भारत-न्यूजीलैंड सीरीज का आखिरी टी-20 आज, टीम में होंगे बदलाव, कई खिलाड़ियों को मिलेगा आराम
नई दिल्ली। भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेली जा रही टी-20 सीरीज का आखिरी मुकाबला शनिवार को तिरुवनंतपुरम में खेला जाएगा। पांच मैचों की इस सीरीज का परिणाम भले ही पहले ही तय हो चुका हो, लेकिन अंतिम टी-20 कई खिलाड़ियों के लिए खुद को साबित करने का अहम मौका बन गया है। खासतौर पर संजू सैमसन के लिए यह मुकाबला काफी मायने रखता है, जिनका हालिया प्रदर्शन उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया है।
सीरीज का आखिरी मैच, नजरें संयोजन पर
तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड स्टेडियम में होने वाला यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए औपचारिकता से ज्यादा टीम संयोजन और खिलाड़ियों के प्रदर्शन की कसौटी है। भारतीय टीम प्रबंधन इस मैच को आगे की रणनीति के लिहाज से देख रहा है। ऐसे में कुछ सीनियर खिलाड़ियों को आराम देकर युवा और बेंच पर बैठे खिलाड़ियों को मौका दिए जाने की संभावना जताई जा रही है।
संजू सैमसन के लिए निर्णायक मुकाबला
इस मैच की सबसे बड़ी चर्चा संजू सैमसन को लेकर है। केरल के इस विकेटकीपर बल्लेबाज के लिए होम ग्राउंड पर खेलना भावनात्मक और पेशेवर दोनों ही नजरिए से अहम है। पिछले चार मैचों में उनके स्कोर 10, 6, 0 और 24 रन रहे हैं, जो किसी भी बल्लेबाज के लिए चिंता का विषय हैं। शुभमन गिल को बाहर करने के बाद सैमसन को ओपनिंग की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन वह इस मौके का पूरी तरह फायदा नहीं उठा पाए हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या टीम प्रबंधन उन्हें आखिरी टी-20 में एक और मौका देगा या फिर किसी अन्य विकल्प को आजमाया जाएगा।
ईशान किशन की वापसी से बढ़ी प्रतिस्पर्धा
संजू सैमसन के लिए चुनौती ईशान किशन के रूप में सामने है। ईशान किशन एक साल से ज्यादा समय बाद भारतीय टीम में लौटे हैं और उनकी वापसी को सकारात्मक माना जा रहा है। हालांकि चौथे टी-20 में उन्हें अंतिम एकादश में जगह नहीं मिली थी, लेकिन अभ्यास सत्र में उन्होंने जमकर पसीना बहाया। ईशान ने एक घंटे से अधिक समय तक नेट पर तेज और स्पिन गेंदबाजों का सामना किया, जिससे यह संकेत मिला कि वह खेलने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। अगर सैमसन को आराम दिया जाता है या बेंच पर बैठाया जाता है, तो ईशान किशन अभिषेक शर्मा के साथ पारी की शुरुआत कर सकते हैं।
होम ग्राउंड का फायदा या दबाव
संजू सैमसन के लिए होम ग्राउंड पर खेलना दोधारी तलवार जैसा है। एक ओर घरेलू दर्शकों का समर्थन उन्हें आत्मविश्वास दे सकता है, वहीं दूसरी ओर अच्छा प्रदर्शन करने का दबाव भी ज्यादा रहता है। टीम प्रबंधन इस पहलू को ध्यान में रखते हुए फैसला ले सकता है। माना जा रहा है कि सिर्फ होम ग्राउंड होने के कारण सैमसन को पूरी तरह नजरअंदाज करना आसान नहीं होगा।
मध्यक्रम में बदलाव की संभावना
अगर ओपनिंग जोड़ी में बदलाव होता है तो मध्यक्रम में भी फेरबदल देखने को मिल सकता है। ऐसी स्थिति में श्रेयस अय्यर को इस सीरीज में पहली बार नंबर तीन पर बल्लेबाजी करने का मौका मिल सकता है। कप्तान सूर्यकुमार यादव का स्थान तय माना जा रहा है, जबकि शिवम दुबे और रिंकू सिंह जैसे खिलाड़ी फिनिशर की भूमिका में नजर आ सकते हैं। ये खिलाड़ी लगातार अच्छा प्रदर्शन कर टीम प्रबंधन का भरोसा जीत चुके हैं।
ऑलराउंडर और गेंदबाजी विभाग पर नजर
पांचवें टी-20 में अक्षर पटेल की वापसी तय मानी जा रही है। अक्षर न सिर्फ गेंद से बल्कि बल्ले से भी टीम को संतुलन देते हैं। वहीं हार्दिक पंड्या को अंतिम मैच में आराम दिया जा सकता है, ताकि उनके वर्कलोड को नियंत्रित किया जा सके। गेंदबाजी विभाग में वरुण चक्रवर्ती की वापसी संभव है, जो पिछले दो मैचों से बाहर थे। उनके साथ कुलदीप यादव स्पिन आक्रमण की कमान संभाल सकते हैं।
तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी
तेज गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह पर भरोसा जताया गया है। बुमराह की मौजूदगी से भारतीय गेंदबाजी को धार मिलती है, जबकि अर्शदीप नई गेंद और डेथ ओवरों में अहम भूमिका निभाते हैं। न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों के खिलाफ यह जोड़ी एक बार फिर परीक्षा में होगी।
प्रयोग और भविष्य की तैयारी
सीरीज का यह आखिरी मुकाबला भारतीय टीम के लिए प्रयोगों का मंच भी बन सकता है। चयनकर्ता और टीम प्रबंधन आने वाले बड़े टूर्नामेंटों को ध्यान में रखते हुए खिलाड़ियों की भूमिका और संयोजन को परखना चाहेंगे। ऐसे में कुछ अप्रत्याशित बदलाव भी देखने को मिल सकते हैं।
पांचवें टी-20 के लिए संभावित भारतीय एकादश
अभिषेक शर्मा, ईशान किशन या संजू सैमसन, श्रेयस अय्यर, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), शिवम दुबे, रिंकू सिंह, अक्षर पटेल, वरुण चक्रवर्ती, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह।
तिरुवनंतपुरम में होने वाला यह मुकाबला भले ही सीरीज के नतीजे को न बदले, लेकिन कई खिलाड़ियों के भविष्य और टीम के संतुलन के लिहाज से बेहद अहम साबित हो सकता है। सभी की निगाहें इस बात पर टिकी होंगी कि टीम प्रबंधन किसे मौका देता है और कौन इस मौके को भुनाने में कामयाब रहता है।


