राजद विधायक प्रहलाद यादव की तबीयत बिगड़ी, पुत्र के निधन से गहरा आघात, अस्पताल में भर्ती
लखीसराय। सूर्यगढ़ा क्षेत्र से आरजेडी विधायक प्रहलाद यादव पर एक के बाद एक दुखद घटनाओं ने गहरा असर डाल दिया है। उनके बेटे विनय कुमार का निधन पटना के रूबन मेमोरियल अस्पताल में इलाज के दौरान हो गया। इस दुखद खबर से परिवार और समर्थक गहरे सदमे में डूब गए। बेटे की मौत की सूचना जैसे ही विधायक प्रहलाद यादव तक पहुंची, उनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्हें भी तुरंत अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। विनय कुमार अपने मिलनसार, सरल और सहज व्यक्तित्व के लिए जाने जाते थे। करीब डेढ़ साल पहले ही उनकी शादी हुई थी और उनकी गोद में मात्र सात-आठ महीने की बेटी है। अपने छोटे जीवनकाल में ही उन्होंने सामाजिक और राजनीतिक सरोकारों में सक्रिय भूमिका निभाई थी। उनके स्वभाव की विनम्रता और दूसरों की मदद करने की प्रवृत्ति ने उन्हें न केवल व्यक्तिगत स्तर पर प्रिय बनाया, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी सम्मान दिलाया। विनय कुमार का अचानक जाना परिवार और उनके परिचितों के लिए अपूरणीय क्षति है। लोग मानते हैं कि उनका व्यक्तित्व इलाके के युवाओं के लिए प्रेरणादायक था। उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उनके निधन की खबर मिलते ही उनके गांव और आस-पास के क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई। छोटे-बड़े हर वर्ग के लोग भावुक होकर उन्हें याद कर रहे हैं। विनय के निधन से परिवार टूट गया है। विधायक प्रहलाद यादव के लिए यह गहरी चोट साबित हुई और वे मानसिक व शारीरिक रूप से इस सदमे को सहन नहीं कर पाए। उन्हें भी तुरंत अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। डॉक्टरों के अनुसार उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है, लेकिन दुख से उनका मनोबल काफी गिरा हुआ है। विनय पीछे अपनी पत्नी और 7-8 महीने की बेटी को छोड़ गए। परिवार और समाज अब इस बात को लेकर दुखी है कि इतनी कम उम्र की बच्ची ने पिता का साया खो दिया। यह स्थिति पूरे परिवार के लिए बेहद पीड़ादायक है। विनय कुमार केवल अपने पिता की वजह से पहचाने नहीं जाते थे, बल्कि उन्होंने खुद भी समाज में अपनी अलग पहचान बनाई थी। उनके सरल व्यवहार के कारण उन्हें हर वर्ग के लोग पसंद करते थे। राजनीतिक हलकों में भी वे प्रिय थे, और लोग मानते हैं कि उनके भीतर नेतृत्व क्षमता थी। उनके निधन की खबर सुनकर आरजेडी कार्यकर्ताओं के बीच गहरा शोक व्याप्त है। पार्टी के नेताओं से लेकर सामान्य कार्यकर्ता तक हर कोई इसे एक बड़ी क्षति बता रहा है। स्थानीय समाज भी मानता है कि इस तरह की ऊर्जावान और सकारात्मक सोच वाले युवा की कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी। विनय के निधन की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में समर्थक और क्षेत्रवासी अस्पताल पहुंच गए। हर कोई हैरान था कि सहज, मददगार और हमेशा सक्रिय रहने वाला युवा इस तरह अचानक चला जाएगा। समर्थकों की आंखों में आंसू थे और वे उनके छोटे-छोटे योगदानों को याद कर रहे थे। विनय की आकस्मिक मौत को राजनीतिक और सामाजिक दोनों ही दृष्टिकोण से अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। परिवार को साधारण शब्दों में दिलासा देना मुश्किल है। एक पुण्यात्मा, एक अच्छे बेटे, एक प्यारे पिता और समाजसेवी का जाना एक ऐसा खालीपन छोड़ गया है, जिसे भरा नहीं जा सकता। लखीसराय से लेकर पटना तक, पूरे इलाके में शोक का वातावरण है। लोगों का मानना है कि विनय जैसा सहज और सजग व्यक्ति बार-बार जन्म नहीं लेता। उनके योगदानों को लंबे समय तक याद रखा जाएगा। आरजेडी विधायक प्रहलाद यादव के बेटे विनय कुमार का निधन न केवल परिवार के लिए बल्कि पूरे समाज और राजनीति के लिए भी गहरा आघात है। उनकी मौत ने एक ऐसी ऊर्जा, एक ऐसा उत्साह और एक प्रेरणा को छीन लिया है जिसकी कमी की भरपाई मुश्किल है। विधायक प्रहलाद यादव पर यह दुखद हादसा दोहरा बोझ बनकर टूटा है—बेटे की असमय मौत और खुद की बिगड़ती तबीयत। फिलहाल पूरे परिवार और समर्थक इस गहरे दुख में विनय कुमार की यादों को संजोकर उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं।


