पटना में 80 लाख की प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद, छह तस्कर गिरफ्तार
पटना। राजधानी पटना में नशे के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। सिटी के मालसलामी थाना क्षेत्र में देर रात की गई छापेमारी में करीब 80 लाख रुपये कीमत का प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद किया गया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने छह तस्करों को भी गिरफ्तार किया है। तस्कर बड़ी चालाकी से कफ सिरप को मसालों के बीच छुपाकर ले जा रहे थे, लेकिन पुलिस की सतर्कता के चलते उनका मंसूबा नाकाम हो गया।
गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मालसलामी थाना पुलिस को नगला इलाके के पास बड़े पैमाने पर प्रतिबंधित कफ सिरप की तस्करी की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना में बताया गया था कि कुछ वाहन देर रात इलाके से गुजरने वाले हैं, जिनमें अवैध रूप से नशीला कफ सिरप ले जाया जा रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया गया और इलाके में नाकाबंदी कर सघन जांच शुरू की गई।
नगला के पास पकड़ी गई खेप
छापेमारी के दौरान पुलिस ने नगला के पास पांच बोलोरो पिकअप गाड़ियों को रोका। तलाशी लेने पर गाड़ियों में रखे तेजपत्ता और मिर्च की बोरियों के नीचे बड़ी मात्रा में कफ सिरप छुपाकर रखा गया था। जांच में सामने आया कि कुल 4500 लीटर प्रतिबंधित कफ सिरप इन वाहनों में लादा गया था। जब्त किए गए कफ सिरप की बाजार कीमत करीब 80 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस ने तुरंत सभी वाहनों को जब्त कर लिया और मौके से छह लोगों को हिरासत में लिया।
कैसे छुपाई जा रही थी खेप
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि तस्करों ने बेहद शातिर तरीका अपनाया था। कफ सिरप की बोतलों को तेजपत्ता और मिर्च जैसी रोजमर्रा की व्यापारिक वस्तुओं के बीच रखा गया था, ताकि सामान्य जांच में शक न हो। बाहर से देखने पर यह खेप मसालों की लग रही थी, लेकिन जब बोरियों को हटाया गया तो अंदर से प्रतिबंधित सिरप की बड़ी खेप सामने आई। पुलिस का कहना है कि यह तरीका पहले भी कई बार इस्तेमाल किया गया है, लेकिन इस बार तस्कर बच नहीं पाए।
हिमाचल से कटिहार तक का रूट
अनुमंडल पदाधिकारी डॉ. गौरव कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि ये सभी प्रतिबंधित कफ सिरप हिमाचल प्रदेश से लाए गए थे। इन्हें बिहार के कटिहार जिले में सप्लाई करने की योजना थी। कटिहार और आसपास के इलाकों में नशीले कफ सिरप की मांग को देखते हुए तस्कर इस खेप को वहां पहुंचाना चाहते थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हिमाचल से यह माल कैसे और किन रास्तों से बिहार लाया गया।
गिरफ्तार तस्करों की पहचान
इस मामले में गिरफ्तार किए गए छह तस्करों की पहचान मुकेश कुमार और गुड्डू कुमार, दोनों वैशाली जिले के रहने वाले, मोहम्मद रहीम, सूर्य प्रकाश और मोहम्मद सागर, तीनों कटिहार जिले के निवासी, तथा मिथिलेश कुमार, जो सहरसा जिले का रहने वाला है, के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, सभी आरोपी आपस में संपर्क में थे और लंबे समय से इस अवैध धंधे में शामिल हो सकते हैं।
पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस का मानना है कि यह सिर्फ एक खेप का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा है। गिरफ्तार तस्करों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह का सरगना कौन है और किन-किन राज्यों में इसका नेटवर्क फैला हुआ है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इससे पहले कितनी बार इसी तरह की खेप बिहार लाई गई और किन-किन जगहों पर इसकी सप्लाई की गई।
नशे के खिलाफ सख्ती
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि प्रतिबंधित कफ सिरप का इस्तेमाल नशे के तौर पर किया जाता है, जो युवाओं और समाज के लिए बेहद खतरनाक है। बिहार में शराबबंदी के बाद से नशीली दवाओं और कफ सिरप की तस्करी के मामले सामने आते रहे हैं। ऐसे में पुलिस इन मामलों को लेकर पूरी तरह सख्त है और किसी भी सूरत में तस्करों को बख्शा नहीं जाएगा।
आगे की कार्रवाई
जब्त किए गए कफ सिरप को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है और सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की तैयारी की जा रही है। पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। साथ ही, अन्य जिलों की पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों से भी संपर्क किया जा रहा है, ताकि इस नेटवर्क से जुड़े बाकी लोगों तक पहुंचा जा सके।
शहर में बढ़ी सतर्कता
इस बड़ी बरामदगी के बाद पटना और आसपास के इलाकों में पुलिस की सतर्कता और बढ़ा दी गई है। चेकिंग अभियान तेज कर दिए गए हैं और संदिग्ध वाहनों की सघन जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि नशे के अवैध कारोबार पर लगाम लगाने के लिए आने वाले दिनों में भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।


