January 31, 2026

बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग: चित्तरंजन गगन

पटना। राष्ट्रीय जनता दल ने कल लोकसभा में पेश होने वाले केन्द्रीय बजट में बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग की है।.पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने कहा है कि पिछले दिनों केन्द्र सरकार द्वारा जारी आर्थिक सर्वेक्षण में बताया गया है कि बिहार देश का सबसे गरीब राज्य है , जहां प्रति व्यक्ति आय देश के अन्य राज्यों की तुलना में सबसे कम है , जहां प्रति व्यक्ति आय 70, 000 रुपए से भी कम है। बिहार में शिवहर , सीतामढ़ी और अररिया जैसे जिलों में तो प्रति व्यक्ति प्रति महिने आय मात्र 3000 रुपए से भी कम है । बिहार पर अभी 3.5 लाख करोड़ से ज्यादा का कर्ज है यानी एक बिहारी पर 25,000 रुपए से ज्यादा कर्ज है। ऐसी स्थिति में बिहार को गरीबी से उबारने के लिए विशेष राज्य का दर्जा देना बेहद जरूरी हो जाता है। राजद प्रवक्ता ने कहा कि राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद एवं राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में राजद लम्बे दिनों से बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने और बिहार को इसका वाजिब हक देने की मांग करते रहे हैं। पर केन्द्र की एनडीए सरकार लगातार बिहार के साथ नाइंसाफी करती रही है। केन्द्र के पिछले बजट में बिहार को लेकर जो भी घोषणाएं की गई वो सब केवल भाषण तक हीं सिमट कर रह गये। राजद प्रवक्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने अनेकों बार बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने का वादा कर चुके हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी ने तो यहां तक कह दिया था कि वे उसी गठबंधन को समर्थन देंगे जो बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देगा। आज केन्द्र की सरकार उन्हीं के समर्थन पर टिकी हुई है तब बिहार के साथ क्यों नाइंसाफी हो रही है। ग्यारह वर्षों से केन्द्र में डबल इंजन की सरकार के बाद भी यदि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं मिलता है तो इसका जवाब भाजपा के साथ हीं जदयू को भी देना होगा। इस सच्चाई को झूठलाया नहीं जा सकता कि बिहार आज यदि इतना पिछड़ा हुआ है और इस पर इतना ज्यादा कर्ज है तो इसके लिए बीस वर्षों से बिहार में सरकार चलाने वाली एनडीए हीं जिम्मेदार है। राजद प्रवक्ता ने कहा कि पटना विश्वविद्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के सार्वजनिक मंच से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी ने माननीय प्रधानमंत्री जी से पटना विश्वविद्यालय को केन्द्रीय विश्वविद्यालय बनाने की मांग की थी जो आज तक पुरा नहीं हुआ। हमें उम्मीद है कि मुख्यमंत्री जी द्वारा की गई इस मांग को कल पेश होने वाले बजट में शामिल किया जाएगा।

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