वैशाली में खड़े कंटेनर में कार ने मारी टक्कर, कोहरे के कारण हादसा, डॉक्टर दंपति की मौत
वैशाली। जिले में शनिवार तड़के हुए एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। घने कोहरे के बीच मुजफ्फरपुर–पटना मार्ग पर सराय थाना क्षेत्र के टोल प्लाजा के पास एक खड़े कंटेनर में तेज रफ्तार कार जा टकराई, जिससे अररिया सदर अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर दंपति की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में कार चालक गंभीर रूप से घायल हो गया है, जबकि वाहन में मौजूद एक पालतू कुत्ता सुरक्षित बच गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना शनिवार सुबह करीब 4:15 बजे हुई। मृतकों की पहचान डॉ. जितेंद्र प्रसाद (50) और उनकी पत्नी (45) के रूप में की गई है। दोनों मूल रूप से पटना जिले के निवासी थे और वर्तमान में अररिया सदर अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रहे थे। वे अररिया से पटना स्थित अपने घर लौट रहे थे, तभी यह दर्दनाक हादसा हो गया। सराय थाना अध्यक्ष मणि भूषण कुमार ने बताया कि दुर्घटना मुजफ्फरपुर से पटना जाने वाली लेन में हुई। सुबह के समय घना कोहरा छाया हुआ था, जिससे दृश्यता बेहद कम थी। इसी दौरान उनकी कार सड़क के बाईं ओर खड़े एक कंटेनर से पीछे से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और वाहन में सवार लोग अंदर ही फंस गए। हादसे के तुरंत बाद कंटेनर चालक मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही सराय थाने की पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। कड़ी मशक्कत के बाद कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया और तत्काल इलाज के लिए हाजीपुर सदर अस्पताल भेजा गया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने दंपति को मृत घोषित कर दिया। घायल चालक का इलाज जारी है और उसकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। बताया जा रहा है कि कार में कुल तीन लोग सवार थे—डॉक्टर दंपति और उनका चालक। हादसे के समय उनके साथ मौजूद कुत्ता भी वाहन में ही था, जो सौभाग्य से सुरक्षित निकल आया। दुर्घटना की खबर मिलते ही परिजन पटना से हाजीपुर सदर अस्पताल के लिए रवाना हो गए। अस्पताल परिसर में शोक का माहौल है और मृतकों के सहकर्मी तथा परिचित भी वहां पहुंचने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि टोल प्लाजा के आसपास अक्सर भारी वाहनों को सड़क किनारे खड़ा कर दिया जाता है, जिससे खासकर कोहरे के समय दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उस समय दृश्यता बेहद कम थी और कंटेनर के पीछे कोई स्पष्ट संकेतक या चेतावनी लाइट नजर नहीं आ रही थी। यही वजह रही कि कार चालक समय रहते वाहन नहीं रोक सका। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर क्षतिग्रस्त कार को सड़क से हटवाया और यातायात बहाल कराया। फरार कंटेनर चालक की तलाश शुरू कर दी गई है। कंटेनर के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर उसके मालिक और चालक की पहचान की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में लापरवाही और यातायात नियमों के उल्लंघन के पहलुओं की भी जांच की जा रही है। डॉ. जितेंद्र प्रसाद और उनकी पत्नी की असामयिक मौत से चिकित्सा जगत में भी शोक की लहर है। दोनों को एक समर्पित चिकित्सक दंपति के रूप में जाना जाता था। अररिया सदर अस्पताल के सहकर्मियों ने बताया कि वे मरीजों के प्रति बेहद संवेदनशील थे और अक्सर अतिरिक्त समय देकर इलाज करते थे। यह हादसा एक बार फिर घने कोहरे के दौरान हाईवे पर सुरक्षा इंतजामों की पोल खोलता नजर आ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि सर्दियों में कोहरे के समय वाहनों की गति सीमित रखने, खड़े भारी वाहनों पर रिफ्लेक्टर और चेतावनी लाइट अनिवार्य करने तथा नियमित गश्त बढ़ाने जैसे कदमों की सख्त जरूरत है। फिलहाल, वैशाली जिला के सराय थाना क्षेत्र में पुलिस जांच जारी है और मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि कोहरे के समय सावधानीपूर्वक वाहन चलाएं, सुरक्षित दूरी बनाए रखें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत पुलिस या एंबुलेंस सेवा को सूचना दें, ताकि ऐसी दुखद घटनाओं को भविष्य में रोका जा सके।


