भागलपुर में 274 लीटर विदेशी शराब बरामद, तीन तस्कर गिरफ्तार
भागलपुर। जिले में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत रंगरा थाना पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए 274.32 लीटर विदेशी शराब बरामद की है। इस दौरान शराब तस्करी में शामिल तीन लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद जिले में शराब तस्करों के बीच हड़कंप मच गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अवैध शराब के नेटवर्क पर सख्ती से कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी कीमत पर तस्करों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, रंगरा थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि नवगछिया की ओर से एक सफेद रंग की पिकअप और एक कार के माध्यम से भारी मात्रा में विदेशी शराब ले जाई जा रही है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। इसके बाद चापर मोड़ के पास वाहन जांच अभियान शुरू किया गया। पुलिस ने संदिग्ध वाहनों की निगरानी बढ़ा दी और सड़क पर आने-जाने वाले वाहनों की जांच की जाने लगी। वाहन जांच के दौरान जैसे ही संदिग्ध पिकअप और कार चापर मोड़ के नजदीक पहुंची, पुलिस को देखकर वाहन चालकों में अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि पिकअप का चालक पुलिस को देखते ही वाहन को सड़क किनारे छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने तत्काल पीछा करने की कोशिश की, लेकिन चालक अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा। हालांकि, पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए कार को मौके पर रोक लिया और उसे जांच के दायरे में लिया। इसके बाद कार की विधिवत तलाशी ली गई। कार की तलाशी के दौरान पुलिस ने बड़ी मात्रा में विदेशी शराब बरामद की। जांच में कुल 274.32 लीटर विदेशी शराब कार में छिपाकर रखी गई थी। शराब को जब्त करने के बाद पुलिस ने कार सवार तीन लोगों को हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रंगरा निवासी निशांत कुमार, प्रणय कुमार सिंह तथा झंडापुर निवासी मेराज मंजूर के रूप में हुई है। पुलिस ने शराब के साथ-साथ कार को भी जब्त कर लिया है और मामले में आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। रंगरा थाना पुलिस ने बताया कि यह शराब संगठित तरीके से तस्करी के लिए ले जाई जा रही थी। पुलिस को शक है कि इसके पीछे बड़ा नेटवर्क सक्रिय है, जो जिले में अवैध शराब की सप्लाई करता है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुट गई है। फरार पिकअप चालक की पहचान भी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस मामले में पुलिस ने बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम 2018 की धारा 30(ए) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह धारा अवैध शराब के कारोबार और परिवहन के मामलों में लागू की जाती है। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह जानने की कोशिश की जा रही है कि शराब कहां से लाई गई थी और इसे किस स्थान पर पहुंचाया जाना था। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस तस्करी में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध शराब के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू करने के लिए लगातार छापेमारी और वाहन जांच अभियान चलाए जा रहे हैं। तस्करों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और सूचना मिलते ही कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि शराबबंदी के बावजूद कुछ इलाकों में तस्करी का धंधा लगातार जारी है। ऐसे में पुलिस की इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस का दावा है कि इस तरह की लगातार कार्रवाई से तस्करी के नेटवर्क को कमजोर किया जाएगा और अवैध शराब कारोबार पर नियंत्रण किया जाएगा। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।


