31 मार्च को राजगीर दौरे पर आएंगी राष्ट्रपति, नालंदा यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में होगी शामिल

  • नालंदा विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह और खंडहर भ्रमण के मद्देनजर कड़े इंतजाम, सभी कार्यक्रम स्थल संवेदनशील क्षेत्र घोषित
  • उड़ने वाली सभी गतिविधियों पर रोक, ड्रोन और अन्य उपकरणों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध

पटना। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के 31 मार्च 2026 को प्रस्तावित राजगीर दौरे को लेकर जिला प्रशासन ने व्यापक और अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी है। इस उच्च स्तरीय दौरे की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए पूरे कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्र को अस्थायी रूप से विशेष सुरक्षा क्षेत्र घोषित किया गया है। राष्ट्रपति अपने दौरे के दौरान नालंदा विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल होंगी और इसके साथ ही विश्व प्रसिद्ध नालंदा खंडहर का भी भ्रमण करेंगी। इस कार्यक्रम में देश-विदेश के कई विशिष्ट अतिथियों के शामिल होने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के बहुस्तरीय इंतजाम किए हैं। जिला पदाधिकारी कुंदन कुमार ने बताया कि पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रस्तुत सुरक्षा रिपोर्ट और राष्ट्रपति की सुरक्षा से संबंधित ब्लू-बुक के दिशा-निर्देशों के आधार पर यह निर्णय लिया गया है। इसके तहत राजगीर अनुमंडल क्षेत्र के सभी कार्यक्रम स्थलों और भ्रमण मार्गों को पूरी तरह से प्रतिबंधित क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया गया है। इस अवधि के दौरान पूरे क्षेत्र को पूर्ण रूप से उड़ान निषेध क्षेत्र घोषित किया गया है। सुरक्षा कारणों से ड्रोन, गर्म हवा के गुब्बारे, पैरा मोटर, पैरा ग्लाइडर, संचालित हैंड ग्लाइडर सहित सभी प्रकार की गैर-पारंपरिक उड़ने वाली वस्तुओं के उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की उड़ान गतिविधि की अनुमति नहीं होगी। जिला प्रशासन ने राजगीर के अनुमंडल पदाधिकारी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को निर्देश दिया है कि वे इस आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की ढिलाई को गंभीरता से लिया जाएगा और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। राष्ट्रपति के आगमन को देखते हुए नालंदा विश्वविद्यालय परिसर और ऐतिहासिक खंडहर क्षेत्र में तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है और हर प्रवेश बिंदु पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष टीमों को भी सक्रिय किया गया है। इसके अलावा, कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने वाले मार्गों की भी विशेष जांच की जा रही है। यातायात व्यवस्था को भी नियंत्रित किया जाएगा ताकि राष्ट्रपति के काफिले के आवागमन में किसी प्रकार की बाधा न आए। प्रशासन का कहना है कि यह दौरा राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे नालंदा विश्वविद्यालय और ऐतिहासिक धरोहरों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। ऐसे में सुरक्षा के साथ-साथ सभी व्यवस्थाओं को उच्चतम स्तर पर बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां मिलकर इस पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में जुटी हुई हैं। कार्यक्रम के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से बचाव के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। जिला प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे निर्धारित नियमों का पालन करें और सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करें। किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत प्रशासन को देने के लिए भी कहा गया है। राष्ट्रपति के राजगीर दौरे को लेकर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोई भी चूक न हो, इसके लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और हर स्तर पर तैयारी सुनिश्चित की जा रही है।

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