February 23, 2026

बिहार में ‘मोन्था’ तूफान को लेकर अलर्ट जारी, 30 और 31 को भारी वर्षा, चलेगी तेज हवाएं

पटना। बिहार में इन दिनों मौसम का रुख लगातार बदल रहा है। बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवात मोन्था अब तूफ़ान का रूप ले चुका है, जिसका असर बिहार सहित कई राज्यों में देखने को मिल रहा है। राज्य के कई जिलों में बुधवार सुबह से ही बादल छाए रहे और कई जगह हल्की बारिश भी दर्ज की गई। मौसम विभाग ने आने वाले दो दिनों के लिए बिहार में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
कई जिलों में शुरू हुई हल्की बारिश
पटना समेत राज्य के आठ जिलों में हल्की बारिश दर्ज की गई। गोपालगंज, आरा, नालंदा, सुपौल, भागलपुर, लखीसराय और छपरा में बूंदाबांदी हुई। इससे तापमान में हल्की गिरावट महसूस की गई और मौसम में ठंडक बढ़ गई। राजधानी पटना में रात से बादल छाए हुए हैं और दिन भर हल्की बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
मौसम विभाग का चेतावनी अलर्ट
मौसम विभाग ने 30 और 31 अक्टूबर के लिए बिहार में भारी बारिश की संभावना जताई है। 30 अक्टूबर को राज्य के सात जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। 31 अक्टूबर को पटना सहित पांच जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें अधिक बारिश और तेज़ हवाओं की चेतावनी शामिल है। इन दो दिनों में कई क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। साथ ही, आंधी बारिश के दौरान बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है।
तूफ़ान मोन्था की दिशा और गति
चक्रवात मोन्था ने मंगलवार सुबह आंध्र प्रदेश के मछलीपट्टनम तट को प्रभावित किया। वहां 90 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं और कई जगह भारी बारिश दर्ज की गई। इसके बाद यह तूफ़ान उत्तर दिशा की ओर बढ़ते हुए धीरे-धीरे कमजोर होगा, लेकिन इसका असर ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार तक रहेगा। जब यह बिहार पहुंचेगा, तब यह निम्न दबाव क्षेत्र में बदलकर बारिश कराएगा। बंगाल की खाड़ी में बनने वाले इस तूफ़ान का नाम थाईलैंड ने दिया है। थाई भाषा में मोन्था का अर्थ सुगंधित फूल होता है।
किन जिलों में होगी भारी बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के दक्षिणी और उत्तरी इलाकों में भारी से अति भारी बारिश हो सकती है। इनमें शामिल जिले हो सकते हैं। भागलपुर, सुपौल, गोपालगंज, सीतामढ़ी, कैमूर, औरंगाबाद, पटना (31 अक्टूबर को विशेष प्रभाव) इन क्षेत्रों में जलजमाव, नदियों के जलस्तर में वृद्धि और तारों के गिरने जैसी घटनाओं की संभावना बन सकती है।
किसानों के लिए महत्वपूर्ण सलाह
मौसम विभाग ने किसानों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। खेतों में तैयार पड़ी खरीफ की फसलों को जल्द काटकर सुरक्षित स्थानों पर रख लें। अनाज को खुले में न छोड़ें, उसे ढककर सुरक्षित रखें। सब्जी वाली फसलों की सिंचाई कुछ दिनों के लिए रोक दें ताकि बारिश से नुकसान न हो। जिन किसानों के खेत निचले इलाकों में हैं, वे जल भराव से बचने के उपाय पहले से कर लें। क्योंकि भारी बारिश से सब्जियां और धान की फसल सबसे अधिक प्रभावित हो सकती है।
आम लोगों के लिए सुरक्षा सुझाव
बारिश और हवा के साथ बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए लोगों को कुछ सावधानियाँ अपनाने की जरूरत है। आंधी बारिश के समय पेड़, बिजली के खंभे और खुले मैदान के पास खड़े न हों। घरों में रहें और अनावश्यक यात्रा से बचें। मोबाइल फोन या बिजली के किसी भी उपकरण का प्रयोग सावधानी से करें। कच्चे मकानों में रहने वाले लोग सुरक्षित स्थानों का विकल्प पहले से तय कर लें। इन सुझावों का पालन करके संभावित नुकसान से बचा जा सकता है।
बिहार के कई इलाकों में दिखने लगा असर
छपरा जिले के एकमा में आसमान में काले बादल छा गए और बारिश शुरू हो गई। पटना में भी सुबह से बूंदाबांदी जारी है। राजधानी में 31 अक्टूबर को सबसे अधिक प्रभाव होने की संभावना है, जिसको देखते हुए प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। इस बारिश के बाद बिहार में तापमान कम होगा और मौसम में ठंड बढ़ सकती है। इससे लोगों को सर्दियों की शुरुआत का एहसास भी होने लगेगा। चक्रवात मोन्था का असर बिहार में अब स्पष्ट दिखने लगा है। आने वाले दो दिनों में राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने की संभावना के मद्देनजर प्रशासन और आम जनता दोनों को सतर्क रहने की जरूरत है। किसानों और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष रूप से सावधानी बरतनी चाहिए। मौसम का यह बदलाव समय के साथ धीरे-धीरे ठंड को बढ़ावा देगा, जिससे मौसम में बड़ा परिवर्तन महसूस किया जाएगा।

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