प्रदेश में कड़ाके की ठंड: समस्तीपुर में 3 डिग्री तापमान, पटना में तेज हवाओं से लोग परेशान
पटना। बिहार में इन दिनों ठंड अपने चरम पर पहुंचती नजर आ रही है। पहाड़ी इलाकों में हो रही लगातार बर्फबारी का सीधा असर अब मैदानी राज्यों पर दिखने लगा है और बिहार भी इससे अछूता नहीं है। राज्य के कई जिलों में हाड़ कंपाने वाली ठंड ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। सुबह और शाम के समय ठंड का असर ज्यादा महसूस किया जा रहा है, जबकि घने कोहरे के कारण दृश्यता भी काफी कम हो गई है।
समस्तीपुर बना सबसे ठंडा जिला
राज्य के उत्तरी हिस्सों में ठंड का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है। समस्तीपुर में न्यूनतम तापमान गिरकर 3.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो इस सीजन के सबसे निचले तापमानों में से एक है। इतनी कम तापमान के कारण सुबह-सुबह सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। लोग बेहद जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकलते नजर आए। ठंड से बचने के लिए लोग अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लेते दिखे।
पटना में तेज हवाओं ने बढ़ाई परेशानी
राजधानी पटना में भी ठंड का प्रकोप कम नहीं है। मंगलवार की अहले सुबह यहां तापमान करीब 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके साथ ही तेज पछुआ हवाओं ने ठंड के असर को और बढ़ा दिया। हालांकि दिन में हल्की धूप निकलने से कुछ राहत जरूर मिली, लेकिन तापमान सामान्य से नीचे रहने के कारण ठिठुरन बनी रही। शाम ढलते ही फिर से सर्द हवाओं ने लोगों को घरों में सिमटने पर मजबूर कर दिया।
भागलपुर और अन्य जिलों में भी ठिठुरन
भागलपुर के सबौर क्षेत्र में भी ठंड का असर साफ नजर आया, जहां न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसी तरह बेगूसराय, दरभंगा, मधुबनी, बांका और भोजपुर जैसे जिलों में भी ठंड ने लोगों को बेहाल कर दिया है। कई जगहों पर सुबह 10 बजे तक घना कोहरा छाया रहा, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हुआ।
मौसम विभाग का ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने बुधवार को बिहार के 23 जिलों में कोहरे और कोल्ड डे को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग का कहना है कि अगले चार दिनों में न्यूनतम तापमान में करीब 4 डिग्री सेल्सियस तक की और गिरावट हो सकती है। इसका मतलब है कि आने वाले दिन और रातें और भी ठंडी हो सकती हैं। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
घने कोहरे से जनजीवन प्रभावित
पिछले 24 घंटों के दौरान पटना, बेगूसराय, दरभंगा समेत करीब 10 जिलों में सुबह के समय घना कोहरा देखा गया। कई इलाकों में विजिबिलिटी लगभग शून्य तक पहुंच गई, जिससे वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हाईवे और ग्रामीण सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए। कुछ जगहों पर रेल और बस सेवाएं भी देर से चलीं।
14 जनवरी तक कोल्ड वेव की आशंका
मौसम विभाग के अनुसार 8 जनवरी से राज्य में और घना कुहासा छाने की संभावना है। साथ ही 14 जनवरी तक कोल्ड वेव जैसी स्थिति बनी रह सकती है। इस दौरान कंपकंपी और ठिठुरन और बढ़ेगी। रात के समय तापमान में तेज गिरावट से ठंड का असर ज्यादा महसूस होगा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि फिलहाल ठंड से राहत मिलने की उम्मीद कम है।
स्कूलों पर भी पड़ा असर
कड़ाके की ठंड को देखते हुए बेगूसराय और भोजपुर जिलों में 8 जनवरी तक सभी स्कूलों को बंद रखने का फैसला लिया गया है। प्रशासन का कहना है कि बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। संभावना है कि अगर ठंड का असर इसी तरह बना रहा, तो अन्य जिलों में भी इसी तरह के फैसले लिए जा सकते हैं।
पहाड़ी बर्फबारी और पछुआ हवा की भूमिका
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तरी भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में भारी बर्फबारी हुई है। इसके बाद पाकिस्तान की ओर से चलने वाली ठंडी पछुआ हवाएं जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान से होती हुई बिहार तक पहुंच रही हैं। इन्हीं सर्द हवाओं की वजह से राज्य में कोल्ड डे और घने कोहरे की स्थिति बनी हुई है।
बांका और मधुबनी में ठंड का कहर
बांका जिले में बर्फीली हवाओं के कारण सड़कों पर आवाजाही बेहद कम हो गई है। लोग सुबह देर तक घरों में ही दुबके रहे। मधुबनी में भी पछुआ हवाओं के चलते सीजन का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया। यहां न्यूनतम तापमान करीब 8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जिससे पूरे इलाके में ठंड का असर साफ दिखा।
आगे कैसा रहेगा मौसम
पटना समेत पूरे बिहार में आने वाले दिनों में मौसम ठंडा बना रहने की संभावना है। सुबह हल्के से मध्यम कोहरे के कारण दृश्यता प्रभावित हो सकती है। दिन में धूप निकलने से कुछ राहत जरूर मिलेगी, लेकिन रात के समय तापमान में गिरावट के कारण सर्दी बढ़ेगी। मौसम विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने और ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की अपील की है। बिहार में इस समय ठंड अपने पूरे असर के साथ मौजूद है। समस्तीपुर जैसे जिलों में तापमान 3 डिग्री के करीब पहुंचना यह संकेत देता है कि आने वाले दिन और भी चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। घना कोहरा, सर्द हवाएं और गिरता तापमान जनजीवन को लगातार प्रभावित कर रहा है। ऐसे में जरूरी है कि लोग सतर्क रहें, मौसम की जानकारी पर नजर बनाए रखें और खुद को ठंड से सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक सावधानियां अपनाएं।


