January 31, 2026

दरभंगा में जनसंवाद कार्यक्रम में बोले विजय सिन्हा, अगर मार्च तक नहीं सुधरे, तो बहुत की नौकरी जाएगी

दरभंगा। दरभंगा जिले में शनिवार को आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने जमीन से जुड़ी शिकायतों को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों पर कड़ा रुख अपनाया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे, जिनमें सबसे ज्यादा शिकायतें दाखिल-खारिज और जमाबंदी से जुड़ी हुई थीं। लोगों की पीड़ा सुनकर डिप्टी मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि अगर मार्च महीने तक व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो कई कर्मचारियों की नौकरी जा सकती है।
दाखिल-खारिज को लेकर महिला की शिकायत
जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान दीपा नाम की एक महिला अपनी शिकायत लेकर मंच के पास पहुंची। उन्होंने बताया कि दाखिल-खारिज के लिए पिछले एक साल से सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रही हैं। हर बार उनसे खर्चा-पानी मांगा जाता है। महिला ने कहा कि वह पहले सिविल अस्पताल भी जा चुकी हैं और उनके पिता पैरालाइसिस से पीड़ित हैं, इसके बावजूद उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही। यह कहते-कहते महिला भावुक हो गई और रोने लगी। महिला की बात सुनते ही विजय सिन्हा ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि अगर कर्मचारी मार्च तक नहीं संभले तो बहुत सारे बेरोजगार बाहर खड़े हैं और ऐसे लोगों की नौकरी चली जाएगी। उन्होंने इसे सभी कर्मचारियों के लिए चेतावनी बताया और कहा कि अब सुधार जरूरी है।
अधिकारियों को मौके पर निर्देश
महिला की शिकायत पर डिप्टी मुख्यमंत्री ने संबंधित अंचल अधिकारी को तुरंत निर्देश दिया। कार्यक्रम के बाद महिला ने मीडिया से बातचीत में कहा कि विजय सिन्हा से उनकी बात हुई है और उन्हें भरोसा दिया गया है कि काम होगा। उन्होंने बताया कि अंचल अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं और सोमवार को पूरे कागजात के साथ बुलाया गया है। महिला को उम्मीद है कि अब उसकी समस्या का समाधान हो जाएगा।
बुजुर्ग की जमाबंदी की समस्या
कार्यक्रम में एक बुजुर्ग व्यक्ति भी अपनी शिकायत लेकर पहुंचे। उन्होंने डिप्टी मुख्यमंत्री से कहा कि अधिकारी उनकी जमाबंदी नहीं कर रहे हैं। इस पर विजय सिन्हा ने संबंधित अधिकारी से पूछा कि वे कितने समय से यहां पदस्थापित हैं। अधिकारी ने जवाब दिया कि वह दो साल से यहां हैं। इस पर बुजुर्ग ने व्यंग्य करते हुए कहा कि वह मूर्ख हैं जो यहां शिकायत लेकर आए हैं। इस पर विजय सिन्हा ने बुजुर्ग को सांत्वना देते हुए कहा कि वह मूर्ख नहीं, बल्कि समझदार हैं, तभी तो अपनी बात कहने आए हैं। उन्होंने जिलाधिकारी से कहा कि इस तरह से गरीबों को परेशान करना बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जांच के निर्देश और रिपोर्ट तलब
डिप्टी मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को निर्देश दिया कि जिन-जिन मामलों में गरीब लोगों को परेशान किए जाने की शिकायतें आई हैं, उन सभी की जांच के लिए एक टीम बनाई जाए। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं ताकि भविष्य में इस तरह की शिकायतें न आएं। उनका कहना था कि सरकार की मंशा साफ है और जनता को परेशान करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
टोल फ्री नंबर पर सवाल
जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान विजय सिन्हा ने मंच से लोगों से पूछा कि उन्होंने शिकायतों के लिए जारी किए गए टोल फ्री नंबर पर कॉल किया या नहीं। इस पर कई लोगों ने शिकायत की कि वह नंबर लगता ही नहीं है। डिप्टी मुख्यमंत्री ने तुरंत कहा कि अभी कॉल करके देखा जाए। मौके पर कुछ लोगों का कॉल लगा, जबकि कुछ का नहीं लगा। इस पर विजय सिन्हा ने कहा कि जल्द ही एक और टोल फ्री नंबर जारी किया जाएगा, ताकि लोगों को शिकायत दर्ज कराने में परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि बीमारी अगर पुरानी है तो इलाज भी लंबा चलता है, लेकिन सरकार इसे ठीक करने के लिए प्रतिबद्ध है।
पहले की गई कार्रवाई का जिक्र
डिप्टी मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में मसौढ़ी के अंचल अधिकारी का भी जिक्र किया, जिन्हें एक लाख रुपये घूस लेते पकड़े जाने के बाद बर्खास्त कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि अब मौसम बदल चुका है और भ्रष्टाचार करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है। यह संदेश साफ था कि सरकार अब सख्त कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगी।
अफसर संघ की नाराजगी
इस जनसंवाद कार्यक्रम से पहले, 24 जनवरी को बिहार राजस्व सेवा संघ ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर डिप्टी मुख्यमंत्री के जनता दरबार को लेकर आपत्ति जताई थी। संघ का आरोप था कि जनता दरबार के नाम पर अधिकारियों को सार्वजनिक रूप से अपमानित किया जा रहा है। पत्र में कहा गया था कि “खड़े-खड़े निलंबित कर दूंगा”, “फैसला कैसे सुनाया” और “जनता के सामने जवाब दो” जैसी भाषा का इस्तेमाल उचित नहीं है। संघ ने चेतावनी दी थी कि अगर इस तरह का व्यवहार बंद नहीं हुआ तो वे काम बंद करने पर विचार करेंगे। हालांकि, जनसंवाद कार्यक्रम में विजय सिन्हा का रुख साफ दिखा कि सरकार जनता की शिकायतों को प्राथमिकता दे रही है और लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई तय है। दरभंगा का यह जनसंवाद कार्यक्रम प्रशासन और जनता के बीच बढ़ती खाई को उजागर करता है। एक तरफ लोग जमीन से जुड़े मामलों में परेशान हैं, तो दूसरी तरफ सरकार सुधार के लिए दबाव बना रही है। आने वाले दिनों में इन चेतावनियों का जमीन पर कितना असर होता है, इस पर सबकी नजर रहेगी।

You may have missed