February 19, 2026

पटना समेत पूरे प्रदेश में 29 तक ठंड का रेड अलर्ट जारी, शीतलहर और कोहरे का डबल अटैक, रहे सावधान

पटना। पटना समेत पूरे बिहार में ठंड ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मौसम विभाग ने राज्यभर के लिए 29 दिसंबर तक शीतलहर और घने कोहरे का रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। बीते एक सप्ताह से प्रदेश में ठंड का असर लगातार बना हुआ है। धूप नहीं निकलने के कारण दिन में भी लोगों को ठिठुरन का अहसास हो रहा है। हालात ऐसे हैं कि सुबह और शाम ही नहीं, बल्कि दोपहर में भी सर्द हवाएं लोगों को परेशान कर रही हैं।
कोल्ड-डे जैसी स्थिति से जनजीवन प्रभावित
पिछले कई दिनों से बिहार में ‘कोल्ड-डे’ जैसी स्थिति बनी हुई है। इसका मतलब यह है कि दिन का अधिकतम तापमान भी सामान्य से काफी नीचे बना हुआ है। कई जिलों में न्यूनतम तापमान 9 से 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा रहा है। राजधानी पटना में भी न्यूनतम तापमान गिरकर करीब 11 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। लगातार ठंड के कारण लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं और खुले में निकलना मुश्किल हो गया है।
घने कोहरे ने बढ़ाई परेशानी
ठंड के साथ-साथ घना कोहरा भी लोगों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। गया, बोधगया समेत कई जिलों में घने कोहरे की चादर छाई रही, जहां दृश्यता घटकर मात्र 50 मीटर तक रह गई। सुबह के समय सड़कों पर चलना बेहद खतरनाक हो गया है। कोहरे के कारण वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई है और कई जगहों पर यातायात प्रभावित हो रहा है। ट्रेन और बस सेवाओं पर भी कोहरे का असर देखने को मिल रहा है।
मौसम विभाग का अलर्ट और पूर्वानुमान
मौसम विभाग ने पूरे बिहार के लिए कोल्ड वेव और घने कोहरे का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार 25 से 29 दिसंबर के बीच कई जिलों में शीतलहर चलने की प्रबल संभावना है। इस दौरान न्यूनतम और अधिकतम दोनों तापमान सामान्य से नीचे बने रहेंगे। अगले चार से पांच दिनों तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं जताई गई है, जिससे ठंड से तत्काल राहत की उम्मीद कम है।
पश्चिमी विक्षोभ और पहाड़ी बर्फबारी का असर
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और पहाड़ी इलाकों में हो रही लगातार बर्फबारी का सीधा असर बिहार के मौसम पर पड़ रहा है। उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाएं बिहार तक पहुंच रही हैं, जिससे तापमान में गिरावट बनी हुई है। जब तक हवाओं की दिशा में बदलाव नहीं होता, तब तक ठंड और कोहरे से राहत मिलना मुश्किल माना जा रहा है।
जेट स्ट्रीम और ला नीना का प्रभाव
मौसम विभाग ने यह भी बताया है कि समुद्र तल से करीब 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर सक्रिय पछुआ जेट स्ट्रीम के कारण ठंडी हवाओं का प्रभाव और बढ़ गया है। इसके अलावा ‘ला नीना’ प्रभाव के चलते इस साल ठंड का दौर लंबा खिंचने की संभावना जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कारण फरवरी महीने तक शीतलहर और ठिठुरन बनी रह सकती है, जिससे लोगों को लंबे समय तक ठंड का सामना करना पड़ सकता है।
तापमान में हल्की बढ़ोतरी के संकेत
हालांकि मौसम विभाग ने यह भी संकेत दिए हैं कि अगले दो से तीन दिनों में अधिकतम तापमान में 1 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की हल्की बढ़ोतरी संभव है। लेकिन न्यूनतम तापमान में खास बदलाव नहीं होने के कारण ठंड से पूरी तरह राहत मिलने की उम्मीद कम है। यानी दिन में थोड़ी नरमी आ सकती है, लेकिन रात और सुबह की ठंड बनी रहेगी।
स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर सावधानी जरूरी
लगातार ठंड और कोहरे के कारण स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है। बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। डॉक्टरों की सलाह है कि लोग गर्म कपड़े पहनें, ठंडी हवा से बचें और सुबह-शाम अनावश्यक बाहर निकलने से परहेज करें। कोहरे के समय वाहन चलाते वक्त हेडलाइट और फॉग लाइट का प्रयोग करना जरूरी है, ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
प्रशासन और आम लोगों की जिम्मेदारी
ठंड के इस दौर में प्रशासन की ओर से भी सतर्कता बरती जा रही है। कई जिलों में अलाव की व्यवस्था की गई है और जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए जा रहे हैं। वहीं आम लोगों से भी अपील की जा रही है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें और सावधानी बरतें। घने कोहरे के दौरान यात्रा करने से पहले मौसम और यातायात की स्थिति की जानकारी लेना जरूरी है।
30 दिसंबर के बाद राहत की उम्मीद
मौसम विभाग के अनुसार 30 दिसंबर के बाद ठंड से हल्की राहत मिलने के संकेत हैं। हालांकि यह राहत सीमित हो सकती है और पूरी तरह ठंड से निजात मिलने में अभी समय लग सकता है। तब तक शीतलहर और कोहरे के बीच ही लोगों को अपना दैनिक जीवन बिताना होगा। पटना समेत पूरे बिहार में फिलहाल ठंड का प्रकोप जारी है। शीतलहर और घने कोहरे के डबल अटैक ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। मौसम विभाग की चेतावनियों को देखते हुए अगले कुछ दिन और सतर्क रहने की जरूरत है। सावधानी, सतर्कता और मौसम के अनुरूप दिनचर्या अपनाकर ही इस कड़ाके की ठंड से खुद को सुरक्षित रखा जा सकता है।

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