पंचतत्व में विलीन हुए अजित पवार, पुत्र ने दी मुखाग्नि, गृहमंत्री समेत कई नेता रहे मौजूद
बारामती। महाराष्ट्र की राजनीति के लिए गुरुवार का दिन बेहद दुखद रहा। काटेवाड़ी में पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। दोपहर करीब 12.15 बजे उनका पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन हुआ। उनके पुत्र ने मुखाग्नि दी। इस दौरान परिवार के सदस्य, करीबी रिश्तेदार और देश-प्रदेश की राजनीति से जुड़े कई प्रमुख चेहरे मौजूद रहे। अंतिम संस्कार स्थल पर शोक और सन्नाटे का माहौल था।
परिवार और रिश्तेदारों की मौजूदगी
अंतिम संस्कार के समय अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार, दोनों बेटे पार्थ पवार और जय पवार मौजूद थे। उनके चाचा और वरिष्ठ नेता शरद पवार, उनकी बेटी सुप्रिया सुले भी विद्या प्रतिष्ठान परिसर में अंतिम विदाई देने पहुंचे। परिवार के सदस्यों की आंखों में आंसू थे और माहौल भावुक हो गया था। हर कोई इस असमय हादसे से स्तब्ध नजर आया।
हजारों लोगों ने दी अंतिम विदाई
इससे पहले गुरुवार सुबह अजित पवार के पार्थिव शरीर को काटेवाड़ी स्थित उनके आवास लाया गया था। जैसे ही अंतिम यात्रा शुरू हुई, हजारों लोग उन्हें अंतिम विदाई देने उमड़ पड़े। बारामती की सड़कों पर जनसैलाब उमड़ आया, जिससे कई इलाकों में लंबा जाम लग गया। आम लोगों के साथ-साथ पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। हर कोई अपने लोकप्रिय नेता को आखिरी बार देखने को बेचैन दिखा।
हादसे की पृष्ठभूमि
जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 8.45 बजे अजित पवार का चार्टर्ड विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। यह हादसा बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान हुआ। इस भीषण दुर्घटना में अजित पवार के साथ उनके सुरक्षाकर्मी, दो पायलट और एक महिला क्रू सदस्य समेत कुल पांच लोगों की मौत हो गई। हादसे की खबर फैलते ही पूरे महाराष्ट्र में शोक की लहर दौड़ गई।
राजकीय शोक की घोषणा
अजित पवार के निधन पर महाराष्ट्र सरकार ने तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। इस दौरान सरकारी भवनों पर झंडे आधे झुके रहेंगे और सभी सरकारी कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं। सरकार ने इस हादसे को राज्य के लिए अपूरणीय क्षति बताया है। प्रशासन की ओर से अंतिम संस्कार की सभी तैयारियां राजकीय सम्मान के अनुरूप की गईं।
राजनीतिक हस्तियों की श्रद्धांजलि
अंतिम संस्कार में देश और राज्य की राजनीति से जुड़े कई बड़े नेता पहुंचे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, पूर्व गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे, आंध्र प्रदेश के मंत्री नारा लोकेश और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे भी बारामती पहुंचे। सभी नेताओं ने अजित पवार के पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री भी रहे मौजूद
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी अंतिम संस्कार में शामिल हुए। दोनों नेताओं ने इस घटना को राज्य के लिए गहरा आघात बताया और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की। उनके साथ कई मंत्री, विधायक और वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
फिल्म जगत से भी पहुंची श्रद्धांजलि
अजित पवार को श्रद्धांजलि देने फिल्म अभिनेता रितेश देशमुख भी बारामती पहुंचे। रितेश देशमुख, पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत विलासराव देशमुख के पुत्र हैं। उन्होंने अजित पवार को विनम्र और जनप्रिय नेता बताते हुए उनके निधन को व्यक्तिगत क्षति बताया।
अधूरी रह गईं चुनावी तैयारियां
बताया गया कि अजित पवार आगामी 5 फरवरी को पुणे में होने वाले जिला परिषद चुनावों के सिलसिले में चार रैलियों को संबोधित करने वाले थे। उनके निधन से न केवल राजनीतिक गतिविधियां ठप हो गईं, बल्कि पार्टी कार्यकर्ताओं में भी गहरा शोक व्याप्त है। समर्थकों का कहना है कि अजित पवार का जाना एक ऐसे नेता का जाना है, जो हमेशा जनता से सीधे जुड़े रहते थे।
शोक में डूबा महाराष्ट्र
अजित पवार के निधन की खबर के बाद से पूरे महाराष्ट्र में शोक का माहौल है। सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक लोग उन्हें याद करते नजर आए। बारामती, पुणे और आसपास के इलाकों में दुकानें स्वतः बंद रहीं। लोग एक-दूसरे से यही कहते दिखे कि राजनीति में एक मजबूत और प्रभावशाली आवाज हमेशा के लिए खामोश हो गई।


