रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि छठ पूजा के दौरान घाटों पर भारी भीड़ होती है, ऐसे में सुरक्षा और निगरानी की व्यवस्था और मजबूत होनी चाहिए, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। यह हादसा एक बार फिर यह दर्शाता है कि धार्मिक आयोजनों के दौरान जलाशयों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कितने जरूरी हैं। प्रशासन और स्थानीय स्तर पर सावधानी बरतकर इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सकता है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस दुखद घटना ने छठ महापर्व की खुशियों के बीच गहरा शोक पैदा कर दिया है।


