February 24, 2026

आचार संहिता लागू होते ही एक्शन में आया प्रशासन, पटना में हटाए गए पोस्टर और बैनर, नगर निगम का अभियान शुरू

पटना। बिहार में विधानसभा चुनाव की घोषणा होते ही पूरे राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू कर दी गई है। इसके साथ ही जिला प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है और चुनावी माहौल को साफ-सुथरा बनाए रखने के लिए पटना समेत विभिन्न स्थानों से लगे राजनीतिक पोस्टर और बैनरों को हटाने का अभियान शुरू हो गया है।
चुनावी शेड्यूल की घोषणा
बिहार में चुनाव दो चरणों में होने वाला है। पहला चरण 6 नवम्बर को होगा और दूसरा चरण 11 नवम्बर को। इसके बाद 14 नवम्बर को मतगणना की जाएगी और उसी दिन चुनाव परिणाम भी घोषित किए जाएंगे। चुनाव आयोग ने जैसे ही इसकी घोषणा की, वैसे ही राज्य में आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो गई। चुनावी आचार संहिता का उद्देश्य निष्पक्ष चुनाव कराना और सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग को रोकना है।
आचार संहिता लागू होते ही कार्रवाई
चुनाव आयोग द्वारा आचार संहिता लागू होते ही पटना में जिला प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी। जिन जगहों पर चुनाव प्रचार से जुड़े पोस्टर, बैनर या होर्डिंग लगे हुए थे, वहां तेजी से इन्हें हटाया जाने लगा। इसके लिए नगरपालिका, पुलिस विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम मौके पर उतरी। प्रशासन ने अलग-अलग इलाकों में मजदूरों को लगाया गया, ताकि जल्द से जल्द सभी प्रचार सामग्री को हटाया जा सके।
अधिकारियों की मौजूदगी में पोस्टर हटाने की प्रक्रिया
पोस्टर और बैनर हटाने की इस प्रक्रिया में मजिस्ट्रेट, एसडीएम और नगर कार्यपालक पदाधिकारी मौजूद रहे ताकि कार्रवाई में किसी तरह की बाधा न आए। पुलिस भी साथ रही जिससे कानून व्यवस्था बनी रहे। प्रशासन ने विशेष रूप से यह ध्यान रखा कि किसी भी राजनीतिक दल के चिह्न, नेताओं की तस्वीर या प्रचार सामग्री सार्वजनिक स्थानों पर न दिखाई दे।
नगर निगम का विशेष अभियान
नगर निगम ने इसे एक अभियान के रूप में लिया और अपने-अपने क्षेत्रों में लगे पोस्टर-बैनरों को एक-एक करके हटाना शुरू कर दिया। अस्पताल प्रबंधन ने भी अपने परिसरों में लगे राजनीतिक बैनरों को हटाने की कार्रवाई की। प्रशासनिक टीम अलग-अलग वार्डों में जाकर सड़कों, चौराहों, संस्थानों और बाजारों में चिपकाए गए पोस्टरों को साफ कर रही है। यह कदम चुनावी प्रचार के दौरान नैतिकता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए उठाया गया है।
तेजी से काम करने का निर्देश
जिला प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि सारी प्रचार सामग्री जल्द से जल्द हटाई जाए। इसके लिए टीमों को आनन-फानन में तैनात किया गया। प्रशासन ने साफ कर दिया कि आदर्श आचार संहिता के नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा और किसी भी तरह की उल्लंघन की स्थिति में कार्रवाई होगी।
निष्पक्ष माहौल बनाने की कोशिश
इस तरह की कार्रवाइयों का मकसद यह होता है कि चुनाव के दौरान सभी राजनीतिक दलों को बराबरी का मौका मिले और सरकारी या सार्वजनिक संपत्ति का उपयोग प्रचार के लिए न किया जाए। बैनर और पोस्टर हटाने से शहर की दृश्यता भी साफ-सुथरी रहती है, जिससे मतदाताओं पर किसी तरह का दबाव या प्रभाव न पड़े।
प्रशासन की सक्रियता
पटना में जिस रफ्तार से प्रचार सामग्री हटाई गई, उसने स्पष्ट कर दिया कि प्रशासन इस बार चुनावी आचार संहिता को लेकर काफी गंभीर है। यह सक्रियता न केवल पटना बल्कि पूरे बिहार में देखने को मिली, जहां जिलाधिकारी और अन्य प्रशासनिक अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में इसी तरह का अभियान चला रहे हैं। इस प्रकार, बिहार में विधानसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता साफ दिखाई दी। पोस्टर और बैनर हटाने की यह कार्रवाई चुनावी प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के प्रयास का हिस्सा है, ताकि क्षेत्र में चुनाव शांतिपूर्ण और नियमों के अनुसार संपन्न हो सके।

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