बिहार से उड़ीसा जाना होगा आसान, 16 से अधिक शहरों में जल्द शुरू होगी बस सेवा, यात्रियों को मिलेगी राहत
पटना। बिहार और ओडिशा के बीच यात्रा करने वाले लोगों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। दोनों राज्यों के बीच सीधी बस सेवा शुरू करने की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। परिवहन विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है, जिससे साफ हो गया है कि आने वाले दिनों में बिहार के कई शहरों से ओडिशा के प्रमुख इलाकों तक बसों का सीधा परिचालन शुरू होगा। यह व्यवस्था झारखंड को ट्रांजिट स्टेट के रूप में इस्तेमाल करते हुए लागू की जाएगी, जिससे तीन राज्यों को एक साथ बेहतर सड़क कनेक्टिविटी मिलेगी।
तीन राज्यों को जोड़ने की नई पहल
नई बस सेवा के तहत बिहार, झारखंड और ओडिशा के बीच सीधा सड़क संपर्क स्थापित किया जाएगा। यह पहली बार होगा जब इतने बड़े स्तर पर बिहार और ओडिशा के बीच बस नेटवर्क विकसित किया जा रहा है। परिवहन विभाग के अनुसार, झारखंड इस पूरे रूट में ट्रांजिट राज्य की भूमिका निभाएगा। ज्यादातर बसें जमशेदपुर और रांची के रास्ते बिहार में प्रवेश करेंगी और वहीं से अलग-अलग जिलों के लिए आगे रवाना होंगी। इससे न केवल यात्रा का समय घटेगा, बल्कि यात्रियों को बार-बार वाहन बदलने की परेशानी से भी निजात मिलेगी।
व्यापार, शिक्षा और इलाज के लिए अहम
इस नई बस सेवा को सिर्फ यात्री सुविधा तक सीमित नहीं माना जा रहा है, बल्कि इसे व्यापार, शिक्षा, इलाज और पर्यटन के लिहाज से भी बेहद अहम माना जा रहा है। ओडिशा के कई औद्योगिक शहरों और पर्यटन स्थलों से बिहार के प्रमुख शहरों का सीधा जुड़ाव होने से कारोबारियों को फायदा मिलेगा। वहीं, छात्र, मजदूर और मरीज भी आसानी से एक राज्य से दूसरे राज्य तक सफर कर सकेंगे। खासकर उन लोगों को राहत मिलेगी, जो अब तक ट्रेनों की सीमित सीटों और लंबी प्रतीक्षा सूची से परेशान रहते थे।
पटना से ओडिशा के बड़े शहरों तक सीधी बस
योजना के तहत राजधानी पटना से ओडिशा के प्रमुख शहरों के लिए सीधी बस सेवा शुरू की जाएगी। पटना से भुवनेश्वर, बालासोर और रायरंगपुर के लिए बसें चलाई जाएंगी, जो रांची और जमशेदपुर होते हुए अपने गंतव्य तक पहुंचेंगी। इसके अलावा राउरकेला से भी खूंटी और रांची के रास्ते पटना के लिए बस सेवा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे राजधानी पटना और ओडिशा के बीच सीधा और सुगम सड़क संपर्क स्थापित हो जाएगा।
गया और अन्य शहरों को भी मिलेगा लाभ
बोधगया और गया क्षेत्र के यात्रियों के लिए भी यह योजना खास मानी जा रही है। गया से पूरी, भुवनेश्वर, संबलपुर और बारीपदा तक बसें चलाई जाएंगी। इसके अलावा क्योंझर और सुंदरगढ़ से हजारीबाग के रास्ते गया तक सीधा सफर संभव होगा। इससे धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, क्योंकि गया और पूरी दोनों ही महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल हैं।
उत्तर बिहार और संताल परगना को नई कनेक्टिविटी
उत्तर बिहार के शहरों को भी इस योजना में शामिल किया गया है। दरभंगा के लिए रायरंगपुर और राउरकेला से टाटा और रांची होते हुए बसें चलेंगी। भागलपुर को राउरकेला से दुमका के रास्ते जोड़ा जाएगा, जिससे संताल परगना क्षेत्र को बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा। इससे इस आदिवासी बहुल इलाके में आवागमन आसान होगा और स्थानीय लोगों को भी सीधी बस सेवा का लाभ मिल सकेगा।
छोटे-बड़े जिलों तक पहुंचेगी सेवा
परिवहन विभाग की योजना के अनुसार बिहारशरीफ, सासाराम, मुजफ्फरपुर, आरा, सीवान, पूर्णिया, हाजीपुर, बक्सर, सुल्तानगंज, नवादा और औरंगाबाद जैसे शहरों के लिए भी ओडिशा के विभिन्न हिस्सों से बसें उपलब्ध कराई जाएंगी। झारसुगुड़ा से हाजीपुर, पटना, सीवान और पूर्णिया के लिए सेवा प्रस्तावित है। वहीं राउरकेला से बक्सर, आरा, मुजफ्फरपुर और सीवान को सीधी बस कनेक्टिविटी दी जाएगी। इस तरह बिहार के लगभग 16 से अधिक शहर इस नई व्यवस्था से जुड़ेंगे।
दिल्ली और अन्य राज्यों तक भी बढ़ेगी पहुंच
परिवहन विभाग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में बिहार के करीब 14 शहरों से दिल्ली, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ के लिए भी नई बस सेवाएं शुरू की जाएंगी। खास बात यह है कि पहले बिहार से चलने वाली बसें सिर्फ आनंद विहार बस टर्मिनल तक ही सीमित थीं, लेकिन अब अलग-अलग जिलों से सीधे दिल्ली के भीतर तक बसों के परिचालन की योजना बनाई जा रही है। इससे यात्रियों को दिल्ली पहुंचने में और भी सुविधा मिलेगी।
ट्रेनों की भीड़ से मिलेगी राहत
नई बस सेवाओं के शुरू होने से ट्रेनों पर बढ़ते दबाव में भी कमी आने की उम्मीद है। लंबी दूरी की ट्रेनों में अक्सर सीट न मिलने की समस्या रहती है, खासकर त्योहारों और छुट्टियों के मौसम में। बस सेवा एक वैकल्पिक और सुलभ साधन के रूप में उभरेगी, जिससे निजी वाहनों पर निर्भरता भी कम होगी।
यात्रियों के लिए बड़ा बदलाव
बिहार और ओडिशा के बीच शुरू होने वाली यह बस सेवा सड़क मार्ग से यात्रा करने वालों के लिए एक बड़ा बदलाव साबित हो सकती है। छात्रों, मजदूरों, मरीजों और पर्यटकों को एक ही माध्यम से तीन राज्यों में सुगम और सीधी यात्रा का अवसर मिलेगा। परिवहन विभाग की यह पहल न सिर्फ आवागमन को आसान बनाएगी, बल्कि क्षेत्रीय विकास और आपसी संपर्क को भी नई गति देगी।


