February 19, 2026

पटना में बिजली बिल के नाम पर हो रही ऑनलाइन ठगी, विभाग ने उपभोक्ताओं को किया सतर्क, रहे सावधान

पटना। बिहार में साइबर अपराधियों ने आम लोगों को ठगने का एक नया और खतरनाक तरीका अपनाया है। अब बिजली बिल बकाया और कनेक्शन काटने की धमकी देकर उपभोक्ताओं से ऑनलाइन ठगी की जा रही है। खासतौर पर पटना समेत कई जिलों में ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां उपभोक्ताओं को फर्जी कॉल और मैसेज भेजकर डराया जा रहा है और तुरंत भुगतान करने को कहा जा रहा है। इन घटनाओं के बढ़ते ही ऊर्जा विभाग और बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड ने लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।
कैसे किया जा रहा है उपभोक्ताओं को शिकार
साइबर ठग खुद को बिजली विभाग का अधिकारी बताकर उपभोक्ताओं को फोन करते हैं या मैसेज भेजते हैं। इन मैसेज और कॉल में कहा जाता है कि बिजली बिल बकाया है और यदि तुरंत भुगतान नहीं किया गया तो बिजली कनेक्शन काट दिया जाएगा। कई बार मैसेज में एनबीपीडीसीएल या एसबीपीडीसीएल जैसे नामों का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे उपभोक्ताओं को लगता है कि यह कोई आधिकारिक सूचना है। डर और जल्दबाजी में लोग ठगों की बातों में आ जाते हैं और पैसे ट्रांसफर कर देते हैं।
ऊर्जा विभाग की स्पष्ट चेतावनी
ऊर्जा विभाग ने साफ तौर पर कहा है कि बिजली कंपनियां इस तरह की धमकी भरे कॉल या मैसेज कभी नहीं भेजतीं। ऊर्जा सचिव और बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड के अध्यक्ष ने स्पष्ट किया है कि किसी भी आधिकारिक एसएमएस में किसी अधिकारी या कर्मचारी का व्यक्तिगत मोबाइल नंबर नहीं होता। असली मैसेज में उपभोक्ता खाता संख्या और बकाया राशि की जानकारी जरूर होती है, लेकिन बिजली काटने का समय या तुरंत कॉल करने जैसी बातें नहीं लिखी जातीं।
फर्जी मैसेज की पहचान कैसे करें
ऊर्जा विभाग के अनुसार, यदि किसी मैसेज में मोबाइल नंबर दिया गया हो और उस पर तुरंत कॉल करने या भुगतान करने का दबाव बनाया जा रहा हो, तो उसे फर्जी मानना चाहिए। कई मामलों में मैसेज में भाषा भी डराने वाली होती है, जैसे “आज ही भुगतान करें, नहीं तो कनेक्शन काट दिया जाएगा।” ऐसे मैसेज से घबराने की बजाय उपभोक्ताओं को पहले विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या कस्टमर केयर से जानकारी की पुष्टि करनी चाहिए।
रिमोट एक्सेस एप के जरिए ठगी का नया तरीका
अब साइबर अपराधी एक कदम आगे बढ़ चुके हैं। वे उपभोक्ताओं से किसी सपोर्टिंग एप को डाउनलोड करने के लिए कहते हैं। जैसे ही उपभोक्ता उस एप को अपने मोबाइल में इंस्टॉल करता है, ठगों को फोन का रिमोट एक्सेस मिल जाता है। इसके बाद वे मोबाइल हैक कर बैंक अकाउंट, यूपीआई या डिजिटल वॉलेट से पैसे निकाल लेते हैं। ऊर्जा विभाग ने साफ कहा है कि बिजली कंपनी की ओर से किसी भी तरह का रिमोट एक्सेस एप डाउनलोड करने के लिए कभी नहीं कहा जाता।
कौन-कौन से एप हैं अधिकृत
स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं के लिए विभाग ने कुछ अधिकृत एप तय किए हैं। इनमें बिहार बिजली स्मार्ट मीटर एप, ऊर्जा स्मार्ट मीटर एप और नॉर्थ व साउथ बिहार के लिए निर्धारित स्मार्ट मीटर एप शामिल हैं। इनके अलावा किसी भी अनजान या संदिग्ध एप को डाउनलोड करना जोखिम भरा हो सकता है। उपभोक्ताओं को चाहिए कि वे केवल इन्हीं अधिकृत एप के माध्यम से रिचार्ज या भुगतान करें।
सुरक्षित भुगतान के सही माध्यम
ऊर्जा विभाग ने उपभोक्ताओं को सलाह दी है कि बिजली बिल भुगतान के लिए विभागीय वेबसाइट या गूगल पे, पेटीएम, फोनपे जैसे भरोसेमंद और प्रमाणित डिजिटल माध्यमों का ही उपयोग करें। किसी अनजान लिंक पर क्लिक करके या किसी व्यक्ति के बताए अकाउंट में पैसे ट्रांसफर करना खतरनाक हो सकता है। थोड़ी सी लापरवाही बड़ी आर्थिक नुकसान में बदल सकती है।
संदिग्ध कॉल या ठगी होने पर क्या करें
यदि किसी उपभोक्ता को बिजली बिल के नाम पर संदिग्ध कॉल, मैसेज या ठगी का सामना करना पड़े, तो उसे तुरंत साइबर क्राइम सेल में शिकायत दर्ज करानी चाहिए। इसके साथ ही विभागीय वेबसाइट पर उपलब्ध हेल्पलाइन नंबर या संबंधित अधिकारी से भी पुष्टि की जा सकती है। समय पर शिकायत करने से न सिर्फ खुद को नुकसान से बचाया जा सकता है, बल्कि ठगों के खिलाफ कार्रवाई में भी मदद मिलती है।
जल्दबाजी से बचना ही सबसे बड़ी सुरक्षा
ऊर्जा विभाग ने दो टूक कहा है कि बिजली बिल या कनेक्शन से जुड़े किसी भी मैसेज पर जल्दबाजी में कोई कदम न उठाएं। ठग अक्सर डर और दबाव बनाकर लोगों से गलती करवा देते हैं। यदि कोई मैसेज या कॉल संदिग्ध लगे, तो पहले उसकी सत्यता जांचें। थोड़ी सी सावधानी आपकी बिजली आपूर्ति के साथ-साथ आपकी मेहनत की कमाई को भी सुरक्षित रख सकती है।
बढ़ते साइबर अपराधों के बीच जागरूकता जरूरी
बिहार में साइबर अपराध के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और बिजली बिल के नाम पर हो रही ठगी इसका ताजा उदाहरण है। ऐसे में आम लोगों की जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है। जब तक उपभोक्ता सतर्क नहीं होंगे, तब तक ठग नए-नए तरीके अपनाते रहेंगे। इसलिए जरूरी है कि हर उपभोक्ता सही जानकारी रखे और किसी भी अनजान कॉल या मैसेज पर आंख मूंदकर भरोसा न करे। बिजली बिल के नाम पर हो रही ऑनलाइन ठगी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि डिजिटल सुविधा के साथ जोखिम भी जुड़े हैं। ऊर्जा विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए उपभोक्ताओं को सतर्क रहना चाहिए। सही जानकारी, सही माध्यम और थोड़ी सी सावधानी से न सिर्फ ठगी से बचा जा सकता है, बल्कि दूसरों को भी जागरूक किया जा सकता है। आखिरकार, सतर्क उपभोक्ता ही सुरक्षित उपभोक्ता होता है।

You may have missed