सीएम नीतीश ने कल बुलाई कैबिनेट की बैठक, तीन नए विभागों समेत कई प्रस्तावों पर लगेगी मुहर
पटना। बिहार में नई सरकार के गठन के बाद विकास की रफ्तार तेज करने की दिशा में लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक बुलाई है, जिसमें राज्य में रोजगार सृजन और युवाओं को नए अवसर उपलब्ध कराने से जुड़े प्रस्तावों पर बड़ी मुहर लग सकती है। एनडीए की सत्ता में वापसी के बाद यह दूसरी कैबिनेट बैठक होगी, जिसे राजनीतिक और प्रशासनिक तौर पर बेहद अहम माना जा रहा है।
रोजगार पर विशेष फोकस
बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने युवाओं से जो बड़ा वादा किया था, उसका असर अब सरकारी तैयारियों में खुलकर दिखाई दे रहा है। उन्होंने घोषणा की थी कि अगले पांच वर्षों में राज्य में एक करोड़ नौकरी और रोजगार के अवसर पैदा किए जाएंगे। इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को हासिल करने के लिए अब सरकार तेजी से काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने अभी हाल ही में कहा था कि रोजगार सृजन के लिए तीन नए विभागों का गठन किया जाएगा। इन विभागों का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में नई संभावनाओं की पहचान करना, कौशल विकास को बढ़ावा देना और सरकारी व निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसरों का विस्तार करना होगा।
तीन नए विभागों पर लग सकती है मुहर
कैबिनेट बैठक में इन प्रस्तावित तीन नए विभागों के गठन को मंजूरी दिए जाने की पूरी संभावना है। माना जा रहा है कि
रोजगार एवं कौशल विकास विभाग, उद्यमिता संवर्धन विभाग, औद्योगिक विस्तार एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग जैसे विभागों पर चर्चा हो सकती है। इन विभागों के गठन से सरकार अपने रोजगार मिशन को अधिक संगठित और प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने की दिशा में कदम उठाएगी।
बैठक का समय और एजेंडा
कैबिनेट बैठक मंगलवार 9 दिसंबर को दोपहर 3:30 बजे मुख्य सचिवालय स्थित मंत्रिमंडल कक्ष में होगी। बैठक में रोजगार के अलावा आधारभूत संरचना, स्वास्थ्य, कृषि और औद्योगिक विकास से संबंधित प्रस्तावों को भी मंजूरी मिल सकती है। नई सरकार बनने के बाद यह दूसरी कैबिनेट बैठक है। इससे पहले 25 नवंबर को हुई बैठक में छह महत्वपूर्ण एजेंडों पर मुहर लगी थी।
विकास एजेंडे की दिशा स्पष्ट
नीतीश कुमार की यह सक्रियता बताती है कि सरकार अपने वादों को लेकर गंभीर है। एक करोड़ नौकरियों का लक्ष्य न सिर्फ बड़ा है बल्कि इसे हासिल करने के लिए सुव्यवस्थित रणनीति भी आवश्यक है। नए विभागों का गठन इसी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। पिछली बैठक में लिए गए निर्णयों से स्पष्ट हुआ कि सरकार कृषि, उद्योग, रोजगार और आधारभूत संरचना चार प्रमुख क्षेत्रों पर समानांतर रूप से काम करना चाहती है, ताकि राज्य के विकास में तेजी लाई जा सके।
युवाओं में उम्मीद की नई किरण
कैबिनेट की आगामी बैठक से राज्य के लाखों युवाओं को उम्मीद है कि रोजगार संबंधी योजनाओं को जल्द जमीन पर उतारा जाएगा। यदि नए विभागों के गठन को मंजूरी मिलती है, तो इससे नौकरियों की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और संगठित होगी। सरकार यह भी चाहती है कि युवाओं को सिर्फ सरकारी नौकरी ही न मिले, बल्कि निजी क्षेत्र और स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ें। औद्योगिक निवेश बढ़ने से राज्य में रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। मंगलवार की कैबिनेट बैठक बिहार के विकास पथ पर एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। यदि तीन नए विभागों के गठन को मंजूरी मिलती है, तो सरकार का रोजगार मिशन और अधिक मजबूत रूप में आगे बढ़ेगा। नई सरकार की दूसरी कैबिनेट बैठक से उम्मीदें कई गुना बढ़ गई हैं, और सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि सरकार किन प्रस्तावों पर अंतिम मुहर लगाती है और राज्य में विकास की रफ्तार किस तरह आगे बढ़ती है।


