January 7, 2026

पटना में आज से चलेगा विशेष अतिक्रमण अभियान, 9 विशेष टीमों का गठन, लगेगा जुर्माना

पटना। शहर में बढ़ते अतिक्रमण, ट्रैफिक जाम और अव्यवस्थित सार्वजनिक स्थानों को लेकर जिला प्रशासन ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम के निर्देश पर आज से पूरे शहर में विशेष अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू किया जा रहा है। यह अभियान जनवरी महीने के अंत तक लगातार चलेगा। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इस बार अतिक्रमण करने वालों के प्रति किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी और जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई की जाएगी।
नौ विशेष टीमों का किया गया गठन
अतिक्रमण के खिलाफ इस विशेष ड्राइव के लिए प्रशासन और पुलिस की कुल नौ विशेष टीमों का गठन किया गया है। इन टीमों को अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि पूरे शहर में एक साथ प्रभावी कार्रवाई की जा सके। हर टीम में प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस बल और नगर निगम के कर्मी शामिल रहेंगे। टीमों का काम सिर्फ अतिक्रमण हटाना ही नहीं होगा, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना होगा कि हटाए गए स्थानों पर दोबारा कब्जा न हो।
कड़े जुर्माने और एफआईआर का प्रावधान
प्रशासन ने इस अभियान को प्रभावी बनाने के लिए सख्त दंडात्मक प्रावधान भी तय किए हैं। अस्थायी अतिक्रमण करने वालों पर 5,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा, जबकि स्थायी अतिक्रमण के मामलों में 20,000 रुपये तक का जुर्माना वसूला जाएगा। इसके अलावा अतिक्रमण में इस्तेमाल किए जा रहे सामान को जब्त किया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति या दुकानदार दोबारा उसी स्थान पर अतिक्रमण करता पाया गया, तो उसके खिलाफ अनिवार्य रूप से एफआईआर दर्ज की जाएगी। अभियान में बाधा डालने वालों पर भी कानूनी कार्रवाई होगी।
अस्पतालों के आसपास विशेष सख्ती
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि शहर के प्रमुख अस्पतालों के आसपास किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पीएमसीएच, आईजीआईएमएस, एनएमसीएच और एम्स जैसे बड़े अस्पतालों के आसपास सड़क और फुटपाथ पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त रखे जाएंगे। इसका उद्देश्य यह है कि मरीजों, उनके परिजनों और एंबुलेंस को आने-जाने में किसी तरह की परेशानी न हो। अस्पतालों के पास अवैध दुकानें, ठेले और वाहन खड़े पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
मल्टी-एजेंसी समन्वय से चलेगा अभियान
यह अभियान पूरी तरह से मल्टी-एजेंसी समन्वय के साथ चलाया जाएगा। इसमें जिला प्रशासन के साथ-साथ पटना नगर निगम, ट्रैफिक पुलिस, परिवहन विभाग, राजस्व विभाग, पथ निर्माण विभाग, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन विभाग, बिजली और दूरसंचार विभाग, वन विभाग तथा पुलिस के अधिकारी और कर्मचारी शामिल होंगे। सभी विभाग आपसी तालमेल से काम करेंगे, ताकि कार्रवाई के दौरान किसी तरह की तकनीकी या प्रशासनिक बाधा न आए।
शहर और आसपास के इलाकों में कार्रवाई
अतिक्रमण हटाओ अभियान सिर्फ पटना नगर निगम क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा। नगर निगम के छह अंचलों नूतन राजधानी, पाटलिपुत्र, कंकड़बाग, बांकीपुर, अजीमाबाद और पटना सिटी में तो कार्रवाई होगी ही, साथ ही खगौल, फुलवारीशरीफ और दानापुर नगर परिषद क्षेत्रों में भी अतिक्रमण हटाया जाएगा। इन इलाकों में लंबे समय से सड़कों और फुटपाथों पर अवैध कब्जे की शिकायतें मिल रही थीं।
अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी
अभियान की कमान अनुमंडल स्तर पर एसडीओ और एसडीपीओ के हाथों में होगी। उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों में प्रतिदिन कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। वहीं अपर जिला दंडाधिकारी (नगर व्यवस्था) पूरे अभियान की लगातार निगरानी करेंगे। सभी थानाध्यक्षों को यह भी निर्देश दिया गया है कि अतिक्रमण हटाने से जुड़ी हर कार्रवाई का विवरण स्टेशन डायरी में दर्ज किया जाए।
ट्रैफिक व्यवस्था पर भी रहेगा फोकस
अतिक्रमण के साथ-साथ ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारना भी इस अभियान का एक बड़ा उद्देश्य है। ट्रैफिक पुलिस विशेष वाहन चेकिंग अभियान चलाएगी और अवैध पार्किंग पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सड़कों के किनारे खड़े अवैध वाहनों को हटाया जाएगा, ताकि जाम की समस्या कम हो और आवागमन सुचारु बना रहे।
निगरानी के लिए मॉनिटरिंग सेल गठित
पूरे अभियान की निगरानी के लिए पांच सदस्यीय मॉनिटरिंग सेल का गठन किया गया है। इस सेल में ट्रैफिक एसपी, अपर जिला दंडाधिकारी नगर व्यवस्था, एसपी विधि-व्यवस्था, अपर नगर आयुक्त और सिटी मजिस्ट्रेट शामिल हैं। यह टीम रोजाना अभियान की समीक्षा करेगी और आवश्यक सुधारात्मक निर्देश देगी।
31 जनवरी तक चलेगा अभियान
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह विशेष अतिक्रमण अभियान 31 जनवरी तक चलेगा। रोस्टर के अनुसार टीमें प्रतिदिन मैदान में उतरेंगी और हटाए गए अतिक्रमण स्थलों की फॉलो-अप निगरानी भी की जाएगी, ताकि वहां दोबारा कब्जा न हो सके।
प्रशासन की प्राथमिकता और अपील
जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने कहा है कि बेहतर ट्रैफिक व्यवस्था और सुरक्षित आवागमन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और आम लोगों को जाम व अव्यवस्था से राहत दिलाने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन ने आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है, ताकि शहर को अतिक्रमण मुक्त और व्यवस्थित बनाया जा सके।

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